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एसआईआर प्रक्रिया ‘अमानवीय’, कल कोर्ट में दाखिल करूंगी याचिका, ममता बनर्जी की धमकी

5 Jan, 2026 5:50 pm
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SIR Controversy 2026 Mamata Banerjee Threat to Go To Court

दक्षिण 24 परगना के सागर द्वीप में कार्यक्रम को संबोधित करतीं बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी. फोटो : पीटीआई

SIR Controversy 2026: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को चुनाव आयोग का ‘अमानवीय’ आचरण करार देते हुए कहा है कि वह मंगलवार को कोर्ट में इसके खिलाफ याचिका दाखिल करेंगी. ममता बनर्जी ने कहा है कि बुजुर्गों और गंभीर रूप से बीमार लोगों को अपनी नागरिकता साबित करने के लिए लाइन में खड़ा होने के लिए मजबूर किया जा रहा है.

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SIR Controversy 2026: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 से पहले जारी मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की प्रक्रिया को प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अमानवीय आचरण करार दिया है. मुख्यमंत्री ने सोमवार को कहा कि वह बंगाल में एसआईआर के दौरान किये गये ‘अमानवीय’ आचरण के खिलाफ अदालत जायेंगीं.

भय, उत्पीड़न और प्रशासनिक मनमानी से कई लोगों की हुई मौत – ममता बनर्जी

गंगासागर मेला 2026 से पहले दक्षिण 24 परगना जिले के सागर द्वीप में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया से जुड़े भय, उत्पीड़न और प्रशासनिक मनमानी के कारण कई लोगों की मौत हो चुकी है. कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है.

मंगलवार को कोर्ट में दाखिल करेंगे याचिका – ममता बनर्जी

ममता बनर्जी ने कहा- हम एसआईआर के कारण हुए अमानवीय व्यवहार और इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत के खिलाफ अदालत में मंगलवार को याचिका दायर करेंगे. उन्होंने कहा कि यदि अनुमति मिली, तो वह सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर एक आम नागरिक के रूप में इस अमानवीय प्रक्रिया के खिलाफ आवाज उठायेंगी. ममता बनर्जी ने कहा कि वह एक प्रशिक्षित वकील भी हैं.

SIR Controversy 2026: एसआईआर के खिलाफ कौन दाखिल करेगा याचिका?

हालांकि, ममता बनर्जी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि याचिका वह दायर करेंगी, पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से दायर की जायेगी या तृणमूल कांग्रेस याचिकाकर्ता बनेगी. टीएमसी सुप्रीमो ने आरोप लगाया कि बिना वैध कारणों के मतदाता सूची से नामों को ‘मनमाने ढंग से’ हटाया जा रहा है. इससे विधानसभा चुनावों से पहले एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया डर पैदा करने वाली प्रक्रिया बन गयी है.

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लाइन में खड़ा होना पड़ रहा गंभीर रोगों से पीड़ित लोगों और बुजुर्गों को

तृणमूल कांग्रेस की सर्वोच्च नेता ने दावा किया कि गंभीर रोग से ग्रसित लोगों और बुजुर्ग नागरिकों को यह साबित करने के लिए लंबी कतारों में खड़े होने के लिए मजबूर किया जा रहा है कि वे वैध मतदाता हैं. मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि अगर कोई भाजपा नेताओं के बूढ़े माता-पिता को पहचान साबित करने के लिए लाइन में खड़ा कर दे, तो उन्हें कैसा लगेगा?

भाजपा शासित राज्यों में बांग्ला भाषी प्रवासी श्रमिकों से हो रहा भेदभाव- ममता

ममता बनर्जी ने भाजपा शासित राज्यों में बांग्ला भाषी प्रवासी श्रमिकों के साथ कथित भेदभाव का भी आरोप लगाया. मुख्यमंत्री ने कहा- मैं चुनौती देती हूं. वे मुझे जान से मार डालें, लेकिन मैं अपनी मातृभाषा बोलना बंद नहीं करूंगी. ममता ने यह भी पूछा कि क्या देश में बांग्ला बोलना अपराध बन गया है?

बीजेपी चुनाव के पहले 10 हजार रुपए देती है, बाद में लोगों के घरों पर बुलडोजर चलवाती है – ममता बनर्जी

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) चुनाव से पहले लोगों को प्रलोभन देती है. चुनाव जीतने के बाद दमनकारी कार्रवाई करती है. वे चुनाव से पहले 10,000 रुपए देते हैं और चुनाव जीतने के बाद लोगों के घरों पर बुलडोजर चला देते हैं. बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा- आप जितना चाहें, उतना अत्याचार कर सकते हैं, लेकिन इससे कोई फायदा नहीं होगा.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवरेज करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है

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