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I-PAC Raid Case: ममता बनर्जी को जेल भेजो, बोले गिरिराज सिंह, ईडी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई अब 10 को

Updated at : 03 Feb 2026 9:01 PM (IST)
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I-PAC Raid Case Giriraj Singh on Bengal CM Mamata Banerjee

ममता बनर्जी और गिरिराज सिंह. फोटो : पीटीआई

I-PAC Raid Case: पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार को पॉलिटिकल एडवाइस देने वाली कंपनी आई-पैक के ऑफिस और उसके डायरेक्टर के घर पर रेड का मामला तूल पकड़ने लगा है. केंद्रीय मंत्री ने मांग कर दी है कि बंगाल की चीफ मिनिस्टर को इस केस में जेल भेजा जाना चाहिए. इस मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ, जानने के लिए पढ़ें यह रिपोर्ट.

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I-PAC Raid Case: पॉलिटिकल एडवाइजरी कंपनी आई-पैक के ठिकानों पर रेड के मामले में वरिष्ठ भाजपा नेता गिरिराज सिंह ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को जेल भेजने की मांग की है. दूसरी तरफ, इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका पर सुनवाई 10 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी है.

छापेमारी के बीच दस्तावेज ले गयीं थीं ममता बनर्जी – सिंह

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मंगलवार को कहा कि कोलकाता में पिछले महीने आई-पैक के ऑफिस और इस कंपनी के डायरेक्टर प्रतीक जैन के आवास पर ईडी की टीम ने छापेमारी की थी. छापेमारी के बीच से मनी लाउंडरिंग (धनशोधन) केस के सबूत कथित तौर पर बंगाल की चीफ मिनिस्टर अपने साथ ले गयीं. इसके लिए उन्हें (ममता बनर्जी को) जेल भेजा जाना चाहिए.

एसआईआर में 98-99% सरकारी अधिकारियों को ममता ने टीएमसी कार्यकर्ता बना दिया – गिरिराज सिंह

चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर ममता बनर्जी के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि यह चोरी और सीना जोरी करने जैसा है. एसआईआर के दौरान ममता बनर्जी ने 98-99 प्रतिशत सरकारी अधिकारियों को टीएमसी का कार्यकर्ता बना दिया. निर्वाचन आयोग को किसी भी अधिकारी को पर्यवेक्षक नियुक्त करने की आजादी है, लेकिन ममता ने उन अधिकारियों को पार्टी कार्यकर्ता बना दिया.

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I-PAC Raid Case: ममता बनर्जी को जेल में बंद करना चाहिए – केंद्रीय मंत्री

गिरिराज सिंह ने कहा कि जनवरी में कोयला घोटाला केस में कोलकाता में आई-पैक के कार्यालय और इसके निदेशक प्रतीक जैन के घर पर ईडी की छापेमारी (I-PAC Raid Case) हुई. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ईडी ने जिसके घर में छापेमारी की, वहां से ममता बनर्जी सबूत लेकर भाग गयीं. उन्हें जेल में बंद किया जाना चाहिए. वह समझ गयी हैं कि वह हार जायेंगी. इसलिए वह नाटक कर रही हैं.

काली शॉल ओढ़कर चुनाव आयोग से मिलीं ममता बनर्जी

ममता बनर्जी ने विरोध स्वरूप काली शॉल ओढ़कर सोमवार को पार्टी के नेताओं और कथित तौर पर एसआईआर से प्रभावित परिवारों के साथ यहां मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की थी. ममता बनर्जी ने चुनाव आयुक्त को अहंकारी बताया. साथ ही आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग ने उनके प्रतिनिधिमंडल का ‘अपमान’ किया.

सुप्रीम कोर्ट में बंगाल सरकार ने दाखिल किये हलफनामे

इधर, सुप्रीम कोर्ट ने ईडी की उस याचिका पर सुनवाई 10 फरवरी तक टाल दी, जिसमें आरोप लगाया गया है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत पश्चिम बंगाल सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने कोयला चोरी केस में आई-पैक के कार्यालय और उसके निदेशक के घर में सर्च ऑपरेशन को बाधित किया. जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ में सुनवाई होनी थी. इससे पहले ईडी के वकील सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि बंगाल सरकार ने हलफनामे दाखिल किये हैं और समय मांगा है.

15 जनवरी को कोर्ट ने कहा था- सीएम की हरकत ‘बहुत गंभीर’ विषय

सुप्रीम कोर्ट ने 15 जनवरी को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री की हरकत को ‘बहुत गंभीर’ विषय बताया था. कोर्ट ने इस बात की जांच करने पर सहमति जतायी थी कि क्या किसी राज्य की पुलिस ​​किसी गंभीर अपराध में केंद्रीय एजेंसी की जांच में हस्तक्षेप कर सकती हैं. उसने 8 जनवरी को आई-पैक में छापेमारी करने वाली एजेंसी के अफसरों के खिलाफ किसी भी कार्रवाई पर रोक लगा दी थी.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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