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कम उम्र में शादी, पति की मौत के बाद टूटा दुखों का पहाड़, बच्चे को संभालते हुए अंजू बनीं DSP

Updated at : 30 Oct 2025 5:03 PM (IST)
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DSP Anju Yadav Success Story

Success Story: DSP Anju Yadav की फोटो (Image: Instagram)

DSP Anju Yadav Success Story: सफलता की राह आसान नहीं होती, लेकिन अगर हौसले बुलंद हों तो मंजिल खुद रास्ता दिखा देती है. ऐसी ही कहानी है अंजू यादव की, जिन्होंने साधारण किसान परिवार से निकलकर राजस्थान पुलिस सेवा में डीएसपी बनकर इतिहास रच दिया. हालांकि, उनका सफर काफी संघर्ष भरा रहा है.

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DSP Anju Yadav Success Story: अंजू यादव राजस्थान पुलिस सेवा में डीएसपी पद पर कार्यरत हैं. उनकी यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि मन में इच्छा और मेहनत करने का जज्बा हो, तो परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, इंसान अपने सपनों को जरूर पूरा कर सकता है. अंजू की कहानी (Success Story) उन सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा है जो किसी न किसी कारण से अपने सपनों से समझौता कर लेती हैं.

DSP Anju Yadav Success Story: कौन हैं अंजू यादव?

हरियाणा के नारनौल जिले के छोटे से गांव धौलेड़ा में 1988 में जन्मी अंजू यादव एक साधारण किसान परिवार से आती हैं. उनके पिता लालाराम यादव खेती के साथ दुकान चलाते थे, जबकि मां गृहिणी थीं. चार बेटियों के पालन-पोषण में कई चुनौतियां थीं, लेकिन उनके माता-पिता ने कभी बेटियों को बेटों से कम नहीं समझा.इसी परवरिश ने अंजू को आत्मनिर्भर और मजबूत बनाया.

सरकारी स्कूल से की थी पढ़ाई

गांव के सरकारी स्कूल से 12वीं तक पढ़ाई करने के बाद उन्होंने डिस्टेंस मोड से ग्रेजुएशन किया. करियर की शुरुआत शिक्षक के तौर पर की. अंजू ने अपनी मेहनत से तीन बार सरकारी टीचर की नौकरी हासिल की. 2016 में पहली बार मध्यप्रदेश के भिंड में जवाहर नवोदय विद्यालय में पढ़ाने लगीं. इसके बाद राजस्थान और दिल्ली के सरकारी स्कूलों में भी पढ़ाया. दिल्ली में उन्होंने करीब पांच साल तक बच्चों को पढ़ाया. इस दौरान उन्होंने बेटे की परवरिश और नौकरी दोनों साथ में किया.

DSP बनने के बाद अंजू यादव

ऐसे बनीं डीएसपी

लंबे संघर्ष, कड़ी मेहनत और अटूट हौसले के बाद आखिरकार सितंबर 2025 में अंजू यादव का सपना सच हो गया. इसी महीने उनकी पासिंग परेड हुई, जिसके साथ उन्होंने राजस्थान पुलिस सेवा में डीएसपी (Deputy Superintendent of Police) के रूप में अपनी नई यात्रा की शुरुआत की. वर्दी पहनने का वह पल उनके लिए केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, त्याग और धैर्य का परिणाम था.

21 साल में शादी, 24 में बनीं मां

21 साल की उम्र में अंजू की शादी हो गई और 24 साल में वो मां बनी. कम उम्र में ही उनके ऊपर बहुत सारी जिम्मेदारियां आ गईं. घर संभालना, परिवार का ख्याल रखना और बेटे की परवरिश- सब कुछ उन्हें ही करना था. ससुराल से मदद नहीं मिलने पर वो मायके लौट आईं. वहां भी जिंदगी आसान नहीं थी, लेकिन अंजू ने हार नहीं मानी.

2021 में पति नित्यानंद का बीमारी से निधन हो गया. अकेले बेटे और जिम्मेदारियों के बीच यह समय बेहद कठिन था, लेकिन अंजू ने इस दुख को अपनी ताकत बनाया. उसी साल राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) की परीक्षा का फॉर्म भरा. लगातार मेहनत की और 2023 में रिजल्ट आने पर विधवा कोटे से 1725वीं रैंक हासिल की.

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Ravi Mallick

लेखक के बारे में

By Ravi Mallick

रवि मल्लिक पिछले 7 सालों से डिजिटल पत्रकारिता से जुड़े हैं. स्कूली शिक्षा से लेकर नौकरी तक की खबरों पर काम करना पसंद है. युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना अच्छा लगता है. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE और NEET एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में जानना पसंद है. युवाओं को प्रेरित करने के लिए उनके बीच के मुद्दों को उठाना और सही व सटीक जानकारी देना ही उनकी प्राथमिकता है.

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