आंसर की में करेक्शन ने बनाया कबीर को Topper, 5 मार्क्स से छूट रहा था IIT का सपना 

Published by : Shambhavi Shivani Updated At : 18 Feb 2026 8:28 AM

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JEE Main Success Story (PC-Social Media)

JEE Main Success Story: कबीर दो सालों से कोटा में रहकर तैयारी कर रहे थे. कोटा उनके लिए टर्निंग प्वॉइंट साबित हुआ. उन्हें JEE Mains 2026 परीक्षा में 300 में 300 अंक मिले हैं.

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JEE Main Success Story: आजकल सभी एग्जाम में आंसर की जारी किया जाता है. इस आंसर पर अगर ऑब्जेक्शन हो तो स्टूडेंट्स बताते हैं और फिर इसे सही करके फाइनल आंसर की जारी किया जाता है. अब सोचिए अगर आंसर की करेक्शन किसी को टॉपर बना दे. हां, गुरुग्राम के रहने वाले कबीर चिल्लर (Kabir Chillar) के साथ ऐसा ही हुआ है.

कबीर चिल्लर को मिले 300 में से 300 अंक

कबीर छिल्लर को प्रोविजनल आंसर की के आधार पर 300 में से 295 अंक मिले थे. लेकिन उन्हें यकीन था कि आंसर की में करेक्शन होने पर उनके मार्क्स बढ़ेंगे और हुआ भी ऐसा ही. आंसर की में करेक्शन होने पर कबीर को पूरे 100 पर्सेंटाइल मिले. कबीर की दो सालों की मेहनत फाइनली रंंग लाई.

परिवार से मिली प्रेरणा

कबीर ऐसे परिवार से आते हैं जहां शिक्षा को हमेशा प्राथमिकता दी गई. उनके पिता ने IIT Kharagpur से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में BTech किया है. वे एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं. कबीर की मां स्कूल शिक्षिका हैं. ऐसे में कबीर के घर में हमेशा से शिक्षा का माहौल था.

IIT Bombay का है गोल

एक इंटरव्यू में कबीर ने बताया कि उनका पहला लक्ष्य IIT Bombay से बीटेक करना है. हालांकि, वे यहीं रुकने वाले नहीं हैं. इसके बाद वे अमेरिका के कैम्ब्रिज स्थित मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) में पढ़ाई करना चाहते हैं.

कोटा बना टर्निंग प्वॉइंट

कबीर दो सालों से कोटा में रहकर तैयारी कर रहे थे. कोटा उनके लिए टर्निंग प्वॉइंट साबित हुआ. कबीर ने तीनों सब्जेक्ट फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स की एक समान पढ़ाई की. कबीर रात करीब 1 बजे सोते थे और सुबह 6 बजे उठ जाते थे. हालांकि उनका पढ़ाई का समय तय नहीं था, लेकिन वे नियमित अभ्यास और निरंतरता पर भरोसा करते थे. बीच-बीच में माइंड को रिलैक्स करने के लिए दोस्तों और परिवार से बात करते थे. कबीर हमेशा से पढ़ने में अच्छे थे. उन्होंने 10वीं क्लास में 98 प्रतिशत हासिल किया था.

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शाम्भवी शिवानी डिजिटल मीडिया में पिछले 3 सालों से सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शिक्षा और रोजगार से जुड़ी खबरों की समझ रखने वाली शाम्भवी एग्जाम, सरकारी नौकरी, रिजल्ट, करियर, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी जैसे विषयों पर रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग करती हैं. सरल भाषा और जानकारी को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है. डिजिटल मीडिया में अपने करियर के दौरान शाम्भवी ने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्थाओं के साथ काम किया है. यहां उन्होंने एजुकेशन, युवा मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर कंटेंट तैयार किया. वर्तमान में प्रभात खबर के साथ जुड़कर वे खास तौर पर बोर्ड परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, सरकारी नौकरी, करियर ऑप्शंस और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज पर काम कर रही हैं. शाम्भवी की रुचि सिर्फ पत्रकारिता तक सीमित नहीं है. उन्हें सिनेमा और साहित्य में भी गहरी दिलचस्पी है, जिसका असर उनकी लेखन शैली में भी देखने को मिलता है. वे तथ्यों के साथ भावनात्मक जुड़ाव और मानवीय पहलुओं को भी अपनी स्टोरीज में जगह देने की कोशिश करती हैं. पटना में जन्मीं शाम्भवी ने Patna University से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. इसके बाद Indira Gandhi National Open University (IGNOU) से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. पत्रकारिता और जनसंचार की पढ़ाई ने उन्हें न्यूज राइटिंग, डिजिटल कंटेंट और ऑडियंस बिहेवियर की बेहतर समझ दी है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शाम्भवी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों तक सही, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.

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