संपत्ति गिफ्ट करने से पहले जान लें ये बातें, वरना बाद में होगा पछतावा

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Property Gift Rules for Senior Citizens

सीनियर सिटीजन कपल (Photo: Freepik)

Property Gift Rules for Senior Citizens: क्या गिफ्ट की गई प्रॉपर्टी वापस मिल सकती है? जानें गिफ्ट डीड से जुड़े कानूनी नियम और सीनियर सिटीजन्स के अधिकारों के बारे में ताकि आप भविष्य के विवाद से बच सकें.

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Property Gift Rules for Senior Citizens: अक्सर बुजुर्ग अपने बच्चों या रिश्तेदारों को प्यार में अपनी संपत्ति या पैसा तोहफे (Gift) में दे देते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक बार गिफ्ट देने के बाद उसे वापस लेना इतना आसान नहीं होता? कानूनी जानकारी के अभाव में कई लोग बाद में पछताते हैं. अगर आप भी किसी को संपत्ति गिफ्ट करने की सोच रहे हैं, तो ये नियम जरूर जान लें. 

गिफ्ट कब पक्का माना जाता है?

मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, कानून के मुताबिक, कोई भी गिफ्ट तब पूरा माना जाता है जब वह अपनी मर्जी से दिया गया हो और सामने वाले ने उसे स्वीकार कर लिया हो. अगर संपत्ति जमीन या मकान (अचल संपत्ति) है, तो सिर्फ बोल देने से काम नहीं चलता, इसके लिए रजिस्टर्ड गिफ्ट डीड होना अनिवार्य है. एक बार रजिस्ट्री होने के बाद, देने वाले का उस संपत्ति पर अधिकार खत्म हो जाता है. 

क्या गिफ्ट डीड कैंसिल हो सकती है?

सामान्य तौर पर गिफ्ट डीड को बदला नहीं जा सकता, लेकिन इसके दो अपवाद हैं:

  1. अगर गिफ्ट देते समय कोई खास शर्त लिखित में तय की गई हो और वह पूरी न हो. 
  2. अगर गिफ्ट दबाव, डर या धोखाधड़ी से लिखवाया गया हो. ऐसी स्थिति में कोर्ट के जरिए इसे रद्द कराया जा सकता है. 

बुजुर्गों के लिए क्या है खास कानून?

सीनियर सिटीजन्स के लिए कानून में एक विशेष सुरक्षा है. अगर किसी बुजुर्ग ने अपनी प्रॉपर्टी इस उम्मीद में बच्चों को गिफ्ट की है कि वे उनकी सेवा करेंगे, लेकिन बच्चे देखभाल नहीं करते, तो बुजुर्ग अपनी प्रॉपर्टी वापस मांग सकते हैं. कई अदालती फैसलों में बुजुर्गों के इस अधिकार को सही ठहराया गया है. 

विवाद से बचने के लिए क्या करें?

ज्यादातर झगड़े शर्तों के स्पष्ट न होने के कारण होते हैं. मौखिक बातों की कोर्ट में कोई कीमत नहीं होती.  इसलिए, अगर आप गिफ्ट देते समय कोई शर्त (जैसे- बुढ़ापे में सेवा करना) रखना चाहते हैं, तो उसे गिफ्ट डीड में साफ-साफ लिखवाएं. याद रखें, एक बार प्रॉपर्टी गिफ्ट कर दी गई, तो वह देने वाले की वसीयत का हिस्सा नहीं रहती और न ही दूसरे वारिस उस पर दावा कर सकते हैं. 

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सौम्या शाहदेव

लेखक के बारे में

By सौम्या शाहदेव

सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.

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