10.3 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

6 हजार में बिकी गुमला के असुर जनजाति की नाबालिग बेटी, अब दिल्ली का नाम सुनते ही सहम जाती है पीड़िता

jharkhand news: गुमला के असुर जनजाति की एक नाबालिग बेटी दिल्ली में 6 हजार रुपये में बिकी. 5वीं में पढ़नेवाली पीड़िता परिवार की गरीबी के कारण मानव तस्कर के बहकावे में आकर पैसा कमाने दिल्ली चली गयी थी. पुलिस ने समय रहते रेस्क्यू किया. यहां आने पर पीड़िता ने अब कभी दिल्ली नहीं जाने की बात कही.

Jharkhand news: गुमला जिला अंतर्गत घाघरा प्रखंड के तेंदार पाकरकोना गांव की असुर जनजाति नाबालिग (16 वर्ष) को पुलिस ने दिल्ली से मुक्त कराकर शनिवार को गुमला लेकर पहुंची. लड़की को सीडब्ल्यूसी, गुमला को सौंप दिया गया. अभी नाबालिग को सीडब्ल्यूसी के संरक्षण में गुमला के बालगृह में रखा गया है. नाबालिग को मानव तस्कर ने एक साल पहले दिल्ली में एक घर में काम करने के लिए 6 हजार रुपये में बेच दिया था.

अब कभी नहीं जायेगी दिल्ली

लड़की की उम्र 16 साल है, लेकिन उसके आधार कार्ड में फेर-बदलकर उसकी उम्र अधिक बताकर घरेलू काम में रखा गया था. दिल्ली से मुक्त होकर गुमला पहुंची लड़की ने बताया कि उसे तेंदार गांव का एक मानव तस्कर दिल्ली ले गया था. जहां उसे काम करने के लिए 6 हजार रुपये में बेच दिया. इसके बाद मानव तस्कर वहां से वापस गुमला आ गया था. उसने कहा कि अब वह दिल्ली नहीं जायेगी.

गरीबी के कारण दिल्ली गयी थी

असुर जनजाति लड़की ने बताया कि वह पांचवीं कक्षा में पढ़ती है. लॉकडाउन में स्कूल बंद है. वह दो वर्षों से घर पर बेकार बैठी हुई थी. मोबाइल नहीं रहने के कारण वह ऑनलाइन पढ़ाई भी नहीं कर पा रही थी. मोबाइल खरीदने के लिए उसके माता-पिता के पास पैसा भी नहीं है. पिता खेती-बारी कर परिवार की जीविका चलाते हैं. लड़की ने बतायी कि वे लोग 6 भाई-बहन है. वह घर में सबसे बड़ी है. घर की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण वह मानव तस्कर के बहकावे में आकर पैसा कमाने दिल्ली चली गयी थी.

Also Read: Jharkhand news: डायन बिसाही मामले में वृद्ध महिला की हत्या, गुमला के सिसई क्षेत्र से एक आरोपी गिरफ्तार
क्या कहते हैं CWC के अधिकारी

गुमला सीडब्ल्यूसी के चेयरमैन कृपा खेस ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने लड़की को एक घर से मुक्त करायी है. इसके बाद लड़की को गुमला लाया गया. लड़की का बयान लिया गया है. उसके परिजनों से संपर्क कर उन्हें बुलाकर लड़की को परिवार को सौंपा जायेगा. वहीं, सीडब्ल्यूसी सदस्य धनंजय मिश्रा ने कहा कि असुर जनजाति की बच्चियां मानव तस्करी की शिकार अधिक होती है. मानव तस्करों को चिह्नित कर उनलोगों को जेल भेजने की जरूरत है. इसके लिए प्रशासन को कड़ा कदम उठाना चाहिए.

रिपोर्ट : दुर्जय पासवान, गुमला.

Prabhat Khabar Digital Desk
Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel