Asha Bhosle :सिंगर हरिहरण ने बताया आशा दीदी ने कई दशकों तक आइसक्रीम नहीं खायी थी..

सिंगर कंपोजर हरिहरण ने लीजेंडरी सिंगर आशा भोसले से अपने चार दशक पुराने एसोसिएशन को याद करते हुए कई बातें इस इंटरव्यू में सांझा की
asha bhosle :सुरों की मल्लिका आशा भोसले हमारे बीच नहीं रहीं. गायक,कम्पोजर हरिहरण ने आशा भोंसले के साथ अपनी चार दशक पुरानी बॉन्डिंग को याद करते हुए कहा कि आशा जी ने संगीत और हिंदुस्तान को जो दिया है.वह हम कभी भूल नहीं सकते हैं. वो हमेशा हमारे साथ रहेंगी. उनकी आवाज हमारे साथ है. उनका जज्बा हमारे साथ है.जो आनेवाली पीढ़ियों को भी संगीत से जोड़ेगा. उर्मिला कोरी से हुई बातचीत
गायकी की हर विधा में महारत
आशा जी कमाल की गायिका होने के साथ कमाल की स्टूडेंट भी थी. अपने आपको वह किसी रंग में ढाल सकती थी. यह बहुत बड़ा टैलेंट था. ग़ज़ल,कव्वाली,कैबरे, क्लासिकल, पॉप हर विधा में उन्हें महारत हासिल थी. उन्होंने जिस तरह से गीतों के साथ बोल्ड एक्सपेरिमेंट किया है. वह उनके रेंज को और दर्शाता है. उन्होंने 90 साल की उम्र में भी स्टेज शो किया और लोगों को परफॉरमेंस के दौरान खुद से जोड़े रखा.यह बात कितने फनकार कर सकते हैं.
80 के दशक से साथ था
मैं आशा जी के साथ साल 1982 से जुड़ा हुआ था. कोलकाता में हुए एक स्टेज शो में उनके साथ पहली बार परफॉर्म किया था. “आजा आजा “गीत था.उस स्टेज शो में मेरा सोलो गीत भी था “हमें तुमसे प्यार कितना “को गाया था. उन्हें मेरी आवाज में वह गीत बहुत पसंद आया था. उन्होंने और पंचम दा दोनों ने तारीफ़ की थी. एक सायकोलॉजिकल स्ट्रेंथ मिलती है, जब संगीत के लीजेंडस आपके लिए अच्छा बोले.उसके बाद हमारा समय के साथ पारिवारिक रिश्ता बनता चला गया. वह मेरी शादी में पंचम दा के साथ आयी थी और मुझे हाथ की घडी गिफ्ट थी, जो आज भी मेरे पास है.मेरी माँ और पत्नी अक्सर उन्हें साड़ियां गिफ्ट करते थे. जिन्हे वह बहुत ख़ुशी से पहनती थी. उन्होंने मेरे बेटे के लिए भी फिल्म ब्लैक होम्स में प्लेबैक सिंगिंग की.
आशाजी ने गजल एलबम कम्पोज करने को कहा था
आशाजी और मेरा ग़ज़ल एलबम आबशार ए ग़ज़ल साल 1985 में रिलीज हुआ था. वह ग़ज़ल के आइकोनिक एलबम में से एक माना जाता है. एलबम के लिए उन्होंने मुझे खुद कम्पोज करने को कहा था. मराठी में उन्होंने मुझे कहा था कि तुम मेरे लिए एक ग़ज़ल एलबम कम्पोज करोगे.मुझे और क्या चाहिए था. उस एलबम ने मेरे करियर को एक अलग ही दिशा दी. जिस पैशन से उन्होंने उन ग़ज़लों को गाया था.वह मेरे लिए प्राइसलेस था.
हमेशा युवा सिंगर्स को मोटिवेट करती
आशा दीदी बहुत नरम दिल की इंसान थी. जब भी वह युवा सिंगर्स से मिलती थी. उन्हें हमेशा अच्छा करने के लिए मोटिवेट करती थी. वह ज़रूर कहती कि प्रैक्टिकल रहो. अच्छा व्यवहार करो. तुम्हे जरूर तरक्की मिलेगी. बहुत पॉजिटिव लेडी थी. गाने को लेकर भी वह समझाती कि कैसे गाना है. माइक के सामने में ऐसे रहो. जैसा गाना है. वैसा चेहरा बनाओ। ख़ुशी का गाना है तो हल्का स्माइल करके गाओ. ऐसे ऐसे टिप्स देती थी. एंडिंग नोट क्लियर होना चाहिए. उसको खाना नहीं है. वजन देकर गाओ. मुँह खोलकर गाओ. ताकि लफ्ज साफ़ निकले. ये सब वह समझाती थी.
