ePaper

CS की भीड़ से अलग, जानें फ्यूचर का सबसे सेफ करियर ब्रांच

Updated at : 21 Feb 2026 2:20 PM (IST)
विज्ञापन
BTech Environmental Engineering

BTech Environmental Engineering: स्टूडेंट की सांकेतिक फोटो (Freepik)

क्या आप कंप्यूटर साइंस की भीड़ से अलग कुछ करना चाहते हैं. जानें एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग क्या है. इस फील्ड में स्कोप, सैलरी और करियर के अवसर क्या-क्या होते हैं और साइंस के दौर में यह ब्रांच क्यों बन रही है फ्यूचर की पहली पसंद.

विज्ञापन

 BTech Environmental Engineering: आज के समय में ज्यादातर स्टूडेंट्स कंप्यूटर साइंस (CS) की ओर अट्रैक्ट हो रहे हैं. लेकिन बदलते एनवायरनमेंट, बढ़ते पॉल्यूशन और क्लाइमेट चेंज के बीच BTech एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग एक अच्छा करियर बनकर उभर रहा है. यह न केवल अच्छी नौकरी देता है, बल्कि सोसाइटी और नेचर के लिए भी यूजफुल है.

जहां एक तरफ आईटी सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ गवर्नमेंट और प्राइवेट कंपनियां एनवायरनमेंट प्रोटेक्शन, ग्रीन एनर्जी और सस्टेनेबल डेवलपमेंट पर बड़ा इंवेस्टमेंट कर रही हैं.  ऐसे में एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग फ्यूचर सस्टेनेबल और सेफ करियर विकल्प बनता जा रहा है. आइए जानते  BTech Environmental Engineering क्या है और यह कंप्यूटर साइंस से अलग कैसे है. 

 BTech Environmental Engineering क्या है ? 

Environmental Engineering इंजीनियरिंग की वह ब्रांच है, जिसमें एनवायरनमेंटल सेफ्टी, पॉल्यूशन कंट्रोल, वॉटर मैनेजमेंट और वेस्ट मैनेजमेंट जैसे सब्जेक्ट पर काम किया जाता है. इस कोर्स में स्टूडेंट्स पानी और हवा को पॉल्यूशन से कैसे बचाया जाए सिखाया जाता है. साथ ही इंडस्ट्रियल वेस्ट को कैसे मैनेज किया जाए, रीसाइक्लिंग और सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी का यूज करना बताते हैं. इसमें ग्रीन बिल्डिंग और क्लीन एनर्जी सिस्टम जैसे चीजें सीखते हैं. 

क्यों है यह सेफ करियर?

बढ़ती एनवायरनमेंटल प्रॉब्लम 

ग्लोबल वार्मिंग, वाटर क्राइसिस और पॉल्यूशन जैसी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं. भारत जैसे देशों में सरकार स्वच्छ भारत मिशन और नमामि गंगे जैसी योजनाओं पर काम कर रही है. इन स्कीम में Environmental Engineers की बड़ी जरूरत होती है. 

सरकारी और निजी सेक्टर में डिमांड 

एनवायरनमेंटल इंजीनियर्स की डिमांड पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड, जल संसाधन विभाग, नगर निगम, ग्रीन एनर्जी कंपनियां और कंसल्टेंसी फर्म जैसे सेक्टर में है. 

 विदेशों में अवसर

कई विकसित देशों में  एनवायरनमेंट प्रोटेक्शन पर सख्त कानून हैं, जिससे Environmental Engineers की डिमांड लगातार बनी रहती है. 

सैलरी और करियर ग्रोथ

एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग कोर्स करने के बाद शुरुआती सैलरी 3-6 लाख प्रतिवर्ष होती है. एक्सपिरियंस बढ़ने के बाद सैलरी 8 से 15 लाख प्रतिवर्ष हो सकती है. विदेश में इससे भी अधिक पैकेज एक्सपिरियंस और स्पेशलाइजेशन के साथ सैलरी और पोस्ट दोनों तेजी से बढ़ते हैं. 

BTech Environmental Engineering: टॉप कॉलेज

भारत में कई पॉपुलर इंस्टीट्यूट Environmental Engineering की पढ़ाई कराते हैं, जहां एडमिशन आमतौर पर JEE Main या JEE Advanced के माध्यम से होता है.

  • IIT दिल्ली 
  • IIT बॉम्बे 
  • Delhi Technological University
  • IIT कानपुर 
  • NIT त्रिची 
  • IIT मद्रास 

यह भी पढ़ें: क्या है Generative AI? जानिए ये कैसे बदल रही है हमारी डिजिटल दुनिया

विज्ञापन
Smita Dey

लेखक के बारे में

By Smita Dey

स्मिता दे प्रभात खबर में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के तौर पर काम कर रही हैं. बुक्स पढ़ना, डांसिंग और ट्रैवलिंग का शौक रखने वाली स्मिता युवाओं को बेहतर करियर गाइड करना और नौकरी के लिए प्रोत्साहित करना पसंद करती हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola