Kumar Vishwas Fees: कवि हैं लेकिन स्टार से कम नहीं, कुमार विश्वास की फीस सुनकर हो जाओगे हैरान
Kumar Vishwash Fees
Kumar Vishwas Fees: डॉ. कुमार विश्वास न केवल लोकप्रिय कवि हैं, बल्कि रामकथा के प्रमुख वक्ता भी हैं. उनकी एक प्रस्तुति की फीस 8 से 50 लाख रुपये तक होती है. उनकी कविताएं युवा दिलों को छूती हैं और रामकथा वैचारिकता से भरपूर होती है.
Kumar Vishwas Fees: डॉ. कुमार विश्वास नाम ही काफी है. एक ऐसा कवि जो सिर्फ मंच पर शेर नहीं पढ़ता, बल्कि दिलों पर राज करता है. प्यार, इंकलाब, जिंदगी और अब मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की कथा इनकी आवाज़ में हर भाव अपने चरम पर होता है. कुमार विश्वास की कविताएं नई पीढ़ी के लिए किसी थेरपी से कम नहीं हैं. कॉलेज फेस्ट से लेकर इंटरनेशनल कवि सम्मेलन तक, हर जगह इनकी डिमांड टॉप पर है. कार्यक्रमों में श्रोताओं की लाइनें देखिए तो लगेगा कोई फिल्म स्टार आ रहा है. लेकिन ये स्टार सिर्फ चमक नहीं, गहराई भी लेकर आता है.

कुमार विश्वास की “रामकथा” कोई साधारण प्रवचन नहीं है. ये रामायण की कहानी है, लेकिन उनकी नजर से. इसमें तुलसीदास हैं, कबीर हैं, गांधी हैं और आज का युवा भी. कुमार विश्वास जब रामकथा कहते हैं, तो शब्दों में सिर्फ भक्ति नहीं, विवेक और वैचारिक शक्ति भी होती है. लोग घंटों बैठकर सुनते हैं, आंखों में आंसू और चेहरे पर मुस्कान लेकर जाते हैं.
अब सीधे मुद्दे की बात कुमार विश्वास की फीस कितनी है?

- भारत में एक सामान्य कवि सम्मेलन के लिए: 8 लाख से 15 लाख रुपये
- इंटरनेशनल इवेंट्स (USA, UK, UAE वगैरह): 20 लाख से 30 लाख रुपये (प्लस ट्रैवल, स्टे, और VVIP सुविधाएं)
- स्पेशल मोटिवेशनल या कॉरपोरेट प्रोग्राम्स: 10 लाख रुपये से ऊपर
रामकथा की फीस (Fees for Ram Katha)
- भारत में रामकथा के लिए फीस: 15 लाख से 25 लाख रुपये
- विदेशों में रामकथा (अमेरिका, कनाडा, दुबई आदि): 30 लाख से 50 लाख रुपये
- (इसके अलावा बिजनेस क्लास टिकट, 5 स्टार स्टे, सुरक्षा व्यवस्था, और आयोजकों की जिम्मेदारी तय होती है)
इतनी कमाई और शोहरत के बाद भी कुमार विश्वास टैक्स देने में सबसे आगे हैं. हर इवेंट की बाकायदा इनवॉइस बनती है, जीएसटी के साथ पेमेंट होता है, और इनकम टैक्स पूरा दिया जाता है.\
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By अभिषेक पाण्डेय
अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।
पत्रकारिता अनुभव
अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।
करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।
इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।
शिक्षा
अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










