51 की उम्र में सुरेश ने किया NEET क्वालीफाई, सड़क हादसे के बाद देखा डॉक्टर बनने का सपना
मेडिकल लैब का बैकग्राउंड और इनसेट में NEET UG क्रैक करने वाले सुरेश कुमार की फोटो (Image-Instagram and Canva)
NEET UG 2026 Success Story: 51 साल की उम्र में सुरेश कुमार ने NEET UG 2026 क्वालिफाई कर डॉक्टर बनने का अपना सपना पूरा किया. सड़क हादसे के बाद उन्होंने मेडिकल की पढ़ाई का फैसला लिया और नौकरी के साथ तैयारी कर सफलता हासिल की.
NEET UG 2026 Success Story: कहते हैं ना, कोई भी चीज सीखने की कोई उम्र नहीं होती है. इसी बात को प्रूव करते हुए तमिलनाडु के सुरेश कुमार ने 51 साल की उम्र में मेडिकल परीक्षा क्रैक की है. सुरेश कुमार ने दो PhD और MBA करने के बाद NEET UG 2026 में सफलता पाई है. आइए उनकी सक्सेस स्टोरी के बारे में जानते हैं.
NEET UG 2026 Score: क्या है NEET UG 2026 स्कोर?
तमिलनाडु के सुरेश कुमार ने NEET UG 2026 में 720 में से 192 अंक हासिल करके सरकारी MBBS सीट पाई है. उनकी यह सक्सेस स्टोरी लोखों स्टूडेंट्स के लिए एक बहुत बड़ी प्रेरणा है.
Suresh Educational Background: क्या है सुरेश का एजुकेशनल बैकग्राउंड?
HT की रिपोर्ट के मुताबिक, तमिलनाडु के नागपट्टिनम जिले के वेलंकन्नी के रहने वाले सुरेश कुमार ने 1992 में 12वीं पास की थी और तभी से वे मेडिकल की पढ़ाई करना चाहते थे. उन्होंने फार्माकोलॉजी में पोस्ट-ग्रेजुएट डिग्री पूरी की, फिर MBA किया और दो PhD हासिल की. वे अभी डायग्नोस्टिक्स इंडस्ट्री में काम करते हैं.
Suresh Medical Attempt: जानिए कितने अटेंप्ट के बाद पाई सफलता
मेडिकल एडमिशन के लिए उम्र की सीमा हटाए जाने के बाद सुरेश कुमार 2022 में पहली बार NEET UG परीक्षा में शामिल हुए, लेकिन सफल नहीं हो पाए. हालांकि, 2026 में 18 महीने की तैयारी के बाद उन्होंने फिर से मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम दिया और सफल रहे. उन्होंने 192 अंक हासिल किए और PwD कोटे के तहत नागपट्टिनम गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में सीट पाई.
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Suresh Study Routine: कितनी देर करते थे पढ़ाई?
फुल-टाइम नौकरी करते हुए भी सुरेश कुमार मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी करते रहे. वे रात में, अक्सर 10 बजे से आधी रात तक पढ़ाई करते थे. इसके अलावा वे सब्जेक्ट से जुड़े रहने के लिए अपने बेटे को बायोलॉजी भी पढ़ाते थे. वे नियमित रूप से पिछले सालों के प्रश्न-पत्रों का प्रैक्टिस करते थे और 2023 से 2025 के बीच अपनी पढ़ाई को पूरी तरह एनालाइज किए.
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NEET Exam Inspiration: कहां से डाॅक्टर बनने का जगा सपना?
NEET परीक्षा में शामिल होने की प्रेरणा सुरेश को एक सड़क दुर्घटना के बाद मिली, जिससे उनके चलने-फिरने की क्षमता पर असर पड़ा था. उनके परिवार, जिसमें उनकी पत्नी दुर्गा (जो एक टीचर हैं) भी शामिल हैं, ने कॉलेज लौटने के उनके फैसले का समर्थन किया है. ऐसी उम्र में जब बहुत से लोग रिटायरमेंट की योजना बनाना शुरू कर देते हैं. उस वक्त सुरेश ने पढ़ाई करने की सोंची और मेडिकल परीक्षा क्रैक की.
Suresh Family Background: क्या है सुरेश की फैमिली बैकग्राउंड?
सुरेश कुमार के दो बच्चे हैं. एक 8वीं और दूसरे 10वीं कक्षा में पढ़ते हैं. परीवार में सुरेश की 72 वर्ष की मां भी हैं. परिवार और बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी के साथ-साथ सुरेश ने अपनी पढ़ाई की और मेडिकल जैसी परीक्षा में सफलता हासिल की.
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By प्रगति सिन्हा
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