कर्ज वसूली के लिए SBI करेगा 4,000 नई भर्तियां, चेयरमैन बोले- लोन बुक को सुरक्षित रखना है हमारा लक्ष्य
एसबीआई ने मार्च तिमाही के किए नेट NPA अनुपात 0.39 प्रतिशत दर्ज किया
SBI Hiring Loan Collection Team : एसबीआई अब कर्ज की वसूली के लिए 4,000 लोगों की एक स्पेशल टीम तैयार कर रहा है. बैंक के चेयरमैन सी.एस. शेट्टी ने बताया कि इस कदम का मकसद बैंक की एसेट क्वालिटी को और मजबूत करना है.
SBI Hiring Loan Collection Team : देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपनी लोन रिकवरी और एसेट क्वालिटी को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. बैंक अगले एक साल के भीतर लगभग 3,000 से 4,000 कर्मचारियों की एक समर्पित टीम नियुक्त करने जा रहा है, जिनका मुख्य काम लोन की वसूली (Collection) करना होगा. एसबीआई के चेयरमैन सी.एस. शेट्टी ने 8 मई को बैंक के चौथी तिमाही (Q4) के नतीजों के दौरान यह घोषणा की.
फील्ड पर तैनात होगी नई टीम
चेयरमैन शेट्टी ने साफ किया कि ये नई भर्तियां बैंक के मौजूदा कर्मचारियों में से नहीं होंगी.
- सब्सिडियरी की मदद: बैंक अपनी सहायक कंपनियों (Subsidiary) के जरिए इन लोगों को नियुक्त करेगा.
- फील्ड वर्क: ये कर्मचारी बैंक की ब्रांच में बैठने के बजाय सीधे ‘फील्ड’ पर जाकर काम करेंगे.
- सेंट्रल मैनेजमेंट: भले ही ये कर्मचारी फील्ड पर हों, लेकिन इनका मैनेजमेंट सीधे एसबीआई द्वारा सेंट्रलाइज्ड तरीके से किया जाएगा.
NPA को काबू में रखने की कवायद
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब एसबीआई का NPA (Non-Performing Assets) पिछले दो दशकों के सबसे निचले स्तर पर है.
- नेट NPA: मार्च तिमाही में यह गिरकर 0.39% रह गया है (पिछले साल यह 0.47% था).
- ग्रॉस NPA: यह भी पिछले साल के 1.82% के मुकाबले घटकर 1.49% पर आ गया है.
शेट्टी के मुताबिक, इस नई टीम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शुरुआती स्टेज में जो लोन ‘तनाव’ (Stressed) में दिख रहे हैं, वे आगे चलकर खराब कर्ज यानी NPA में न बदलें.
क्यों पड़ी इस टीम की जरूरत ?
आरबीआई के नए ECL (Expected Credit Loss) नियमों के कारण बैंकों को अब उन लोन्स पर भी पहले से प्रावधान (Provision) करना होगा जिनमें भुगतान में थोड़ी भी देरी (SMA-1) हो रही है. इसी वजह से एसबीआई अपनी रिकवरी प्रक्रिया को और भी ज्यादा सख्त और तेज बनाना चाहता है.
SBI के Q4 नतीजों पर एक नजर
- मुनाफा: बैंक का शुद्ध लाभ 5.6% बढ़कर 19,684 करोड़ रुपये रहा.
- डिविडेंड: बैंक ने 17.35 रुपये प्रति शेयर के लाभांश की घोषणा की.
- कर्मचारी संख्या: वित्त वर्ष 2026 के अंत तक बैंक में कुल 2.45 लाख कर्मचारी थे.
- बाजार का हाल: सोमवार (11 मई) को दोपहर के समय एनएसई (NSE) पर एसबीआई का शेयर लगभग 3.87% की गिरावट के साथ 979.90 रुपये पर ट्रेड कर रहा था.
Also Read : तेल की कीमतों में लगी ‘आग’ ने अरामको की चांदी की, पहली तिमाही में मुनाफा 25% उछला!
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By अभिषेक पाण्डेय
अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।
पत्रकारिता अनुभव
अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।
करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।
इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।
शिक्षा
अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










