Bharat Bill Payment System: अब NRI विदेश में बैठकर कर सकेंगे बिलों का भुगतान, RBI गवर्नर का ऐलान

Updated at : 05 Aug 2022 3:03 PM (IST)
विज्ञापन
Bharat Bill Payment System: अब NRI विदेश में बैठकर कर सकेंगे बिलों का भुगतान, RBI गवर्नर का ऐलान

अब एनआरआई विदेश में बैठकर बिजली, पानी जैसी सुविधाओं और स्कूल, कॉलेज की फीस का भुगतान कर सकेंगे. रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने ऐलान किया है.

विज्ञापन

प्रवासी भारतीय (NRI) अब भारत में अपने परिवार के सदस्यों की ओर से भारत बिल भुगतान प्रणाली के जरिये बिजली, पानी जैसी सुविधाओं और स्कूल, कॉलेज की फीस का भुगतान कर सकेंगे. भारत बिल भुगतान प्रणाली (बीबीपीएस) से करीब 20,000 बिल भेजने वाली इकाइयां जुड़ी हैं. इस प्रणाली पर मासिक आधार पर आठ करोड़ लेनदेन होते हैं. रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास (Shaktikanta Das) ने मौद्रिक समीक्षा बैठक के नतीजों की घोषणा करते हुए शुक्रवार को कहा कि बीबीपीएस ने भारत में प्रयोगकर्ताओं के बिल भुगतान के अनुभव को बदला है. अब इसमें सीमापार से बिल भुगतान की प्रणाली को भी शुरू किया जा रहा है.

NRI भर सकेंगे बिजली, पानी का बिल

गवर्नर ने कहा, ”इससे एनआरआई भारत में अपने परिवारों की ओर से बिजली, पानी के बिलों का भुगतान कर सकेंगे. साथ ही इसके जरिये वह शिक्षा से जुड़े शुल्कों का भी भुगतान कर पाएंगे.” शक्तिकांत दास ने कहा कि इससे विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों को काफी फायदा होगा. केंद्रीय बैंक ने बयान में कह कि इस फैसले से बीबीपीएस मंच से जुड़े अन्य बिल भेजने वाली इकाइयों के बिलों का भी भुगतान किया जा सकेगा. केंद्रीय बैंक जल्द इस बारे में आवश्यक निर्देश जारी करेगा.

शक्तिकांत दास ने कही ये बात

शक्तिकांत दास ने मुंबई इंटरबैंक आउटरेट रेट (मिबोर) आधारित ‘ओवरनाइट इंडेक्स स्वैप’ (ओआईएस) अनुबंधों के लिये वैकल्पिक मानक दर तय करने की संभावना के अध्ययन को एक समिति के गठन की भी घोषणा की है. इसका विदेशी बाजार में ब्याजदर डेरिवेटिव्स (आईआरडी) के रूप में व्यापक इस्तेमाल होता है.

Also Read: GST Tax: धार्मिक स्थलों से जुड़े विश्राम गृहों पर लगेगा जीएसटी?, CBIC ने कही ये बात
विदेशी एफसीएस-ओआईएसबाजार में प्रवासियों से लेनदेन की अनुमति

रिजर्व बैंक की ओर से भागीदारों के आधार में विविधता और नए आईआरडी मध्यमों के लिए कदम उठाने से मिबोर आधारित डेरिवेटिव अनुबंध का इस्तेमाल बढ़ा है. इसके अलावा, रिजर्व बैंक ने एकल प्राथमिक डीलरों (एसपीडी) को सीधे प्रवासी भारतीयों और अन्य से विदेशी मुद्रा निपटान ओवरनाइट इंडेक्स्ड स्वैप (एफसीएस-ओआईएस) लेनदेन की अनुमति दे दी है. वर्तमान में एकल प्राथमिक डीलरों को सीमित उद्देश्यों के लिए विदेशी मुद्रा व्यापार करने की अनुमति है. एसपीडी में बैंक आदि आते हैं. इस साल फरवरी में बैंकों को विदेशी एफसीएस-ओआईएसबाजार में प्रवासियों और अन्य से लेनदेन की अनुमति दी गयी थी. (भाषा)

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola