भारतीय फार्मा पर ट्रंप का 'टैरिफ बम', पेटेंट दवाओं पर 100% टैक्स, भारतीय जेनेरिक को मिली राहत

Updated at : 03 Apr 2026 12:57 PM (IST)
विज्ञापन
Pharma Tariffs

दवाइयां (Photo: ANI)

Pharma Tariffs: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दवाओं पर भारी सीमा शुल्क लगाने का एलान किया है. इससे भारतीय फार्मा सेक्टर पर मिला-जुला असर पड़ेगा. जानिए भारत के लिए क्या हैं चुनौतियां.

विज्ञापन

Pharma Tariffs: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा फैसला लेते हुए पेटेंट वाली दवाओं के आयात पर 100% टैरिफ (सीमा शुल्क) लगाने का एलान किया है. यह फैसला ‘सेक्शन 232’ की जांच के बाद लिया गया है, जिसमें विदेशी दवाओं पर निर्भरता को अमेरिकी सुरक्षा के लिए खतरा बताया गया है. भारत, जिसे ‘दुनिया की फार्मेसी’ कहा जाता है, के लिए इसके मायने काफी गहरे हैं. 

क्या अब महंगी हो जाएंगी भारतीय दवाएं?

राहत की बात यह है कि ट्रंप सरकार ने जेनेरिक दवाओं (सस्ती दवाएं) को फिलहाल इस भारी टैक्स से बाहर रखा है. भारत सबसे ज्यादा जेनेरिक दवाएं ही अमेरिका भेजता है, इसलिए तुरंत कोई बड़ा संकट नहीं दिख रहा है. हालांकि, पेटेंट वाली दवाओं और उनके कच्चे माल (APIs) पर 100% टैक्स लगेगा. अगर कोई भारतीय कंपनी अमेरिका में अपनी मैन्युफैक्चरिंग शिफ्ट नहीं करती, तो उसे यह भारी जुर्माना देना होगा. 

अमेरिका ने क्यों उठाया यह सख्त कदम?

अमेरिका का मानना है कि उसकी 53% पेटेंट दवाएं विदेशों में बनती हैं, जो इमरजेंसी के समय सप्लाई चेन को ठप कर सकती हैं. ट्रंप प्रशासन चाहता है कि दवा कंपनियां वापस अमेरिका में अपनी फैक्ट्रियां लगाएं. जो कंपनियां अमेरिका शिफ्ट होने का वादा करेंगी, उन्हें शुरुआत में राहत मिलेगी और उनका टैक्स घटाकर 20% कर दिया जाएगा, जिसे 4 साल में धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा.

भारत के लिए आगे क्या है चुनौती?

भले ही अभी जेनेरिक दवाओं को छूट मिली है, लेकिन व्हाइट हाउस ने साफ किया है कि वे भविष्य में इस पर फिर से विचार करेंगे. लंबी अवधि में भारत के लिए चिंता की बात यह है कि बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियां अब भारत के बजाय अमेरिका में निवेश करना पसंद कर सकती हैं. इससे भारत के फार्मा सेक्टर में आने वाले विदेशी निवेश और कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग पर असर पड़ सकता है. 

यह कब से लागू होगा?

यह नई टैरिफ नीति जुलाई और सितंबर 2026 से चरणों में लागू की जाएगी. इसका सीधा उद्देश्य कैंसर, ऑटोइम्यून बीमारियों और दुर्लभ रोगों की दवाओं के लिए अमेरिका को आत्मनिर्भर बनाना है. भारत को अब अपनी रणनीति बदलनी होगी ताकि वह ग्लोबल मार्केट में अपनी धाक बनाए रख सके. 

ये भी पढ़ें: सोना-चांदी में आई गिरावट, देखें आज की पूरी रेट लिस्ट

विज्ञापन
Soumya Shahdeo

लेखक के बारे में

By Soumya Shahdeo

सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola