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आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस नहीं जाएगी किसी की नौकरी, टूल की तरह करें इस्तेमाल: नारायण मूर्ति

Updated at : 21 May 2024 12:35 PM (IST)
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आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस नहीं जाएगी किसी की नौकरी, टूल की तरह करें इस्तेमाल: नारायण मूर्ति

इन्फोसिस के सह-संस्थाप नारायण मूर्ति ने एआई से नहीं डरने पर दिया जोर. फाइल फोटो.

Artificial Intelligence: इन्फोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति ने आगे कहा कि आजतक का भगवान का सबसे बड़ा आविष्कार इंसान का दिमाग है और इसकी बराबरी कोई टेक्नोलॉजी नहीं कर सकती.

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Artificial Intelligence: आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) ने अगर आदमी की जिंदगी को आसान किया है, तो इससे लोगों को नौकरी जाने का डर भी सता रहा है. उन्हें लगता है कि एआई लोगों की नौकरी को समाप्त कर देगा. इसी मुद्दे पर चर्चा करते हुए इन्फोसिस के सह-संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति ने एक साक्षात्कार के दौरान इसके फायदे और नुकसान पर चर्चा की है. एक तरफ वे एआई को एक टूल के तौर पर इस्तेमाल करने को तो बेहतर बताते हैं, लेकिन नौकरी के लिहाज से वे इसे बेहतर नहीं मानते. इस साक्षात्कार में उन्होंने दो टूक कहा है कि टेक्नोलॉजी कभी भी इंसान का स्थान नहीं ले सकती.

भगवान का सबसे बड़ा आविष्कार इंसान का दिमाग

साक्षात्कार के दौरान इन्फोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति ने आगे कहा कि आजतक का भगवान का सबसे बड़ा आविष्कार इंसान का दिमाग है और इसकी बराबरी कोई टेक्नोलॉजी नहीं कर सकती. कंप्यूटर कभी एक इंसान के बच्चे के दिमाग की भी बराबरी नहीं कर सकता. ऐसी स्थिति में वह हमें कैसे रिप्लेस करेगा.

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमारा अविष्कार है

उन्होंने कहा कि हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की वजह से नौकरी जाने के खतरे से बेवजह ही डरे हुए है. उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमें कैसे रिप्लेस कर सकेगा? क्या यह मानव श्रम को बदल सकता है. हमें इसका स्वागत करना चाहिए और उसे एक टूल के तौर पर इस्तेमाल करना चाहिए. उन्होंने 1975 में केस टूल के आविष्कार का हवाला देते हुए कहा कि लोग उस वक्त भी डर हुए थे. उस समय भी लोगों में इस बात को लेकर भय समाया हुआ था कि यह टूल सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट में इंसानों की जगह ले लेगा, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि हम इससे भी बड़ी कई प्रकार की समस्याओं को देखते हैं, जिसे इस प्रकार के टूल सुलझा नहीं सकते.

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को खुद पर हावी न होने दें

यह कोई पहली बार नहीं है कि इन्फोसिस के सह-संस्थापक ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से नौकरी जाने के खतरे मानने से इनकार किया है, बल्कि उन्होंने ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन के 67वें स्थापना दिवस के मौके पर भी इस खतरे को खारिज कर दिया था. उन्होंने कहा कि मैं इस टेक्नोलॉजी को सकारात्मक रूप में देखता हूं और हम सभी को इसे एक टूल के तौर पर ही देखना चाहिए. इसके साथ ही, उन्होंने आगाह करते हुए भी कहा है कि यह तभी संभव हो सकेगा, जब हम इसे खुद पर हावी ने होने दें.

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Nisha Bharti

लेखक के बारे में

By Nisha Bharti

Nisha Bharti is a contributor at Prabhat Khabar.

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