रांची-हजारीबाग में जलापूर्ति काम अंतिम चरण में, पर NOC के फेर में अटकी कई शहरों की पाइपलाइन
झारखंड के कई शहरों में जलापूर्ति का काम अंतिम चरण में
Jharkhand Water Supply: झारखंड सरकार ने 49 शहरी निकायों के लिए 'जलापूर्ति सैचुरेशन प्लान' तैयार किया है. 2026-27 में 2000 करोड़ की लागत से रांची समेत 10 शहरों की योजनाएं पूरी होंगी. पढ़ें, पूरी खबर.
रांची से विवेक चंद्रा की रिपोर्ट
रांची : झारखंड सरकार ने राज्य के सभी शहरी परिवारों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए व्यापक जलापूर्ति सैचुरेशन प्लान तैयार किया है. राज्य के 49 शहरी निकायों में वर्तमान में 47 फीसदी घरों तक पाइपलाइन के माध्यम से जलापूर्ति पहुंच चुकी है, जबकि शेष 53 फीसदी परिवारों को इस सुविधा से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है. राज्य के शहरी क्षेत्रों में कुल 15.20 लाख परिवार निवास करते हैं. इनमें से 7.21 लाख परिवारों को नल जल कनेक्शन उपलब्ध कराया जा चुका है. वहीं 7.99 लाख परिवार अभी भी जलापूर्ति नेटवर्क से बाहर हैं.
10.25 लाख नये कनेक्शन देने का लक्ष्य
सरकार ने सभी शहरी परिवारों तक जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 10,25,574 नये जल कनेक्शन देने का लक्ष्य निर्धारित किया है. इसके लिए विभिन्न योजनाओं के तहत कुल 48 परियोजनाओं को स्वीकृति दी गयी है. इन परियोजनाओं के माध्यम से अब तक 2,21,240 नये कनेक्शन दिये जा चुके हैं, जबकि 8,04,334 कनेक्शन देने की प्रक्रिया जारी है.
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विभिन्न योजनाओं के तहत चल रहा काम
अमृत योजना के तहत छह परियोजनाओं में 3,17,570 कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है. इनमें से 1,11,530 कनेक्शन दिये जा चुके हैं. एशियाई विकास बैंक और विश्व बैंक से वित्त पोषित पांच परियोजनाओं के तहत 1,25,862 कनेक्शन का लक्ष्य है, जिनमें अब तक 13,422 कनेक्शन दिये गये हैं. राज्य संपोषित 20 परियोजनाओं के तहत 3,91,640 कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है. इनमें 96,288 कनेक्शन उपलब्ध कराये जा चुके हैं. वहीं, अमृत 2.0 के तहत स्वीकृत 17 परियोजनाओं में 1,90,502 कनेक्शन देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इन योजनाओं पर कार्य प्रारंभ होना बाकी है.
2026-27 में 10 शहरों की योजनाएं पूरी करने का लक्ष्य
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने लगभग 2000 करोड़ रुपये की लागत से 10 शहरी निकायों में जलापूर्ति परियोजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य रखा है. इनमें राजमहल, बासुकीनाथ, गढ़वा, देवघर, दुमका, रांची, कोडरमा, मंझिआंव, हुसैनाबाद और मेदिनीनगर शामिल हैं. इसके अलावा बरहरवा, चास चरण-दो और गिरिडीह चरण-दो में 515 करोड़ रुपये की लागत से नयी जलापूर्ति योजनाएं शुरू की जायेंगी.
कई बड़ी परियोजनाएं अंतिम चरण में
अमृत योजना के तहत संचालित प्रमुख परियोजनाओं में रांची जलापूर्ति योजना चरण-एक का 83 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है. हजारीबाग जलापूर्ति योजना में 81 फीसदी और आदित्यपुर जलापूर्ति योजना में 76 फीसदी कार्य पूर्ण हो चुका है. वहीं धनबाद जलापूर्ति योजना के प्रथम चरण में 67 फीसदी काम पूरा किया जा चुका है.
एनओसी में देरी बनी चुनौती
राज्य सरकार की कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं रेलवे, एनएचएआई और वन विभाग से एनओसी नहीं मिलने के कारण प्रभावित हो रही हैं. रांची जलापूर्ति योजना चरण-एक में 10.4 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने का कार्य एनएचएआई की अनुमति के अभाव में लंबित है. इसी प्रकार कोडरमा और धनबाद की जलापूर्ति योजनाओं में रेलवे क्रॉसिंग से संबंधित अनुमति नहीं मिलने के कारण कार्य की गति प्रभावित हुई है. सरकार ने इन अंतर-विभागीय मुद्दों के समाधान के लिए नियमित समीक्षा की व्यवस्था की है ताकि राज्य में शत-प्रतिशत शहरी जलापूर्ति कवरेज के लक्ष्य को समय पर हासिल किया जा सके.
मुख्य तथ्य
- राज्य के 49 शहरी निकायों में 15.20 लाख परिवार निवास करते हैं.
- 7.21 लाख परिवारों को नल जल कनेक्शन मिल चुका है.
- वर्तमान जलापूर्ति कवरेज 47 फीसदी है.
- 7.99 लाख परिवारों को अभी जोड़ा जाना है.
- 10.25 लाख नये कनेक्शन देने का लक्ष्य.
- 48 जलापूर्ति परियोजनाओं पर कार्य जारी.
- 2026-27 में 10 शहरों की योजनाएं पूरी करने का लक्ष्य.
- एनएचएआई, रेलवे और वन विभाग से एनओसी में देरी सबसे बड़ी चुनौती.
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By Sameer Oraon
समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.
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