तिमाही नतीजों के बाद जोमैटो के शेयरों में भारी गिरावट, 7% की बड़ी गिरावट दर्ज

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Zomato Share Price: तिमाही नतीजों के बाद जोमैटो के शेयरों में भारी गिरावट आई, 7% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जो बढ़ती प्रतिस्पर्धा और वित्तीय परिणामों से प्रभावित है
Zomato Share Price: जोमैटो के शेयरों में मंगलवार, 21 जनवरी को गिरावट दर्ज की गई, जो कंपनी द्वारा वित्तीय वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजे घोषित करने के बाद की स्थिति है. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर जोमैटो के शेयर 13.3% गिरकर ₹207.80 पर बंद हुए.
तिमाही नतीजों में कमी
कंपनी ने दिसंबर 2024 में समाप्त तिमाही के लिए समेकित शुद्ध लाभ में 57.2% की गिरावट के साथ ₹59 करोड़ की रिपोर्ट दी. एक साल पहले की इसी तिमाही में यह आंकड़ा ₹138 करोड़ था. हालांकि, कंपनी का परिचालन से समेकित राजस्व ₹5,405 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में ₹3,288 करोड़ था.
खर्चों में बढ़ोतरी
जोमैटो का कुल खर्च इस अवधि में बढ़कर ₹5,533 करोड़ हो गया, जबकि एक साल पहले यह ₹3,383 करोड़ था. कंपनी के राजस्व स्रोतों में भारत में खाद्य वितरण, हाइपरप्योर सप्लाई (बी2बी व्यवसाय), क्विक कॉमर्स, बाहर जाने का कारोबार और अन्य खंड शामिल हैं.
खाद्य वितरण व्यवसाय का प्रदर्शन
जोमैटो ने खाद्य वितरण में तिमाही-दर-तिमाही 2% और साल-दर-साल 17% की वृद्धि दर्ज की. हालांकि, व्यापक मांग में गिरावट के कारण प्रदर्शन ब्रोकरेज फर्म नोमुरा की अपेक्षाओं से कम रहा. नोमुरा ने भविष्यवाणी की है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में जोमैटो का खाद्य वितरण व्यवसाय 17-20% की वृद्धि दर से आगे बढ़ेगा, जिसमें 8-9% मार्जिन का योगदान रहेगा.
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ब्लिंकिट पर फोकस
जोमैटो की क्विक कॉमर्स शाखा ब्लिंकिट ने वित्तीय वर्ष 2025 की पहली तीन तिमाहियों में अपने स्टोर की संख्या 1,007 तक बढ़ा दी. हालांकि, अधिक प्रतिस्पर्धा के कारण स्टोर विस्तार की गति धीमी रही.
बढ़ती प्रतिस्पर्धा का प्रभाव
जोमैटो ने अपने शेयरधारकों को लिखे पत्र में कहा कि बढ़ती प्रतिस्पर्धा के चलते व्यवसाय में मार्जिन विस्तार प्रभावित हुआ है. यह स्थिति अस्थायी हो सकती है, लेकिन इसने त्वरित वाणिज्य क्षेत्र में ग्राहकों की जागरूकता और प्रतिस्पर्धा को बढ़ाया है. कंपनी ने यह भी बताया कि मुख्य ग्राहकों की संख्या में कमी नहीं आई है, जिससे यह संकेत मिलता है कि ग्राहक अब भी ब्लिंकिट को अन्य विकल्पों की तुलना में प्राथमिकता दे रहे हैं.
स्विगी पर भी असर
जोमैटो की प्रतिस्पर्धी कंपनी स्विगी के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई. NSE पर स्विगी के शेयर 11% नीचे कारोबार कर रहे थे. यह प्रदर्शन बढ़ती प्रतिस्पर्धा, बढ़ते खर्च और कमजोर तिमाही नतीजों की चुनौतियों को दर्शाता है, जो जोमैटो और स्विगी जैसे खिलाड़ियों के लिए प्रमुख चिंताएं बनी हुई हैं.
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By Abhishek Pandey
अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।
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