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खास बातचीत: बोलीं श्रीदेवी की बेटी जाह्नवी- जैसा प्यार लोगों ने मां को दिया, मुझे भी दें

Updated at : 18 Jul 2018 8:09 AM (IST)
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खास बातचीत: बोलीं श्रीदेवी की बेटी जाह्नवी- जैसा प्यार लोगों ने मां को दिया, मुझे भी दें

लीजेंडरी अभिनेत्री श्रीदेवी की बेटी जाह्नवी कपूर मराठी की आइकॉनिक फिल्म सैराट के हिंदी रीमेक धड़क से हिंदी सिनेमा में अपनी शुरुआत करने जा रही हैं. वह फिल्मों को बहुत खास माध्यम करार देती हैं. उन्हें खुशी है कि वह इस प्रोफेशन का हिस्सा हैं, जो लोगों की जिंदगी और सोच को प्रभावित करता है. […]

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लीजेंडरी अभिनेत्री श्रीदेवी की बेटी जाह्नवी कपूर मराठी की आइकॉनिक फिल्म सैराट के हिंदी रीमेक धड़क से हिंदी सिनेमा में अपनी शुरुआत करने जा रही हैं. वह फिल्मों को बहुत खास माध्यम करार देती हैं. उन्हें खुशी है कि वह इस प्रोफेशन का हिस्सा हैं, जो लोगों की जिंदगी और सोच को प्रभावित करता है. प्रस्तुत है जाह्नवी कपूर से उर्मिला कोरी की हुई बातचीत के प्रमुख अंश.

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-‘सैराट’ का हिंदी रीमेक ‘धड़क’ आॅफर होने से पहले क्या आपने सैराट देखी थीं?
हां, मैंने देखी थी पहले, लेकिन जब करण ने धड़क से मेरी लांचिंग के बारे में कहा तो पापा ने फिल्म नहीं देखी थी जिस वजह से करण ने हमारे लिए एक ट्रायल रखा था. मुझे अब भी याद है. वे ट्रायल देखने के बाद मैं तो बहुत खुश थी . मैंने पहले भी फिल्म देखी थी. इस बार देखते हुए जेहन में था कि मुझे इसे जीने और नये तरीके से क्रिएट करने का मौका मिलेगा. पापा बहुत इमोशनल हो गये थे. मॉम की आंखें भी नम थी. दोनों ने एक दूसरे को गले लगाकर रोया था वह दोनों बहुत इमोशनल हो गये थे.

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-‘धड़क’‘सैराट’ से कितनी अलग होगी?
सैराट की दुनिया अलग है और धड़क की अलग. सैराट की कहानी महाराष्ट्रा से थी और धड़क की राजस्थान. हमारे किरदार अलग हैं. उनकी परवरिश अलग है. जिस तरह से वे पले बढ़े हैं. वो अलग है. दर्शकों के लिए यह फिल्म काफी अलग होगी. मैं फिलहाल इससे ज्यादा नहीं बोल सकती हूं. अब दर्शक फिल्म देखने के बाद खुद ही तय करें.

-सैराट बहुत सफल फिल्म रही है. शूटिंग के वक्त जेहन में क्या कुछ चल रहा था‍?
मैं जब शूटिंग कर रही थी तब मैं सैराट के बारे में बिल्कुल भी नहीं सोच रही थी. मेरा इस बात पर फोकस था कि हमारी फिल्म में किस तरह से कहानी को कहा जायेगा. मेरा किरदार पार्थवी का कैसा होगा. हम किस तरह से फिल्म में अलग मूवमेंट क्रिएट करेंगे मन में यही सब चल रहा था.

