बांसगांव की SDM बिटिया का धाकड़ अंदाज, क्षिप्रा ऑफिसर बनते ही हटवाई गुटखे की दुकान

Updated:
विज्ञापन

SDM क्षिप्रा पाल की फोटो (Image: Instagram)

Success Story: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के बांसगांव की रहने वाली क्षिप्रा पाल सूर्यवंशी ने अपनी मेहनत और जज्बे से ऐसा मुकाम हासिल किया है, जिस पर पूरा गांव गर्व कर सकता है. यूपी पीसीएस परीक्षा में पहली ही कोशिश में सफलता हासिल कर उन्होंने SDM का पद पाया.

विज्ञापन

Success Story: क्षिप्रा पाल की SDM बनने की जर्नी बेहद रोचक है. खास बात यह है कि अधिकारी बनने के बाद क्षिप्रा ने अपने इलाके में स्कूल गेट के पास चल रही गुटखा और बीड़ी की दुकान को हटाने का निर्देश दिया. इसके बाद से ही क्षिप्रा यूपी की फेमस SDM में शामिल हो गईं. आइए उनकी जर्नी को करीब से जानते हैं.

Success Story Kshipra Pal: कौन हैं क्षिप्रा पाल

क्षिप्रा पाल मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले की रहने वाली हैं. उनका पैतृक गांव मुंडेरवा थाना क्षेत्र का बांसगांव है. क्षिप्रा की सफलता को लेकर उनके परिवार और गांव के लोगों में खासा उत्साह है. उन्होंने यूपी पीसीएस परीक्षा पास कर प्रशासनिक सेवा में जगह बनाई और SDM के पद पर तैनात हुईं.

पहले ही प्रयास में Rank 34

क्षिप्रा की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने पहली ही कोशिश में यूपी पीसीएस जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल की. उन्होंने परीक्षा में 34वीं रैंक हासिल की थी. यह उपलब्धि बताती है कि सही दिशा में तैयारी और लगातार मेहनत की जाए तो पहली कोशिश में भी बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है.

ये भी पढ़ें: UP PCS के लिए बेस्ट हैं ये 5 किताबें, घर बैठे कर सकते हैं तैयारी

पिता भी हैं IPS अधिकारी

क्षिप्रा पाल को देश सेवा का जज्बा परिवार से ही मिला है. उनके पिता ओमप्रकाश पाल छत्तीसगढ़ में IPS अधिकारी हैं. ऐसे माहौल में पली-बढ़ी क्षिप्रा ने बचपन से ही प्रशासन और सार्वजनिक सेवा को करीब से देखा.


SDM क्षिप्रा पाल के पिता IPS ओमप्रकाश पाल और माता (Image Instagram)
SDM क्षिप्रा पाल के पिता IPS ओमप्रकाश पाल और माता (Image Instagram)

हालांकि सिर्फ पारिवारिक माहौल के भरोसे कोई परीक्षा पास नहीं होती. क्षिप्रा ने अपनी पढ़ाई पर लगातार मेहनत की और अपनी अलग पहचान बनाई. उनके करियर की शुरुआत से ही पढ़ाई के प्रति गंभीरता नजर आती रही.

रायपुर से दिल्ली और फिर JNU तक पढ़ाई

क्षिप्रा पाल की स्कूलिंग छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में हुई. वह केंद्रीय विद्यालय की छात्रा रही हैं. स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफंस कॉलेज से ग्रेजुएशन किया.

ग्रेजुएशन के बाद क्षिप्रा ने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी यानी JNU से MA की पढ़ाई पूरी की. पढ़ाई के साथ उन्हें फोटोग्राफी और पेंटिंग का भी शौक है. यानी किताबों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के अलावा उनका रुझान कला और रचनात्मक गतिविधियों में भी रहा है.

SDM बनते ही लिया धाकड़ फैसला

अधिकारी बनने के बाद क्षिप्रा पाल का एक फैसला खास चर्चा में आया. उन्होंने स्कूल गेट के पास स्थित गुटखा और बीड़ी की दुकान को हटाने के निर्देश दिए. स्कूल के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री को लेकर हमेशा से सवाल उठते रहे हैं, क्योंकि इसका सीधा असर बच्चों और युवाओं पर पड़ सकता है.

ये भी पढ़ें: तिरोड़ा SDM का धाकड़ अंदाज, पूजा 22 की उम्र में बनीं डिप्टी कलेक्टर


विज्ञापन
रवि मल्लिक

लेखक के बारे में

By रवि मल्लिक

रवि मल्लिक पिछले 7 सालों से डिजिटल पत्रकारिता से जुड़े हैं. स्कूली शिक्षा से लेकर नौकरी तक की खबरों पर काम करना पसंद है. युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना अच्छा लगता है. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE और NEET एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में जानना पसंद है. युवाओं को प्रेरित करने के लिए उनके बीच के मुद्दों को उठाना और सही व सटीक जानकारी देना ही उनकी प्राथमिकता है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola