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Civil vs Mechanical Engineering: आपके करियर के लिए कौन-सी ब्रांच है सबसे बेस्ट? जानें

Updated at : 19 Feb 2026 8:35 PM (IST)
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Civil vs Mechanical Engineering

Civil vs Mechanical Engineering: युवक की सांकेतिक फोटो (Freepik)

Civil vs Mechanical Engineering: 12वीं के बाद इंजीनियरिंग में करियर को लेकर कंफ्यूजन में हैं. सिविल इंजीनियरिंग करें या मैकेनिकल इंजीनियरिंग. जानें कौन-सी ब्रांच आपके करियर के लिए बेहतर है.

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Civil vs Mechanical Engineering: इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स के बीच अक्सर यह सवाल रहता है कि Civil Engineering और Mechanical Engineering में से कौन-सी ब्रांच ज्यादा पॉपुलर है.  दोनों ही कोर इंजीनियरिंग ब्रांच हैं.  सालों से ये स्टूडेंट्स की पहली पसंद रही हैं.  एक तरफ सिविल इंजीनियरिंग देश के इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे सड़क, पुल और इमारतों के निर्माण से जुड़ी है. वहीं दूसरी तरफ मैकेनिकल इंजीनियरिंग मशीनों, इंजन और इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी टेक्नीक  का आधार माना जाता है. 

आज के समय में बदलती टेक्नोलॉजी, बढ़ते इंडस्ट्री और सरकारी प्रोजेक्ट्स के कारण दोनों सेक्टर में करियर के अच्छे अवसर मौजूद हैं.  ऐसे में सही ऑप्शन चुनने के लिए जानना बहुत जरूरी है. आइए जानते हैं इन दोनों कोर्स (Civil vs Mechanical Engineering) में क्या अंतर है. साथ ही नौकरी के अवसर, सैलरी और फ्यूचर ग्रोथ के मामले में कौन-सी ब्रांच आगे है. 

सिविल इंजीनियरिंग क्या है ? 

Civil Engineering इंजीनियरिंग की वह ब्रांच है, जो देश के इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण और रखरखाव से जुड़ी होती है.  इसमें सड़कें, पुल, इमारतें, बांध, नहरें, एयरपोर्ट, मेट्रो प्रोजेक्ट्स आदि का डिजाइन और  कंस्ट्रक्शन शामिल होती है. इस कोर्स में स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग, ट्रांसपोर्टेशन इंजीनियरिंग, जीओटेक्निकल इंजीनियरिंग और पर्यावरण इंजीनियरिंग सब्जेक्ट पढ़ाया जाता है. सिविल इंजीनियरिंग के बाद बिल्डिंग एंड कंस्ट्रक्शन कंपनियां, प्राइवेट इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां, मेट्रो एंड हाईवे प्रोजेक्ट्स और सरकारी विभाग जैसे PWD और NHAI जैसे सेक्टर में करियर के कई अवसर खुल जाते हैं. 

मैकेनिकल इंजीनियरिंग क्या है ?

Mechanical Engineering वह ब्रांच है, जो मशीनों, इंजन, टूल और मैकेनिकल सिस्टम के डिजाइन और कंस्ट्रक्शन के बारे में बताती है. इसमें मशीन डिजाइन, प्रोडक्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग और थर्मोडायनामिक्स टॉपिक्स पढ़ाए जाते हैं. मैकेनिकल इंजीनियरिंग के बाद पावर प्लांट, ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री, मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां, एयरोस्पेस सेक्टर, रोबोटिक्स एंड ऑटोमेशन, सरकारी और प्राइवेट दोनों सेक्टर्स में जॉब के अवसर मिलते हैं. 

Civil vs Mechanical Engineering: फ्यूचर स्कोप 

सिविल इंजीनियरिंग में स्मार्ट सिटी, मेट्रो, हाईवे और ग्रीन बिल्डिंग जैसे प्रोजेक्ट्स के कारण डिमांड बनी रहती है. वहीं मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ऑटोमेशन, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल और रिन्यूएबल एनर्जी के कारण यह फ्यूचर के लिए अच्छा माना जाता है.

दोनों ब्रांच (Civil vs Mechanical Engineering) की विदेशों में भी डिमांड है. आगर आपको फील्ड वर्क, साइट विजिट और कंस्ट्रक्शन वर्क पसंद है, तो सिविल इंजीनियरिंग कोर्स अच्छा रहेगा. वहीं आपको मशीन, टेक्नोलॉजी और डिजाइनिंग अच्छा लगता है, तो मैकेनिकल इंजीनियरिंग बेहतर है.

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Smita Dey

लेखक के बारे में

By Smita Dey

स्मिता दे प्रभात खबर में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के तौर पर काम कर रही हैं. बुक्स पढ़ना, डांसिंग और ट्रैवलिंग का शौक रखने वाली स्मिता युवाओं को बेहतर करियर गाइड करना और नौकरी के लिए प्रोत्साहित करना पसंद करती हैं.

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