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तगड़ी छलांग! रैंक 501 से सीधा Rank 33, IAS नवनीत से जानें UPSC का मंत्र

Updated at : 21 Oct 2025 11:10 PM (IST)
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IAS Navneet Mann

IAS Navneet Mann (Image: Instagram)

IAS Navneet Mann Success Story: UPSC की तैयारी कोई आसान सफर नहीं होता, लेकिन जब जुनून और लगन मिल जाएं तो नामुमकिन भी मुमकिन हो जाता है. IAS नवनीत मान की कहानी इसी बात का जीता-जागता सबूत है. पंजाब की रहने वाली नवनीत ने न सिर्फ यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा को दो बार क्रैक किया बल्कि दूसरी बार में अपनी रैंक को 501 से सीधा 33 तक पहुंचा दिया.

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IAS Navneet Mann Success Story: कहते हैं सफलता उन्हीं को मिलती है जो हार मानना नहीं जानते. IAS नवनीत मान ने इस बात को सच साबित किया है. उन्होंने UPSC परीक्षा में पहले प्रयास में 501वीं रैंक पाई, लेकिन रुकने का नाम नहीं लिया. दोबारा कोशिश की और दूसरी बार सीधे 33वीं रैंक हासिल कर IAS बन गईं. उनकी यह यात्रा हर उस उम्मीदवार के लिए प्रेरणा है जो सिविल सर्विस का सपना देखता है.

IAS Navneet Mann Success Story: कौन हैं नवनीत मान?

नवनीत मान मूल रूप से पंजाब की रहने वाली हैं, लेकिन उनकी पूरी पढ़ाई दिल्ली में हुई. उनके पिता सुखदेव सिंह मान दिल्ली पुलिस में इंस्पेक्टर हैं, जिन्होंने हमेशा अपनी बेटी को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. नवनीत बचपन से ही पढ़ाई में काफी तेज थीं. उन्होंने दिल्ली की इंदिरा गांधी टेक्निकल यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की और इसके बाद IIM से एमबीए की डिग्री हासिल की.

LBSNAA में IAS नवनीत

MBA की पढ़ाई के दौरान ही नवनीत के मन में यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा देने का विचार आया. उन्होंने सोचा कि अगर कुछ बड़ा करना है तो देश की सेवा से बड़ा मंच कोई नहीं. इसलिए उन्होंने एमबीए के साथ ही यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी. उनका टाइम मैनेजमेंट और स्ट्रॉन्ग फोकस उनकी सबसे बड़ी ताकत रहे.

पहला प्रयास और 501वीं रैंक

पहले ही प्रयास में नवनीत को यूपीएससी परीक्षा में सफलता मिली और उन्होंने 501वीं रैंक हासिल की. बहुतों के लिए यह बड़ी उपलब्धि होती, लेकिन नवनीत को लगा कि अभी उनका लक्ष्य बाकी है. वो IAS बनना चाहती थीं. इसलिए उन्होंने ठान लिया कि दोबारा परीक्षा देंगी और इस बार कोई कसर नहीं छोड़ेंगी.

दूसरे प्रयास में नवनीत मान ने वही कर दिखाया जिसका सपना उन्होंने देखा था. उन्होंने सीधी 33वीं रैंक हासिल की और IAS के पद के लिए चयनित हो गईं. नवनीत का कहना है कि UPSC में सफलता का सबसे बड़ा मंत्र है- लगातार मेहनत, आत्मविश्वास और रणनीति.

उनका मानना है कि तैयारी के दौरान खुद की तुलना दूसरों से नहीं करनी चाहिए बल्कि हर दिन खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करनी चाहिए. उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि UPSC कोई डरने वाली परीक्षा नहीं है, बस धैर्य और समर्पण से पढ़ाई करनी होती है.

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Ravi Mallick

लेखक के बारे में

By Ravi Mallick

रवि मल्लिक पिछले 7 सालों से डिजिटल पत्रकारिता से जुड़े हैं. स्कूली शिक्षा से लेकर नौकरी तक की खबरों पर काम करना पसंद है. युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना अच्छा लगता है. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE और NEET एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में जानना पसंद है. युवाओं को प्रेरित करने के लिए उनके बीच के मुद्दों को उठाना और सही व सटीक जानकारी देना ही उनकी प्राथमिकता है.

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