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‘पानीपत'' के खिलाफ हरियाणा में जाटों का प्रदर्शन

Updated at : 11 Dec 2019 9:28 AM (IST)
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‘पानीपत'' के खिलाफ हरियाणा में जाटों का प्रदर्शन

चंडीगढ़ : जाटों के एक प्रमुख संगठन द्वारा आशुतोष गोवारिकर की फिल्म ‘‘पानीपत” के प्रदर्शन पर रोक लाये जाने की मांग के एक दिन बाद समुदाय के कई सदस्यों ने मंगलवार को हरियाणा में कई स्थानों पर प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि फिल्म में जाट शासक महाराजा सूरजमल को गलत तरीके से चित्रित किया […]

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चंडीगढ़ : जाटों के एक प्रमुख संगठन द्वारा आशुतोष गोवारिकर की फिल्म ‘‘पानीपत” के प्रदर्शन पर रोक लाये जाने की मांग के एक दिन बाद समुदाय के कई सदस्यों ने मंगलवार को हरियाणा में कई स्थानों पर प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि फिल्म में जाट शासक महाराजा सूरजमल को गलत तरीके से चित्रित किया गया है.

हरियाणा के फरीदाबाद, बल्लभगढ़ और कैथल सहित कई स्थानों पर प्रदर्शन किये गए. इससे पहले अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने आरोप लगाया था कि फिल्म में ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है.

रोहतक में सोमवार को कोर समिति की बैठक हुई और संगठन ने हरियाणा सरकार से फिल्म पर रोक लगाये जाने और फिल्म निर्माता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने की मांग की. हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने मंगलवार को कहा कि ऐतिहासिक पात्रों पर फिल्म बनाने वाले निर्माताओं को उन पात्रों से जुड़े सभी ऐतिहासिक तथ्यों का पता लगाना चाहिए जिन्हें वे अपनी फिल्म में दिखाने वाले हैं.

विज ने कहा, ‘बेहतर होगा यदि फिल्म निर्माता ऐसे विषयों पर जाने माने इतिहासकारों से मशविरा लें, विवादों से बचने और जन भावनाएं आहत होने से बचने के लिए यही एकमात्र तरीका है.” फिल्म के खिलाफ प्रदर्शनों पर टिप्पणी पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सभी को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने का लोकतांत्रिक अधिकार है लेकिन किसी को भी कानून अपने हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा. हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी कहा कि फिल्म निर्माताओं को ऐतिहासिक पात्रों पर फिल्में बनाने से पहले उचित तरीके से अनुसंधान करना चाहिए.

हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता हुड्डा ने कहा, ‘मैं यह बात केवल इस फिल्म के संबंध में नहीं कह रहा हूं. मैं कहूंगा कि किसी भी फिल्म निर्माता को व्यावसायिक लाभ के लिए ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़ मरोड़कर पेश नहीं करना चाहिए. महाराजा सूरजमल एक बहादुर और उदार शासक के रूप में जाने जाते हैं. इस तरह के विषयों पर कोई भी फिल्म बनाये जाने से पहले, निर्माताओं को ऐतिहासिक तथ्यों की अच्छी तरह से पुष्टि कर लेनी चाहिए.”

फिल्म पर रोक लगाने की मांगों के बारे में पूछे जाने पर हुड्डा ने कहा, ‘आपत्तिजनक दृश्यों को फिल्म से हटा दिया जाना चाहिए.’ इससे पहले यशपाल मलिक ने आरोप लगाया था कि अर्जुन कपूर और कृति सैनन अभिनीत फिल्म में भरतपुर के राजा महाराजा सूरजमल को गलत तरीके से चित्रित किया गया है. यह फिल्म मराठों और अफगान राजा अहमद शाह अब्दाली के बीच 1761 में हुई पानीपत की तीसरी लड़ाई पर आधारित है.

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