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SIP: सोना-चांदी छोड़ एसआईपी पर टूट पड़े लोग, सितंबर में झोंक दिए 24,509 करोड़

Updated at : 11 Oct 2024 5:39 PM (IST)
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SIP: सोना-चांदी छोड़ एसआईपी पर टूट पड़े लोग, सितंबर में झोंक दिए 24,509 करोड़

एसआईपी बना निवेश का आकर्षण

SIP: एएफएफआई के आंकड़ों में यह भी कहा गया है कि एसआईपी के जरिए म्यूचुअल फंड स्कीम्स में किया जाने वाला निवेश सितंबर में बढ़कर 24,509 करोड़ रुपये के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया. अगस्त में यह 23,547 करोड़ रुपये था.

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SIP: आज की डेट में एसआईपी (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) बड़ी बचत के निवेश के लिए सबसे लोकप्रिय और बेहतरी ऑप्शन बन गया है. इसी का नतीजा है कि देश के लोग एसआईपी पर टूट पड़े. आपको यह जान हैरानी होगी कि सितंबर महीने के दौरान मोटी कमाई करने के लिए लोगों ने एसआईपी में निवेश करने के लिए 24,509 करोड़ रुपये को झोंक दिया. हालांकि, उन लोगों को इसका फायदा भी मिल रहा है. एसआईपी न केवल म्यूचुअल फंड में निवेश का एक माध्यम है, बल्कि दीर्घावधि में बंपर रिटर्न देकर खजाना भरने का सशक्त साधन भी है.

इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश घटा

एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2024 के दौरान इक्विटी म्यूचुअल फंड स्कीम्स में 34,419 करोड़ रुपये निवेश आया, जो अगस्त के मुकाबले में 10% कम है. यह अप्रैल के बाद इक्विटी स्कीम्स का सबसे कम निवेश है. अप्रैल में निवेश 18,917 करोड़ रुपये रहा था. एएमएफआई ने कहा कि सेक्टरवाइज फंड और लार्ज कैप फंड में निवेश में बड़ी गिरावट आने से मासिक स्तर पर गिरावट दर्ज की गई है. आंकड़ों से पता चलता है कि सितंबर, 2024 इक्विटी कोषों में शुद्ध प्रवाह का लगातार 43वां महीना रहा है.

ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया एसआईपी का निवेश

एएफएफआई के आंकड़ों में यह भी कहा गया है कि एसआईपी के जरिए म्यूचुअल फंड स्कीम्स में किया जाने वाला निवेश सितंबर में बढ़कर 24,509 करोड़ रुपये के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया. अगस्त में यह 23,547 करोड़ रुपये था. एएमएफआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) वेंकट चलसानी ने कहा कि एसआईपी से निवेश में बढ़ोतरी होने का अर्थ यह है कि निवेशक अब अनुशासित ढंग से निवेश कर संपत्ति सृजन को तरजीह दे रहे हैं.

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म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री से 71,114 करोड़ की निकासी

म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ने अगस्त महीने में 1.08 लाख करोड़ रुपये का निवेश देखा था, जबकि सितंबर में 71,114 करोड़ रुपये की निकासी हो गई. बॉन्ड स्कीम्स से 1.14 लाख करोड़ रुपये की भारी निकासी होने से ऐसा हुआ. इस बड़ी निकासी के बावजूद म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की नेट असेट्स अंडर मैनेजमेंट पिछले महीने बढ़कर 67 लाख करोड़ रुपये हो गईं, जबकि अगस्त के आखिर में यह 66.7 लाख करोड़ रुपये थीं.

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इक्विटी स्कीम्स में लोगों की घटी दिलचस्पी

एएमएफआई के आंकड़ों के मुताबिक, इक्विटी-बेस्ड स्कीम्स में पिछले महीने 34,419 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जो अप्रैल के बाद का सबसे निचला स्तर है. अगस्त के 38,239 करोड़ रुपये और जुलाई के 37,113 करोड़ रुपये के मुकाबल में यह काफी कम था. इक्विटी स्कीम्स में जून और मई में 40,608 करोड़ रुपये और 34,697 करोड़ रुपये का निवेश आया था. इक्विटी स्कीम्स के भीतर सेक्टरवाइज फंडों ने समीक्षाधीन महीने में 13,255 करोड़ रुपये के उच्चतम शुद्ध प्रवाह के साथ निवेशकों को आकर्षित किया. हालांकि, अगस्त के 18,117 करोड़ रुपये की तुलना में प्रवाह कम रहा. इसके अलावा लार्ज कैप फंडों में भी प्रवाह 2,637 करोड़ रुपये से घटकर 1,769 करोड़ रुपये रह गया.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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