सावधान! आधे से अधिक ट्रक ड्राइवरों को ढंग से दिखाई नहीं देता, आईआईटी की रिपोर्ट में खुला

Updated at : 28 Jan 2025 10:30 PM (IST)
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Truck

ट्रक ड्राइवरों की नजर कमजोर.

Road Accident: सड़क सुरक्षा को बनाए रखने और ट्रक ड्राइवरों की जीवनशैली में सुधार के लिए सरकार को स्वास्थ्य देखभाल और प्रशिक्षण पर अधिक ध्यान देना होगा. यह न केवल दुर्घटनाओं को कम करेगा बल्कि परिवहन क्षेत्र को भी सुदृढ़ बनाएगा.

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Road Accident: अगर आप नेशनल हाईवे, एक्सप्रेसवे, फोरलेन या किसी छोटी सड़क पर ही गाड़ी क्यों न चलाते हों, ट्रक ड्राइवरों से सावधान हो जाइए. कोई ठिकाना नहीं वे कहीं भी घुसा देंगे. इसका कारण यह है कि देश में ट्रक चलाने वाले आधे से अधिक ड्राइवरों को ढंग से दिखाई नहीं देता है. इसका मतलब है कि उनकी नजर कमजोर हो गई है और उन्हें दूर या नजदीक की वस्तुएं ढंग से दिखाई नहीं देती.

55.1% ट्रक ड्राइवरों की नजर कमजोर

भारत में 55.1% ट्रक ड्राइवरों की नजर कमजोर है, जो सड़क सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा है. हाल ही में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, 53.3% ड्राइवरों को दूर की दृष्टि में सुधार की जरूरत है, जबकि 46.7% निकट दृष्टिदोष से पीड़ित हैं. यह अध्ययन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), दिल्ली और फोरसाइट फाउंडेशन के सहयोग से किया गया है. इसमें उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु के 50,000 ट्रक ड्राइवर शामिल थे.

ट्रक ड्राइवरों में बीएमआई और ब्लड प्रेशर की शिकायत

  • देश के 44.3% ट्रक ड्राइवरों का बीएमआई (शरीर द्रव्यमान सूचकांक) सीमा रेखा या उससे अधिक है.
  • 57.4% ड्राइवर हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित हैं.
  • 18.4% ट्रक ड्राइवरों में ब्लड शुगर का स्तर सामान्य से अधिक है.
  • 33.9% ड्राइवरों में मध्यम स्तर के तनाव की शिकायत है.
  • 2.9% में तनाव का उच्च स्तर पाया गया, जो मानसिक स्वास्थ्य सहायता की आवश्यकता को दर्शाता है.

गडकरी ने उठाए अहम मुद्दे

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि भारत के परिवहन क्षेत्र में महत्वपूर्ण चुनौतियां हैं. उन्होंने कहा कि सड़कों पर 70% यातायात और ढुलाई लागत 14-16% तक बढ़ गई है. देश में ट्रक ड्राइवरों की कमी है. हर 100 ट्रक पर केवल 75 ड्राइवर उपलब्ध हैं. गडकरी ने बताया कि ड्राइवरों के प्रशिक्षण और कल्याण के लिए डिजिटलीकरण और ऐप्स के एकीकरण पर काम किया जा रहा है.

कठिन जीवनशैली

ट्रक ड्राइवरों को अक्सर कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, जिनमें लंबी दूरी तक ट्रक चलाना, अनियमित शिफ्ट और आराम की कमी, परिवार से लंबे समय तक दूर रहना और खराब स्वास्थ्य सुविधाएं शामिल हैं.

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ट्रक परिवहन: अर्थव्यवस्था की रीढ़

भारत का ट्रक परिवहन क्षेत्र लॉजिस्टिक्स का मुख्य आधार है. देशभर में आवश्यक सामानों की ढुलाई के लिए ट्रक अहम भूमिका निभाते हैं. हालांकि, ड्राइवरों की स्वास्थ्य और सुरक्षा पर ध्यान देना नितांत आवश्यक है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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