ATM से कैश निकालना हो सकता है मुश्किल! देशभर में बढ़ सकती है नकदी की परेशानी

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Atm Cash Crunch

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ATM Cash Crunch : क्या आपके नजदीकी ATM में भी कैश नहीं है? देश भर के एटीएम इस समय नकदी संकट से जूझ रहे हैं. जानिए क्यों मार्च-अप्रैल में रही कैश की भारी किल्लत और क्या है इसके पीछे की बड़ी वजह.

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ATM Cash Crunch : अगर आपको अचानक कैश (नकद) की जरूरत पड़ती है और आप एटीएम का रुख करते हैं, तो आने वाले दिनों में आपको थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. देश के एटीएम इस समय नकदी संकट (Cash Crunch) से जूझ रहे हैं. कॉन्फेडरेशन ऑफ एटीएम इंडस्ट्री (CATMi) ने आगाह किया है कि आने वाले समय में देश के अंदर एटीएम सर्विसेज बुरी तरह लड़खड़ा सकती हैं.

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मार्च और अप्रैल में दिखी कैश की भारी कमी

बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल मार्च और अप्रैल के महीने में देश भर के एटीएम में कैश की भारी किल्लत देखी गई. एटीएम ऑपरेटर्स का कहना है कि उन्हें बैंकों और करेंसी चेस्ट से एटीएम में लोड करने के लिए पर्याप्त कैश नहीं मिल पा रहा है. आंकड़ों के जरिए समझिए यह अंतर कितना बड़ा है.

  • मार्च में देश भर के एटीएम के लिए ₹94,000 करोड़ कैश की जरूरत थी, लेकिन मिला सिर्फ ₹61,000 करोड़ (यानी जरूरत का महज 64%).
  • अप्रैल में भी स्थिति नहीं सुधरी और जरूरत के मुकाबले सिर्फ ₹54,000 करोड़ रुपये ही उपलब्ध कराए गए.

ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर

CATMi ने इस गंभीर स्थिति को लेकर इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के करेंसी मैनेजमेंट विभाग को पत्र लिखा है. संस्था का कहना है कि कई राज्यों में एटीएम में दोबारा कैश भरने (Replenishment) के लिए पर्याप्त नकदी नहीं मिल रही है. इस संकट का सबसे बुरा असर ग्रामीण (Rural) और अर्ध-शहरी (Semi-Urban) इलाकों में रहने वाले लोगों पर पड़ सकता है, क्योंकि वहां आज भी एक बहुत बड़ी आबादी रोजमर्रा के कामों के लिए कैश ट्रांजैक्शन पर ही निर्भर है.

आखिर क्यों पैदा हुआ यह एटीएम संकट ?

एटीएम सर्विसेज के इस तरह चरमराने के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण है.

  • बढ़ता खर्च और कम इंटरचेंज फीस : एटीएम ऑपरेटरों का कहना है कि मौजूदा इंटरचेंज फीस (Interchange Fee – वह रकम जो एक बैंक दूसरे बैंक के एटीएम का इस्तेमाल करने पर उसे चुकाता है) उनके खर्चों को पूरा करने के लिए काफी नहीं है. वर्तमान में यह फीस ₹19 है. दूसरी तरफ, एटीएम में कैश लोड कराने की लागत, ईंधन (फ्यूल) की बढ़ती कीमतें, सुरक्षा गार्ड्स की सैलरी और कैश ट्रांसपोर्टेशन का खर्च लगातार बढ़ रहा है, जिससे एटीएम चलाना घाटे का सौदा साबित हो रहा है.
  • डिजिटल पेमेंट्स की तरफ लोगों का झुकाव : जब से बैंकों ने फ्री लिमिट खत्म होने के बाद ग्राहकों के लिए प्रति ट्रांजैक्शन चार्ज को बढ़ाकर ₹23 किया है, तब से लोगों ने एटीएम जाना कम कर दिया है. लोग अब यूपीआई (UPI) और डिजिटल पेमेंट के तरीकों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं. यही वजह है कि एटीएम से होने वाले ट्रांजैक्शन की संख्या में करीब 10.40% की गिरावट दर्ज की गई है.

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