Success Story: बिहार की बेटी ने अपने पिता की आखिरी इच्छा को जज बनकर किया पूरा, संघर्ष जानकर नम हो जाएंगी आंखें

Updated at : 06 Mar 2025 6:38 PM (IST)
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Success Story Of Divya Kumari From Aurangabad Bihar

Success Story Of Divya Kumari From Aurangabad Bihar

Bihar Success Story: बिहार की होनहार बेटी ने अपने पिता के गुजर जाने के बाद मुश्किल हालातों से जूझते हुए उनका आखिरी सपना पूरा किया, उनकी सफलता की कहानी आपके लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी.

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Success Story: बिहार के औरंगाबाद की रहने वाली होनहार बेटी दिव्या कुमारी की कहानी हौसले, संघर्ष और आत्मविश्वास की मिसाल है. एक बेटी, जिसने अपने पिता के सपने को पूरा करने के लिए हर मुश्किल को पार किया, जिसने जीवन के सबसे कठिन दौर में भी हार नहीं मानी, और जिसने यह साबित कर दिया कि सच्ची मेहनत और संकल्प से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है. बिहार के औरंगाबाद जिले की रहने वाली दिव्या कुमारी ने पहले ही प्रयास में बीपीएससी बिहार न्यायिक सेवा प्रतियोगिता में सफलता हासिल कर जज बनने का गौरव प्राप्त किया है. लेकिन उनकी इस सफलता के पीछे का संघर्ष दिल को झकझोर देने वाला है.

कोविड के दौरान पिता को खोया

दिव्या के पिता स्वर्गीय विजय सिंह का सपना था कि उनकी बेटी जज बने, लेकिन साल 2021 में कोविड महामारी के दौरान उनका निधन हो गया. पिता को खोने के बाद दिव्या पूरी तरह से टूट गईं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. दिव्या ने खुद से वादा किया कि वह अपने पिता के सपने को हर हाल में पूरा करेंगी. इस सफर में उन्हें उनके परिवार, खासकर उनकी मां का पूरा सहयोग और प्रोत्साहन मिला. मां ने हर कठिन परिस्थिति में दिव्या को संभाला, उन्हें हिम्मत दी और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी. दिव्या पांच बहनों और एक भाई के बीच पली-बढ़ी हैं. उनकी सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत है. अपने कठिन संघर्ष और अदम्य इच्छाशक्ति के बल पर दिव्या ने यह साबित कर दिया कि सच्ची लगन और मेहनत से कोई भी सपना साकार किया जा सकता है.

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मां का मिला सहयोग

दिव्या ने खुद से वादा किया कि वह अपने पिता के सपने को हर हाल में पूरा करेंगी. इस सफर में उन्हें उनके परिवार, खासकर उनकी मां का पूरा सहयोग और प्रोत्साहन मिला. मां ने हर कठिन परिस्थिति में दिव्या को संभाला, उन्हें हिम्मत दी और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी. दिव्या पांच बहनों और एक भाई के बीच पली-बढ़ी हैं. उनकी सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत है. अपने कठिन संघर्ष और अदम्य इच्छाशक्ति के बल पर दिव्या ने यह साबित कर दिया कि सच्ची लगन और मेहनत से कोई भी सपना साकार किया जा सकता है.

सोशल मीडिया से बनाई दूरी

दिव्या ने मीडिया से बातचीत करते हुए ये बताया था कि BPSC PCS (J) की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को सोशल मीडिया से कुछ दूरी बनाकर रखनी चाहिए, क्योंकि यह कई बार ध्यान भटकाने का कारण बन सकता है. प्रीलिम्स, मेंस और इंटरव्यू के दौरान सिलेबस पर केंद्रित रहना आवश्यक है, क्योंकि अधिकतर प्रश्न उसी से संबंधित होते हैं. यदि आप जज बनना चाहते हैं, तो LLB की पढ़ाई के दौरान ही गंभीरता से तैयारी शुरू कर दें, क्योंकि यही पांच वर्षों की पढ़ाई आपको न्यायिक सेवा में सफल होने में सहायता करेगी.

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By Pushpanjali

मेरा नाम पुष्पांजलि है और मैं पिछले दो साल से प्रभात खबर डिजिटल के साथ जुड़ी हूं. इस दौरान मैं फिल्म, टीवी और ओटीटी इंडस्ट्री से जुड़ी खबरों और ट्रेंड्स को कवर कर रही हूं. मेरा मुख्य फोकस ट्रेंडिंग अपडेट्स, फिल्म रिव्यू, और बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट्स पर रहता है. मैं हमेशा कोशिश करती हूं कि जटिल और तकनीकी खबरों को भी पाठकों के लिए सरल, रोचक और पठनीय अंदाज में प्रस्तुत किया जाए, ताकि वे न सिर्फ खबर को समझ सकें बल्कि उससे जुड़े भी महसूस करें.

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