72 घंटे में माफी मांगें, सुकांत मजूमदार को बंगाल के पूर्व डीजीपी राजीव कुमार का अल्टीमेटम

सुकांत मजूमदार को बंगाल के पूर्व डीजीपी ने भेजा लीगल नोटिस. फोटो : प्रभात खबर
Rajeev Kumar Legal Notice: पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार ने केंद्रीय मंत्री को लीगल नोटिस भेजा है. राजीव कुमार की वकील नंदिनी चटर्जी ने कहा है कि अगर 72 घंटे के अंदर भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने माफी नहीं मांगी, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
Table of Contents
Rajeev Kumar Legal Notice: पश्चिम बंगाल के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कुमार (Rajeev Kumar) ने केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार (Sukanta Majumdar) को अल्टीमेटम दिया है. पूर्व डीजीपी की वकील ने लीगल नोटिस देते हुए केंद्रीय मंत्री से 72 घंटे के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और फेसबुक से अपना पोस्ट डिलीट करने को कहा है. नोटिस में कहा गया है कि मजूमदार के सोशल मीडिया पोस्ट से राजीव कुमार की मानहानि हुई है. उनको मानसिक पीड़ा हुई है.
क्या है मामला?
लीगल नोटिस में कहा गया है कि सुकांत मजूमदार ने राजीव कुमार पर गंभीर आरोप लगाये हैं. ये आरोप झूठे, दुर्भावनापूर्ण और प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाले हैं. राजीव कुमार की वकील नंदिनी चटर्जी ने कहा है कि ये बयान न सिर्फ उनके क्लाइंट की व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि पुलिस विभाग की साख को भी प्रभावित करते हैं. नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर माफी नहीं मांगी गयी, तो उनके मुवक्किल आपराधिक और दीवानी दोनों प्रकार की कानूनी कार्रवाई शुरू करेंगे.
नोटिस में क्या मांग की गयी?
- 72 घंटे के भीतर बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगें
- कथित मानहानिकारक बयानों को वापस लें
- भविष्य में इस प्रकार के आरोपों से परहेज करें
नोटिस में यह भी कहा गया है कि यदि मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो हर्जाने का दावा और आपराधिक मानहानि की कार्यवाही शुरू की जा सकती है.
बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
Rajeev Kumar Legal Notice: क्यों बढ़ा सियासी तापमान?
घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब पश्चिम बंगाल की राजनीति पहले से ही आरोप-प्रत्यारोप के दौर से गुजर रही है. राज्य में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक निष्पक्षता को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार सुर्खियों में है. ऐसे में एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी द्वारा केंद्रीय मंत्री को भेजा गया लीगल नोटिस राजनीतिक बहस को और धार दे सकता है.

राजीव बाबू की छवि सार्वजनिक करने से उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है!
राजीव कुमार की वकील की ओर से भेजे गये इस लीगल नोटिस पर पश्चिम बंगाल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कटाक्ष किया है. बंगाल बीजेपी के WhatsApp ग्रुप में लीगल नोटिस को शेयर करते हुए पार्टी ने लिखा है- यह पत्र विफल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के चहेते पूर्व डीजीपी राजीव कुमार ने एक वकील के माध्यम से केंद्रीय मंत्री डॉ सुकांत मजूमदार को भेजा है. राजीव बाबू की छवि सार्वजनिक करने से उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है!
क्या कहा था सुकांत मजूमदार ने?
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने जब कोलकाता में आई-पैक के ऑफिस और इसके डायरेक्टर के घर पर छापेमारी की, तो ममता बनर्जी के साथ डीजीपी भी वहां गये थे. इस पर केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कथित तौर पर अपने सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट किया- दीदी तेरा डीजी दिवाना, हाय राम ईडी को डाले दाना. राजीव कुमार की वकील ने कहा है कि मजूमदार ने सोशल मीडिया, डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इसे पोस्ट किया.
कोयला घोटाले में भी घसीटा राजीव कुमार का नाम – वकील
नोटिस के मुताबिक, फेसबुक और इंस्टाग्राम पेज के साथ-साथ अन्य पब्लिक डोमेन पर भी इसे शेयर किया गया. केंद्रीय मंत्री से कहा गया है कि वे सभी प्लेटफॉर्म्स से अपने पोस्ट हटा लें, क्योंकि इससे उनके मुवक्किल का चरित्रहनन हुआ है, उनकी मानहानि हुई है. नोटिस में कहा गया है कि मजूमदार ने राजीव कुमार का नाम भ्रष्टाचार और कोयला घोटाला मामले में भी घसीटा है, जो अनुचित है.
इसे भी पढ़ें
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
लेखक के बारे में
By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




