Trump Tariff: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए एआई (AI) चिप्स के आयात पर 25% का भारी-भरकम टैरिफ लगाने का आदेश दिया है. इस फैसले की जद में Nvidia के ‘H200’ और AMD के ‘MI325X’ जैसे पावरफुल प्रोसेसर आए हैं. ट्रंप सरकार का यह कदम वैश्विक चिप बाजार में खलबली मचाने वाला माना जा रहा है.
ताइवान पर डिपेंडेंसी खत्म करने का मास्टरप्लान
व्हाइट हाउस द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अमेरिका फिलहाल अपनी जरूरत की कुल चिप्स का केवल 10 प्रतिशत ही खुद बनाता है. बाकी जरूरतों के लिए वह ताइवान और अन्य देशों पर निर्भर है. सरकार का मानना है कि यह निर्भरता देश की आर्थिक और सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा खतरा है. इस नए टैक्स का मकसद चिप बनाने वाली कंपनियों को मजबूर करना है कि वे अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स अमेरिका के अंदर ही लगाएं.
किसे मिलेगी राहत और किस पर पड़ेगा बोझ?
राहत की बात यह है कि ट्रंप प्रशासन ने इस टैरिफ में कुछ छूट भी दी है. यह टैक्स उन चिप्स पर लागू नहीं होगा जो:
- डेटा सेंटर्स और स्टार्टअप्स के लिए मंगाई जा रही हैं.
- आम ग्राहकों के इस्तेमाल वाली डिवाइस में लगती हैं.
- सरकारी या सार्वजनिक क्षेत्र के काम आती हैं.
हालांकि, चीन जाने वाली चिप्स के लिए नियम कड़े कर दिए गए हैं. अब ताइवान में बनी चिप्स को चीन भेजने से पहले थर्ड पार्टी टेस्टिंग के लिए अमेरिका लाना होगा जहां उन पर यह 25% टैक्स वसूला जाएगा.
शेयर बाजार में हलचल
इस घोषणा के बाद ही दुनिया की बड़ी सेमीकंडक्टर कंपनियों जैसे Nvidia, AMD और Qualcomm के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई. हालांकि कंपनियों ने कहा है कि वे अमेरिकी कानूनों का पूरी तरह पालन करेंगी, लेकिन जानकारों का मानना है कि इससे भविष्य में AI तकनीक और उससे जुड़े उपकरणों की कीमतें बढ़ सकती हैं.
ट्रंप का टैरिफ वॉर और मैन्युफैक्चरिंग का सपना
यह फैसला ट्रंप की उस बड़ी योजना का हिस्सा है जिसके तहत वह ‘मेड इन अमेरिका’ को बढ़ावा देना चाहते हैं. इससे पहले भी उन्होंने दवाओं और ट्रकों पर भारी टैक्स लगाने की घोषणा की थी. सरकार का स्पष्ट संदेश है कि यदि किसी कंपनी को अमेरिकी बाजार में व्यापार करना है, तो उसे अपनी फैक्ट्री भी अमेरिका में ही लगानी होगी.
Disclaimer: शेयर बाजार से संबंधित किसी भी खरीद-बिक्री के लिए प्रभात खबर कोई सुझाव नहीं देता. हम बाजार से जुड़े विश्लेषण मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकिंग कंपनियों के हवाले से प्रकाशित करते हैं. लेकिन प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही बाजार से जुड़े निर्णय करें.

