आधी कीमत पर मिलेगी विदेशी शराब और कारें? भारत-EU डील के वो सच जो आपको हैरान कर देंगे !

Updated at : 27 Jan 2026 3:23 PM (IST)
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India EU Free Trade Deal

India EU Free Trade Deal (AI Image)

India EU Free Trade Deal: भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुई ऐतिहासिक 'महा-डील' से विदेशी कारें, वाइन और मशीनरी काफी सस्ती होंगी. टैरिफ में भारी कटौती से द्विपक्षीय व्यापार दोगुना होगा और लाखों नए रोजगार मिलेंगे. यह समझौता चीन पर निर्भरता कम कर भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम है.

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India EU Free Trade Deal: 18 साल की लंबी बातचीत के बाद आखिरकार भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच व्यापार को लेकर एक बड़ा समझौता हो गया है. प्रधानमंत्री मोदी ने इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील’ कहा है, क्योंकि यह भारत की अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल सकता है. सरल शब्दों में कहें तो, अब यूरोप से सामान मंगाना और भारत से वहां सामान भेजना बहुत आसान और सस्ता हो जाएगा.

हमारे लिए क्या सस्ता होने वाला है?

इस समझौते के बाद आपके बजट पर सीधा असर पड़ेगा. कई लग्जरी और जरूरत की चीजें सस्ती होने की उम्मीद है.

  • गाड़ियां: जो विदेशी कारें पहले बहुत महंगी होती थीं, उन पर टैक्स 110% से घटकर सिर्फ 10% रह जाएगा.
  • खान-पान: जैतून का तेल (Olive Oil), फ्रूट जूस और पैकेट बंद खाना (Processed Food) सस्ता होगा.
  • पार्टी और ड्रिंक्स: वाइन और बीयर पर लगने वाले टैक्स में भी 40% से 50% तक की कटौती की गई है.
  • दवाइयां और मशीनरी: इलाज में काम आने वाली मशीनें और विदेशी दवाएं अब कम दाम में मिल सकेंगी.

चीन और अमेरिका पर कम होगी निर्भरता

अब तक हम बहुत सी चीजों के लिए चीन या अमेरिका की तरफ देखते थे. इस डील के बाद भारत और यूरोप एक-दूसरे के इतने करीब आ जाएंगे कि हमें दूसरों पर ज्यादा निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. यह भारत को एक ‘ग्लोबल हब’ बनाने की दिशा में बड़ा कदम है.

नौकरियों की आएगी बाढ़

जब व्यापार बढ़ता है, तो काम भी बढ़ता है. जानकारों का कहना है कि इस डील से भारत में लाखों नए रोजगार पैदा होंगे. यूरोप की कंपनियां भारत में फैक्ट्रियां लगा सकती हैं, जिससे डायरेक्ट और इनडायरेक्ट नौकरियां मिलेंगी और छोटे व्यापारियों (SME) के लिए यूरोप का बड़ा बाजार खुल जाएगा.

पर्यावरण के लिए मदद

यूरोप सिर्फ व्यापार ही नहीं कर रहा, बल्कि भारत को प्रदूषण कम करने और ‘ग्रीन एनर्जी’ अपनाने के लिए लगभग 4500 करोड़ रुपये (500 मिलियन यूरो) की मदद भी देगा. इससे भारत में सोलर और क्लीन एनर्जी के प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा मिलेगा.

कारोबारियों को क्या फायदा होगा?

यूरोप के व्यापारियों को हर साल करीब 4 अरब यूरो की बचत होगी.
केमिकल, मशीनरी और स्पेस (Space) से जुड़े सामान पर अब कोई एक्स्ट्रा ड्यूटी नहीं देनी होगी.
डिजाइन और कॉपीराइट के नियम कड़े होंगे, जिससे बिजनेस करना सुरक्षित हो जाएगा.

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Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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