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प्रिंस खान की तरह अब कोई गैंगस्टर देश से न भाग पाए, पासपोर्ट वेरिफिकेशन में पुलिस बरते सख्ती, बोलीं मनिता के

Updated at : 06 May 2023 7:55 PM (IST)
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प्रिंस खान की तरह अब कोई गैंगस्टर देश से न भाग पाए, पासपोर्ट वेरिफिकेशन में पुलिस बरते सख्ती, बोलीं मनिता के

क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी मनिता के कहा कि 2023 के मार्च महीने में क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय को चिट्ठी आयी कि गैंगस्टर प्रिंस खान को पुलिस के एडवर्स रिपोर्ट के बावजूद कैसे पासपोर्ट इश्यू कर दिया गया. एक पल के लिए पासपोर्ट कार्यालय को भी लगा था कि ऐसी गलती उनके कार्यालय से कैसे हो गयी?

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दुमका, आनंद जायसवाल. पासपोर्ट पुलिस सत्यापन प्रक्रिया पर क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, रांची द्वारा एक कार्यशाला का आयोजन कंवेंशन सेंटर दुमका में शनिवार को किया गया. इसमें दुमका रेंज के 6 जिलों दुमका, साहेबगंज, पाकुड़, जामताड़ा, गोड्डा एवं देवघर के पुलिस पदाधिकारीगण शामिल हुए. क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी आईएफएस मनिता के ने वेरिफिकेशन की प्रक्रिया में बरती जानेवाली सावधानी पर ध्यान दिलाया. उन्होंने दो टूक कहा कि पासपोर्ट वेरिफिकेशन के दौरान पुलिस अधिकारी कुछ भी लिखकर एडवर्स न कर दें. कैजुएल एप्रोच न रखें. संबंधित शख्स की पूरी जानकारी तथ्य के साथ दें. उन्होंने बताया कि धनबाद का एक गैंगस्टर प्रिंस खान देश छोड़कर भाग गया. उसे 2021 में पासपोर्ट इश्यू किया गया था.

क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी मनिता के कहा कि 2023 के मार्च महीने में क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय को चिट्ठी आयी कि इस गैंगस्टर को पुलिस के एडवर्स रिपोर्ट के बावजूद कैसे पासपोर्ट इश्यू कर दिया गया. एक पल के लिए पासपोर्ट कार्यालय को भी लगा था कि ऐसी गलती उनके कार्यालय से कैसे हो गयी, लेकिन जब दस्तावेजों की जांच करायी गयी, तो पाया गया कि नागरिकता के कॉलम में लिखा हुआ था कि आवेदक अपने पते पर नहीं पाया गया. मिनिस्ट्री का इंस्ट्रक्शन है कि ऐसे बेतुके जवाब को इंटरटेन नहीं करना है. अगले कॉलम में उसके केस का ब्यौरा भी देना था. क्रिमिनालिटी की किसी बात का मेंशन नहीं था. पुलिस ने सही वेरिफिकेशन किया होता, तो यह चूक न होती. इसलिए पुलिस ईमानदारी से वेरिफिकेशन करे. वेरिफिकेशन में वह फोटो रहे, जिसे हमने खींचा है. आवेदक ने प्रोवाइड कराया है वह नहीं.

क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी मनिता के ने कहा कि पुलिस वेरिफिकेशन जल्द हो, तो दो-तीन दिन में ही पासपोर्ट इश्यू हो जायेंगे. केरल व हैदराबाद में ऐसा हो रहा है. दुमका सहित कई जिले के लगभग सभी थाने सिस्टम से जोड़े जा चुके हैं. प्रयास हो तो यहां भी बेहद कम समय में पासपोर्ट उपलब्ध होगा. पासपोर्ट संबंधित पुलिस सत्यापन प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए जल्द से जल्द सत्यापन प्रक्रिया पूरा करने का अनुरोध किया. उन्होंने पुलिस सत्यापन की जरूरत, उसके दौरान पालन की जाने वाली सटीक प्रक्रिया और उपलब्ध साधनों का प्रयोग कर उसे त्वरित गति से संपन्न करने की आवश्यकता को विस्तार से बताया. उन्होंने जानकारी दी कि अक्तूबर 2022 तक झारखंड में महज 84 पुलिस थानों को पासपोर्ट सेवा परियोजना (पीएसपी) के सिस्टम से जोड़ा गया था, लेकिन क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय रांची और झारखंड पुलिस के संयुक्त प्रयासों के बाद वर्तमान में 272 पुलिस थाने पीएसपी सिस्टम से जोड़े जा चुके हैं. उक्त प्रयासों को प्रभावी रूप में और कम समय में लागू करने के उद्देश्य से यह प्रशिक्षण कार्यक्रम क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय रांची द्वारा पूरे झारखंड में आयोजित किया जा रहा है, ताकि झारखंड के पासपोर्ट आवेदकों को बेहतर सेवा प्रदान किया जा सके.

दुमका डीआइजी सुदर्शन प्रसाद मंडल ने भी पासपोर्ट पुलिस जांच प्रक्रिया को सुव्यवस्थित ढंग से करने की जरूरत पर बल दिया. क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम सुधीर कुमार, जगनारायण प्रसाद, दीपेंद्र कुमार और उमाशंकर दुबे ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में पीपीटी के माध्यम से अपनी प्रस्तुति दी. इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से पूरे प्रमंडल के सभी जिलों के पुलिसकर्मी लाभान्वित होकर पासपोर्ट पुलिस सत्यापन प्रक्रिया को पहले से कम समय में निष्पादित करने में सक्षम हो सकेंगे. मंच का संचालन डीएसपी मुख्यालय विजय कुमार ने किया. मौके पर एसपी दुमका अंबर लकड़ा, एसपी साहेबगंज अनुरंजन किस्पोट्टा, एसपी पाकुड़ ह्रदीप पी जर्नादनन, एसपी गोड्डा नाथू सिंह मीना, एसपी जामताड़ा मनोज स्वर्गियारी, संताल परगना के सभी थानों के थाना प्रभारी व सीसीटीएनएस के प्रभारी मौजूद थे.

संताल परगना में दुमका व जामताड़ा दोनों ही जिले पासपोर्ट को लेकर पुलिस वेरिफिकेशन में बहुत सुस्त हैं. अलबत्ता पिछले तीन साल में इन दोनों जिले में वेरिफिकेशन में लगनेवाले औसत दिन बढ़ गये हैं. दिसंबर 2020 में जहां औसतन 28 दिनों में वेरिफिकेशन हो जाया करता था, वह अब 31 दिनों में पहुंच गया है. जामताड़ा में यह औसत 23 दिन से बढ़कर 29 दिन में पहुंच गया है, जबकि साहेबगंज जैसे जिले ने अपनी स्थिति सुधारी है. 47 दिनों के औसत को इस जिले ने 25 दिनों में, पाकुड़ ने 44 दिनों से घटाकर 20 दिनों में, गोड्डा ने 26 दिनों से घटाकर 21 दिनों में तथा देवघर ने 24 से घटाकर 17 दिन में ले आया है.

जिला-दिसंबर 20-दिसंबर 21-दिसंबर 22-मार्च 23

दुमका-28-26-27-31

साहेबगंज-47-49-46-25

पाकुड़-44-21-21-20

जामताड़ा-23-17-17-29

गोड्डा-26-21-19-21

देवघर-24-24-19-17

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