प्रोफेशनलिज़्म की बड़ी सीख मिली थी
एक बार हम एक गाने की रिकॉर्डिंग कर रहे थे. एकदम खत्म होने से ठीक पहले लास्ट में कुछ रह गया था. फिर रिकॉर्डिंग ये सोचकर मैं बेचैन हो गया था. मेरे चेहरे को देखकर वह समझ गयी.उन्होंने माइक बंद करवाया और मुझे साइड में बुलाया और कहा कि मुझे पता है कि तुम बोर हो गए लेकिन प्रोफेशनलिज्म क्या है कि तुम्हे वही १०० प्रतिशत देना है. जिस जोश से तुमने पांच घंटे इस गाने को पहले शुरू किया था. मुझे बहुत शर्मिंदगी महसूस हुई. उनकी इस बात को मैंने गांठ बाँध ली.
रियाज और रिहर्सल को बहुत महत्व देती थी
सभी को ये बात पता है कि वह 90 की उम्र में भी रियाज करती थी.वह रिहर्सल को महत्व देती थी. लाइव रिकॉर्डिंग का ज़माना था तो वह रिहर्सल भी खूब करती थी.संगीत की आइकॉन थी लेकिन जब तक गाने का हर ख़म और पेंच उन्हें जुबानी याद ना हो जाए. वह रिकॉर्डिंग नहीं करती थी. रिहर्सल कई बार तीन से चार बार तक चलती रहती थी. जब सबकुछ याद हो जाता था तो वह गाने की रिकॉर्डिंग करती थी फिर रूकती नहीं थी.
डांटती भी प्यार से थी
आशा जी हमेशा तारीफ करती थी. ऐसा भी नहीं था. कुछ मौकों पर उन्हें मेरी आवाज स्टेज शो में पसंद भी नहीं आयी तो वह यह शिकायत भी करती थी कि अरे तेरा गला आज अच्छे से नहीं लगा. बड़े प्यार से डांटती भी थी. वह परिवार की तरह ख्याल रखती थी. कई बार मैं उनके साथ विदेश म्यूजिकल टूर पर गया हूँ. परिवार की तरह ध्यान रखती थी. युवा था तो वह मुझे समझाती रहती थी। टाइम से सो जाना. इधर उधर मत जाना. जैसे एक बड़ी बहन आपका ख्याल रखती है।
आइसक्रीम नहीं खाती थी
आशा जी सुरों के साथ साथ कुकिंग में भी महारत हासिल थी. खाना खाने और खिलाने दोनों की बहुत शौक़ीन थी. वह हमेशा ढेर सारा खाना प्लेट में डाल देती थी और बोलती थी तू यंग है.खाओ सब. अभी तेरा दिन है. वह कोयले के सिगड़ी में कुछ स्पेशल डिसेज बनाती थी.मटन उनके हाथ का कमाल होता था.जिसने भी खाया है.वह भूल नहीं सकता है. आमतौर पर सिंगर्स खाने में बहुत चीजों से परहेज करते हैं लेकिन वह सब कुछ खाती थी.खट्टा ,तीखा सब. मुझे भी बोलती भी थी तुम भी सब खाओ, लेकिन रियाज जमकर करो. हां उन्हें आइसक्रीम शूट नहीं होता था.उसको नहीं खाती थी. कई दशकों तक उन्होंने आइसक्रीम चखी भी नहीं थी.उनकी वजह से मैंने भी आइसक्रीम से दूरी बना ली. गला बैठ जाता है.
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लेखक के बारे में
By Urmila Kori
I am an entertainment lifestyle journalist working for Prabhat Khabar for the last 14 years. Covering from live events to film press shows to taking interviews of celebrities and many more has been my forte. I am also doing a lot of feature-based stories on the industry on the basis of expert opinions from the insiders of the industry.
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