एयर इंडिया की घरेलू फ्लाइट ₹399 महंगी, इंटरनेशनल टिकट 15% बढ़े, ईरान जंग से जेट फ्यूल महंगा

Air India Flight (फोटो क्रेडिट- एयर इंडिया )
Middle East Conflict 2026: इसके पीछे सबसे बड़ी वजह 28 फरवरी से शुरू हुई ईरान-इजराइल की जंग है. इस संघर्ष के कारण होर्मुज रूट पर असर पड़ा है और तेल की सप्लाई चेन बुरी तरह गड़बड़ा गई है.
Middle East Conflict 2026: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने अब सीधे आपकी जेब पर वार करना शुरू कर दिया है. अगर आप आने वाले दिनों में कहीं घूमने या काम से फ्लाइट पकड़ने का प्लान बना रहे हैं, तो तैयार हो जाइए, हवाई सफर अब पहले जैसा सस्ता नहीं रहने वाला है .12 मार्च से एअर इंडिया ने अपनी घरेलू उड़ानों पर 399 रुपये का फ्यूल सरचार्ज लगाने का फैसला किया है.
यानी टिकट बुक करते समय आपको यह एक्स्ट्रा चार्ज देना होगा. सिर्फ घरेलू ही नहीं, इंटरनेशनल फ्लाइट्स के किराए में भी करीब 15% की बढ़ोतरी हो गई है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर हालात नहीं सुधरे, तो भारतीय एयरलाइंस आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ा सकती हैं.

आखिर क्यों बढ़ रहे हैं दाम ?
इसके पीछे सबसे बड़ी वजह 28 फरवरी से शुरू हुई ईरान-इजराइल की जंग है. इस संघर्ष के कारण होर्मुज रूट पर असर पड़ा है और तेल की सप्लाई चेन बुरी तरह गड़बड़ा गई है. इसी वजह से कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं.
- ब्रेंट क्रूड: इसकी कीमत $93 से $120 प्रति बैरल के बीच झूल रही है.
- जेट फ्यूल (ATF): एयरलाइंस के लिए सबसे बड़ा खर्च ईंधन ही होता है (कुल खर्च का 30-40%). जंग से पहले जो ईंधन $85-$90 में मिल रहा था, वह अब $150 से $200 तक पहुंच गया है. कई मार्केट में कीमतें दोगुनी हो चुकी हैं.

दुनिया भर का हाल: कहीं 70% महंगा, तो कहीं उड़ानें रद्द
सिर्फ भारत ही नहीं, पूरी दुनिया की एयरलाइंस इस ‘तेल संकट’ से जूझ रही हैं.
- वियतनाम: यहां की सरकारी एयरलाइन का खर्च 70% बढ़ गया है, जिससे टिकटों के दाम आसमान छू सकते हैं.
- एयर न्यूजीलैंड और क्वांटास: इन बड़ी कंपनियों ने भी साफ कह दिया है कि तेल की बढ़ी कीमतों का बोझ अब यात्रियों को ही उठाना होगा.
- हांगकांग एयरलाइंस: इन्होंने फ्यूल सरचार्ज में 35% से ज्यादा की बढ़ोतरी कर दी है.
- फ्लाइट्स कैंसिलेशन: मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण अब तक दुनिया भर में 40,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द हो चुकी हैं.

आगे और बढ़ सकते हैं किराए
जानकारों का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट का तनाव जल्दी कम नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में फ्लाइट टिकट और महंगे हो सकते हैं. यहां तक कि कुछ छोटी एयरलाइंस के बंद होने का खतरा भी बताया जा रहा है. हालांकि जिन कंपनियों ने पहले से फ्यूल कीमतों को हेज कर रखा है, उन्हें इस संकट में कुछ फायदा मिल सकता है.
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By Abhishek Pandey
अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।
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