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-आप फिल्म रिलीज होने से पहले ही स्टार बन चुकी हैं. लोग आपको सोशल मीडिया पर लगातार फॉलो करते हैं लेकिन निजी जिंदगी में आपकी निजता खत्म हो गयी है?
मैं स्टार नहीं एक्टर बनना चाहती हूं. हां मीडिया मेरा लगातार पीछा कर रही है. थोडा अजीब लगता है. जब मैं उदयपुर धड़क के पहले शूटिंग शेड्यूल के लिए गयी थी. वहां हमें लोग नहीं जानते थे तो वहां शूटिंग के पहले या बाद मैं जब भी मौका मिलता था. मैं बाहर घूमने चली जाती थी. लोगों से मिलती थी. सेकेंड शेड्यूल तक जब हम कलकता पहुंचे तो वो करना मुश्किल था.

-कैमरा फेस करने से पहले कितनी तैयारी कर रखी थी?
एक्टिंग कोर्स, जिम जाना. ये सब आम ही है. वैसे जितना भी ट्रेनिंग करो. काफी नहीं होता है. सेट पर एक्टिंग करना बिल्कुल अलग होता है. ममा के अनुभवों से यही सीखा था कि एक्टिंग तैयारी से ज्यादा ईमानदारी और शिद्दत से जीने का नाम है. मैंने धड़क के दौरान वही किया. वैसे हर किरदार एक एक्टर को बहुत कुछ सीखा जाता है क्योंकि उनकी दुनिया हमारी दुनिया से अलग होती है. धड़क में अपने किरदार पार्थवी के लिए मेवाडी सीखी. उदयपुर और राजस्थान के कल्चर और लोगों के बारे में भी सीखा और जाना. वहां के खाने के बारे में बहुत कुछ सीखा है. मैं बहुत बड़ी फूड़ी हूं तो खाने का जमकर लुफ्त उठाया.

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-आपकी मां की पसंदीदा फिल्में आपकी कौन सी रही हैं?
ममा ने साढ़े तीन सौ फिल्मों में काम किया है. जिसमें से मैंने पांच ही फिल्में देखी है. सदमा, मिस्टर इंडिया, मॉम, इंग्लिश विंग्लश. सदमा मुझे काफी पसंद है. ममा का जो बॉडी आॅफ वर्क है. उसे देखने और समझने के लिए मुझे लगता है कि मेरी ये जिंदगी कम पड़ जायेगी.

-एक्टिंग के अलावा क्या चीजें आपको खुशी देती हैं.
मुझे ट्रैवल करना काफी पसंद है. मुझे नये लोगों से मिलना पसंद है. सोशलाइजिंग में अच्छी नहीं हूं, लेकिन हां वन एन वन लोगों से मिलना जुलना बातें करना अच्छा लगता है. हर इंसान से कुछ नया सीखने को मिलता है. मुझे फिल्में देखना पसंद है. मैं हॉलीवुड से ज्यादा क्षेत्रीय फिल्में देखती हूं. हाल ही में बांग्ला फिल्म चारुलता देखी. क्षेत्रीय फिल्मों से हमें हमारे देश के अलग-अलग कल्चर को जानने का मौका मिलता है. वैसे भी आपकी जड़े क्या हैं, ये सबसे पहले हमें मालूम होनी चाहिए.

-श्रीदेवी की आप बेटी हैं लोगों को आपसे बहुत उम्मीदें हैं.
मुझे पता है कि उनसे मेरी तुलना होगी ही फिर चाहे मैंने कभी भी कोशिश न की हो कि मुझे उनकी तरह एक्टिंग करनी है या उनसे अलग एक्टिंग करना है हां मैं चाहती हूं कि जैसा प्यार लोगों ने मां को दिया था. मुझे भी दें. ये आसान नहीं होगा. मुझे बहुत मेहनत करनी होगी, लेकिन मैं इसके लिए तैयार हूं.

-फिल्म की रिलीज के बाद क्या आप खुद को रिलैक्स करने के लिए छोटा सा ब्रेक लेंगी?
फिलहाल मेरा फोकस धड़क पर है. मैंने अभी कोई भी फिल्म साइन नहीं की है.

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