NCERT सिलेबस में बड़ा बदलाव, इन 3 असली Hero की कहानी पढ़ेंगे छात्र
Published by : Shambhavi Shivani Updated At : 08 Aug 2025 3:13 PM
NCERT Syllabus Changes
NCERT Syllabus Changes 2025: अब एनसीईआरटी की किताबों में असली हीरो की कहानी बताई जाएगी. दरअसल, अब फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ, ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान और मेजर सोमनाथ शर्मा की कहानियां छात्रों को पढ़ाई जाएगी. रक्षा मंत्रालय की ओर से इसकी घोषणा की गई. छात्रों को साहस, कर्तव्य और बलिदान की प्रेरणादायक कहानी बताई जाएगी.
NCERT Syllabus Changes 2025: एनसीईआरटी के सिलेबस में एक बार फिर बड़ा बदलाव हो सकता है. अब एनसीईआरटी की किताबों में असली हीरो की कहानी बताई जाएगी. दरअसल, अब फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ, ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान और मेजर सोमनाथ शर्मा की कहानियां छात्रों को पढ़ाई जाएगी. यह घोषणा केंद्र सरकार की ओर से की गई है.
War Heroes: कर्तव्य और बलिदान की कहानी से परिचित होंगे छात्र
रक्षा मंत्रालय की ओर से इसकी घोषणा की गई. इस कदम का उद्देश्य है छात्रों को साहस, कर्तव्य और बलिदान की प्रेरणादायक कहानियों से परिचित कराना. साथ ही युद्ध के हीरो (War Heroes) की कहानी बताना. अब सीबीएसई और अन्य स्कूलों में जहां एनसीईआरटी की किताबें पढ़ाई जाती हैं, उनके सिलेबस में बदलाव किया जाएगा.
एनसीईआरटी की किताबों में फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ, ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान और मेजर सोमनाथ शर्मा की कहानी बताई जाएगी. आइए, जानते हैं ये फेमस चेहरे कौन थे और भारत व समाज के लिए इन्होंने क्या योगदान दिया है.
Sam Manekshaw: फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ
फील्ड मार्शल मानेकशॉ, फील्ड मार्शल का पद पाने वाले भारत के पहले अधिकारी थे. उन्हें प्यार से ‘Sam Bahadur’ भी कहा जाता था. सैम बहादुर ने अपने करियर में 5 बड़े युद्ध में भूमिका निभाई थी.
सैम बहादुर ने किन पांच युद्ध में बड़ी भूमिका निभाई थी
- द्वितीय विश्व युद्ध
- 1947-48 का भारत-पाक युद्ध
- 1962 का भारत-चीन युद्ध
- 1965 और 1971 के भारत-पाक युद्ध
ऐसा माना जाता है कि उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि 1971 की युद्ध रही, जिसमें उनकी रणनीति और लीडरशिप के कारण भारत ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी और बांग्लादेश का जन्म हुआ.
Brigadier Mohammad Usman: ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान
ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान का जन्म 15 जुलाई 1912 को उत्तर प्रदेश के बीबीपुर में हुआ था. 3 जुलाई 1948 को वह जंग के मैदान में शहीद हो गए. ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान भारत के उन मुस्लिम सैनिकों में से एक थे, जिन्होंने 1947 के भारत-पाकिस्तान युद्ध (India Pakistan War) में अहम भूमिका निभाई थी. उन्होंने अपने जान की परवाह किए बिना इस युद्ध में अपनी अहम योगदान दिया था.
Somnath Sharma: मेजर सोमनाथ शर्मा
मेजर सोमनाथ शर्मा का जन्म 31 जनवरी 1923 को हुआ. वे 3 नवंबर 1947 को कश्मीर के बादगाम में शहीद हो गए. मेजर सोमनाथ शर्मा देश के पहले परमवीर चक्र विजेता थे, जो उन्हें मरणोपरांत दिया गया. उन्होंने श्रीनगर हवाई अड्डे की रक्षा के लिए अपनी पूरी कंपनी के साथ दुश्मनों से लोहा लिया. माना जाता है कि उनकी बहादुरी के कारण ही आज कश्मीर सुरक्षित है.
NCERT Syllabus Changes 2025: सिलेबस में क्या बदलाव हुआ?
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, NCERT ने अपने सिलेबस में तीन वीर सैनिकों की जिंदगी और उनके बलिदान की कहानियां जोड़ी जाएंगी. फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ की कहानी अब 8वीं कक्षा की उर्दू किताब में पढ़ाई जाएगी. ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान की कहानी 7वीं कक्षा की उर्दू किताब में होगी और मेजर सोमनाथ शर्मा की कहानी 8वीं कक्षा की अंग्रेजी की किताब में शामिल की जाएगी.
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