भारत का वो इकलौता राज्य, जहां 200 साल में भी अंग्रेज नहीं जमा सके कब्जा!

Published by : Shambhavi Shivani Updated At : 14 Feb 2026 1:46 PM

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Goa History

Goa History In Hindi: भारत का एक ऐसा राज्य जो अपने पर्यटन स्थल के लिए जाना जाता है. यहां 450 सालों तक पुर्तगाली शासक ने राज किया. लेकिन कभी भी अंग्रेज इस राज्य को गुलाम नहीं बना पाए.

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Goa History In Hindi: आज भारत एक स्वतंत्र देश है. एक ऐसा समय भी था जब भारत अंग्रेजों का गुलाम हुआ करता था. हालांकि, भारत का एक राज्य ऐसा है जो कभी गुलाम नहीं बना. आज इस राज्य में लाखों की संख्या में पर्यटक आते हैं. यहां के बीच (Beach) काफी सुंदर और आकर्षित करने वाले हैं.

भारत का ये राज्य कभी नहीं बना गुलाम

भारत 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश शासन से आजाद हुआ था. लेकिन भारत का एक राज्य ऐसा है जो ब्रिटिश शासन से हमेशा से आजाद ही था. हम बात कर रहे हैं गोवा के बारे में. गोवा पर लगभग 450 वर्षों तक पुर्तगालियों का शासन रहा, इसलिए यहां ब्रिटिश हुकूमत स्थापित नहीं हो सकी.

पशुराम की धरती कहलाता था ये राज्य

गोवा का इतिहास काफी पुराना है. आज भले ही यहां ईसाई धर्म के लोग रहते हैं. लेकिन पुरानी कथाओं के अनुसार, गोवा को भगवान परशुराम की भूमि माना जाता है. समय के साथ यहां विभिन्न राजवंशों का शासन रहा जैसे कि शिलाहार, कदंब, बहमनी, आदिलशाह. लेकिन 16वीं शताब्दी में पुर्तगाली व्यापारियों ने यहां कदम रखा और धीरे-धीरे अपना शासन स्थापित कर लिया.

450 साल गुलाम रहा गोवा

गोवा भारत की आजादी के बाद भी गुलाम रहा. पुर्तगाली शासन इस राज्य पर अपना नियंत्रण नहीं छोड़ना चाह रहे थे. गोवा पर 450 साल तक पुर्तगालियों ने शासन किया. ऐसे में 19 दिसंबर 1961 को भारतीय सेना ने ऑपरेशन विजय के तहत कार्रवाई कर गोवा को पुर्तगाली शासन से मुक्त कराया. इसके बाद गोवा को भारत में शामिल किया गया. पहले यह केंद्र शासित प्रदेश बना और 30 मई 1987 को इसे पूर्ण राज्य का दर्जा मिला.

टूरिस्ट के बीच गजब का क्रेज

गोवा अपने समुद्र तटों, चर्च और कल्चर के लिए फेमस है. गोवा की राजधानी पणजी अपनी नाइट लाइफ, कैसीनो और तरह-तरह के फेस्ट के लिए फेमस है. यहां पर शानदार सीफूड मिलते हैं. यहां कई सारे हिस्टॉरिकल स्पॉट भी हैं. गोवा का मार्केट भी बोहेमियन (Boho) ड्रेस और स्टाइलिश ऑर्नामेंट के लिए भी जाना जाता है.

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By Shambhavi Shivani

शाम्भवी शिवानी डिजिटल मीडिया में पिछले 3 सालों से सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शिक्षा और रोजगार से जुड़ी खबरों की समझ रखने वाली शाम्भवी एग्जाम, सरकारी नौकरी, रिजल्ट, करियर, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी जैसे विषयों पर रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग करती हैं. सरल भाषा और जानकारी को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है. डिजिटल मीडिया में अपने करियर के दौरान शाम्भवी ने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्थाओं के साथ काम किया है. यहां उन्होंने एजुकेशन, युवा मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर कंटेंट तैयार किया. वर्तमान में प्रभात खबर के साथ जुड़कर वे खास तौर पर बोर्ड परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, सरकारी नौकरी, करियर ऑप्शंस और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज पर काम कर रही हैं. शाम्भवी की रुचि सिर्फ पत्रकारिता तक सीमित नहीं है. उन्हें सिनेमा और साहित्य में भी गहरी दिलचस्पी है, जिसका असर उनकी लेखन शैली में भी देखने को मिलता है. वे तथ्यों के साथ भावनात्मक जुड़ाव और मानवीय पहलुओं को भी अपनी स्टोरीज में जगह देने की कोशिश करती हैं. पटना में जन्मीं शाम्भवी ने Patna University से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. इसके बाद Indira Gandhi National Open University (IGNOU) से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. पत्रकारिता और जनसंचार की पढ़ाई ने उन्हें न्यूज राइटिंग, डिजिटल कंटेंट और ऑडियंस बिहेवियर की बेहतर समझ दी है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शाम्भवी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों तक सही, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.

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