Trump Tariff Rollback: US ने चायपत्ती पर से टैक्स हटाया, पर भारत को मिला बस ‘सिप’ भर फायदा!

टैरिफ हटने से भारतीय चायपत्ती को अमेरिकी बाजार में थोड़ी राहत मिली है.
Trump Tariff Rollback: यह फैसला भारतीय चायपत्ती उद्योग के लिए एक नई उम्मीद बनकर आया है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 200 से ज्यादा खाद्य उत्पादों पर लगे टैरिफ हटाकर भारतीय चाय एक्सपोर्टर्स को राहत दी है, जिससे अमेरिका में चाय की खरीद और बढ़ने की संभावना है. 2024 में भारतीय चायपत्ती की मांग पहले ही 28% बढ़ चुकी है, ऐसे में यह कदम एक्सपोर्ट को और तेज कर सकता है. लेकिन सवाल यह है कि बाकी भारतीय उत्पादों को इस छूट का कितना फायदा मिलेगा? क्योंकि बड़ी कैटेगरी में भारत की हिस्सेदारी बहुत कम है. अब सबकी नजरें इस पर हैं कि आने वाले दिनों में भारत-अमेरिका ट्रेड में और क्या बड़े बदलाव देखने को मिलते हैं.
Trump Tariff Rollback: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में 200 से ज्यादा फूड प्रोडक्ट्स पर लगे रेसिप्रोकल टैरिफ वापस लेने का बड़ा कदम उठाया है. वहां के उपभोक्ता लगातार महंगी किराना कीमतों से परेशान थे, इसलिए यह फैसला लिया गया है. इस बदलाव के साथ इंडियन टी एक्सपोर्टर्स के चेहरों पर थोड़ी राहत दिखाई दे रही है. हालांकि यह फैसला भारत के बाकी एक्सपोर्ट सामानों के लिए इतना बड़ा फायदा लेकर नहीं आने वाला है.
भारत की चायपत्ती को कितना फायदा?
2024 में भारत ने अमेरिका को 16.8 मिलियन किलोग्राम चायपत्ती एक्सपोर्ट की थी, जिसकी कीमत करीब 671.32 करोड़ रुपये थी. यह आंकड़ा पिछले साल के मुकाबले 28% ज्यादा है. अमेरिका भारत से CTC और ऑर्थोडॉक्स दोनों तरह की चायपत्ती खरीदता है. श्रीलंका और वियतनाम भी वहां चायपत्ती भेजते हैं, लेकिन भारतीय चायपत्ती की मांग लगातार बढ़ रही है.
क्या वाकई टैक्स हट गया है?
वहदाम टी के फाउंडर और सीईओ बाला सरदा के मुताबिक टैरिफ हटने से तुरंत असर दिखेगा, यहां तक कि जो सामान रास्ते में है उस पर भी छूट लागू होगी. वहीं इंडियन टी एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के चेयरमैन अंशुमान कनोरिया का कहना है कि ऑर्डर से राहत दिखाई दे रही है, पर वे पूरी पुष्टि के लिए भारत के कमर्शियल मंत्रालय के जवाब का इंतजार कर रहे हैं.
बाकी प्रोडक्ट्स को फायदा क्यों होगा कम?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका जिन प्रोडक्ट्स पर टैक्स छूट दे रहा है, उनमें से ज्यादातर में भारत की हिस्सेदारी बहुत कम है. भारत अमेरिका में ज्यादातर मसाले, चायपत्ती और बहुत कम मात्रा में फल-उत्पाद भेजता है. टमाटर, साइट्रस फल, केला जैसी बड़ी कैटेगरी में भारत लगभग न के बराबर एक्सपोर्ट करता है. इसलिए कुल मिलाकर यह फायदा बहुत सीमित माना जा रहा है.
हालांकि उम्मीद ये है कि अगर रूस से तेल आयात पर पेनल्टी टैक्स भी हट गया, तो भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड और मजबूत हो सकता है. फिलहाल इंडियन टी इंडस्ट्री इसे एक सकारात्मक शुरुआत के रूप में देख रही है.
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लेखक के बारे में
By Soumya Shahdeo
सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.
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