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फिल्‍म रिव्‍यू : नकाब उठाती ''रहस्य''

Updated at : 30 Jan 2015 4:24 PM (IST)
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फिल्‍म रिव्‍यू : नकाब उठाती ''रहस्य''

II अनुप्रिया अनंत II फिल्म : रहस्य कलाकार : टिस्का चोपड़ा, केके मेनन, आशीष विद्यार्थी रेटिंग : 2.5 स्टार निर्देशक : मनीष गुप्ता मनीष गुप्ता की फिल्म रहस्य की कहानी बहुत हद तक आरुषि हत्याकांड पर आधारित है. वर्ष 2008 में एक चिकित्सक दंपत्ति द्वारा अपनी इकलौती बेटी व नौकर की हत्या हुई थी. नूपुर […]

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II अनुप्रिया अनंत II

फिल्म : रहस्य

कलाकार : टिस्का चोपड़ा, केके मेनन, आशीष विद्यार्थी

रेटिंग : 2.5 स्टार

निर्देशक : मनीष गुप्ता

मनीष गुप्ता की फिल्म रहस्य की कहानी बहुत हद तक आरुषि हत्याकांड पर आधारित है. वर्ष 2008 में एक चिकित्सक दंपत्ति द्वारा अपनी इकलौती बेटी व नौकर की हत्या हुई थी. नूपुर और राजेश तलवार दिल्ली के रहनेवाले थे. आरुषि हत्याकांड में पहले मामला सामने आया था कि हत्या नौकर ने किया है और फिर वह फरार हो गया.

लेकिन बाद में सीबीआई के तेज तर्रार ऑफिसर एजीएल कॉल की वजह से सच्चाई सामने आयी. भयावह सच्चाई यह थी कि नौकर का मर्डर कर उसे घर के फ्लैट में ही दफन कर दिया गया था. मनीष गुप्ता ने कहानी का आधार वही रखा है. मगर स्थान, किरदारों में थोड़ी तब्दीली कर कहानी को नया मोड़ दिया है.

कहानी को पूरी तरह से सत्य घटनाओं पर आधारित न रख कर उसमें फिक्‍शन के कई अंश जोड़े गये हैं. थ्रीलर के रूप में यह दर्शकों को लुभाने में कई हद तक कामयाब हो सकती है. चूंकि फिल्म के कई पहलू रोचक हैं. लेकिन थ्रिलर का निर्माण करते हुए निर्देशक यह भूल जाते हैं कि वर्तमान में दर्शक काफी समझदार हो चुके हैं और वे कई बातों का अनुमान लगा लेते हैं.

ऐसे में फिल्म में वह रुचि खोती चली जाती है. हालांकि फिल्म के कलाकारों केके मेनन, आशीष विद्यार्थी और टिस्का ने बेहतरीन अभिनय किया है. केके मेनन सीबीआइ ऑफिसर की भूमिका में सार्थक नजर आये हैं. फिल्म उन्हीं के कंधों पर है.कुछ दृश्य वाकई रोचक हैं, जो इसे थ्रिलर का रूप देते हैं. मगर चूंकि विषय और अंत पहले से ज्ञात है. सो, इसे और अधिक रोचक तरीके से प्रस्तुत किया जा सकता था. फिल्म के माध्यम से एक महत्वपूर्ण से नकाब इस लिहाज से उठता है कि जब व्यक्ति पर गुस्सा सवार हो तो वह किस तरह अपनों को भी नहीं बख्शता.

किस तरह मानव के दिमाग में क्रूरता हावी हो जाती है कि वह अपनी इकलौती बेटी को भी बेरहमी से मारने में हिचकता नहीं. फिल्म यह भी संदेश देती है कि किसी भी व्यक्ति पर अत्यधिक भरोसा करना सही नहीं. साथ ही यह भी बड़े उद्योगपति व पेज 3 से जुड़े लोग गुनाह करने के बाद भी निशाने पर गरीब व्यक्ति पर ही रखते हैं और वे खुद बाइज्जत बरी हो जाते हैं.

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