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Jharkhand News: हजारीबाग के आरा गांव में नीलगाय का उत्पात, खेतों में लगे गेहूं और सरसों की फसल को किया बर्बाद

Updated at : 07 Feb 2023 1:35 PM (IST)
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Jharkhand News: हजारीबाग के आरा गांव में नीलगाय का उत्पात, खेतों में लगे गेहूं और सरसों की फसल को किया बर्बाद

हजारीबाग की डाढा पंचायत अंतर्गत आरा गांव में इन दिनों जंगली नीलगाय का आतंक है. जंगल से निकलकर नीलगाय का झुंड गांव से सटे खेतों में लगे गेहूं और सरसों की फसल को चट कर जा रहे हैं. इससे किसानों को काफी नुकसान हो रहा है. किसानों ने मुआवजे की मांग की है.

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Jharkhand News: गढ़वा में तेंदुए के आंतक को लोग भूल भी नहीं पाये थे कि इन दिनों हजारीबाग के विभिन्न गांवों में नीलगाय ने उत्पात मचा रखा है. जंगलों के बीच बसी डाढा पंचायत के आरा गांव में इन दिनों जंगली नीलगाय का आतंक है . जंगल से निकलकर नीलगाय का झुंड गांव से सटे खेतों में लगे गेहूं और सरसों का फसल को खा जा रहे हैं. इस कारण नीलगायों के आतंक से आरा गांव के किसान परेशान हैं.

किसानों ने की मुआवजे की मांग

इस संबंध में ग्रामीण किसानों ने वन प्रमंडल पदाधिकारी हजारीबाग को आवेदन देकर नुकसान हुए फसल का मुआवजा की मांग की है. किसानों का कहना है नीलगाय का झुंड रात को जंगल से निकलकर गेहूं और सरसों की फसल को खा जाते हैं और रौंद देते हैं. जिससे किसानों को काफी नुकसान पहुंचा है.जिन किसानों का फसल बर्बाद हुआ है उसमें सुनील कुमार पांडेय, विपिन कुमार पांडेय, रामजी दास, पंकज दास, दीपक दास , निर्मल दास , शंभू दास , सुलोचना देवी, कुमकुम देवी , अशोक मेहता , कृष्णा मेहता समेत अन्य किसान के नाम शामिल है.

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गढ़वा में तेंदुआ का आतंक

दूसरी ओर, बता दें कि झारखंड के गढ़वा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में तेंदुए के आतंक से ग्रामीण परेशान हैं. गढ़वा के दक्षिणी क्षेत्र के चार प्रखंडों के करीब 100 गांव के ग्रामीण एक महीने से अधिक समय से तेंदुए को लेकर परेशान हैं. इनमें जिले के चिनिया, रमकंडा, रंका और भंडरिया प्रखंड के ग्रामीण शामिल हैं. इस इलाके से तेंदुआ ने अभी तक तीन बच्चों को मार डाला है और एक दर्जन से ऊपर पशुओं को या तो शिकार बनाया है या उसको मार डाला है. एक बड़े इलाके के ग्रामीण तेंदुए के आतंक से दहशत के साये में जी रहे हैं. तेंदुए को पकड़ने या मारने के लिए हैदराबाद से स्पेशल टीम भी आयी. संभावित स्थानों पर कैज और कैमरे लगाए, लेकिन अब तक तेंदुआ हाथ नहीं लगा है. तेंदुए के पकड़ में नहीं आने से लोग अभी डरे और सहमे हैं.

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