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Budget Expectations: टैक्स लिमिट को 2.5 लाख से बढ़ाकर 5 लाख किया जाए, आम बजट से ऐसी है लोगों की उम्मीदें

Updated at : 14 Jan 2023 2:26 PM (IST)
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Budget Expectations: टैक्स लिमिट को 2.5 लाख से बढ़ाकर 5 लाख किया जाए, आम बजट से ऐसी है लोगों की उम्मीदें

Budget Expectations: वित्त वर्ष 2023-24 का सालाना बजट 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के द्वारा संसद में पेश किया जाएगा. राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद पहले यह संसद की निचली सदन लोकसभा में पेश किया जाएगा.

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Budget Expectations: संसद में एक फरवरी 2023 को पेश होने वालेकेंद्रीय बजट को लेकर लोगों के मन में उत्सुकता अधिक है. इसे लेकर प्रभात खबर की आम बजट परिचर्चा में चार्टर्ड एकाउंटेंट (सीए) शामिल हुए़. आम बजट में किन-किन बातों का ध्यान रखा जाये, इस पर सीए ने अपनी बातें रखीं. उन्होंने कहा कि जीएसटी और इनकम टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन को इंप्रूव करना चाहिए. साथ ही करदाता फ्रेंडली हो. अधिकारियों की जिम्मेवारी तय होनी चाहिए. जीएसटी एमनेस्टी स्कीम जरूरी है.

वेतनभोगी वर्ग के टैक्स लिमिट को 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये करना चाहिए. वहीं 80 सी के लिमिट को 1.5 लाख से बढ़ा कर तीन लाख रुपये करना चाहिए. होम लोन में इनसेंटिव मिलने से रियल एस्टेट को बढ़ावा मिलेगा.

-सीए बिनोद बंका, पूर्व अध्यक्ष, रांची शाखा

31 मार्च तक इलेक्ट्रिकल व्हीकल की खरीदारी पर 1.5 लाख रुपये तक की सकल आय में छूट है. अंतिम तिथि बढ़ानी चाहिए. माइक्रो इंडस्ट्री को स्कीम का फायदा नहीं मिलता. एग्रो टूरिज्म के टैक्स में छूट हो.

-सीए प्रभात कुमार, अध्यक्ष, आइसीएआइ, रांची शाखा

देश में भवन निर्माण एक बड़ी इंडस्ट्री है. सबसे अधिक रोजगार भी देती है. इस कारण सरकार को इसमें सबसे कम दर वाला टैक्स स्लैब में रखना चाहिए. जीएसटी के अधीन दंडात्मक प्रावधानों को भी हटाना चाहिए.

-सीए अभिषेक केडिया, सचिव, रांची शाखा

वर्तमान में सबसे अधिक रोजगार बिजनेस सेक्टर दे रहा है. बिजनेस बंद हो जाता है, तो तुरंत नोटिस चला जाता है. वरिष्ठ बिजनेसमैन और वरिष्ठ प्रोफेशनल के लिए केंद्र सरकार को पेंशन स्कीम लानी चाहिए. बिल्डरों के लिए ऋण प्रक्रिया सरल हो.

-सीए रंजीत गाड़ोदिया

मार्च, 2023 तक जो भी स्टार्टअप कंपनियां रजिस्टर्ड होंगी, उन्हें ही स्टार्टअप का दर्जा मिलेगा. सरकार को इसे बढ़ा कर 2024 तक करना चाहिए, ताकि अधिक-से-अधिक स्टार्टअप का लाभ ले सके.

-सीए दीपक गाड़ोदिया

सरकार का यह अंतिम फुल बजट है. सैलरी क्लास को मिलने वाले स्टैंडर्ड डिडक्शन को 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये करना चाहिए. सिंगल विंडो सिस्टम को कारगर बनाना चाहिए.

-सीए पंकज मक्कड़, उपाध्यक्ष, रांची शाखा

सीनियर सिटीजन को 50,000 रुपये के इंटरेस्ट ऑन डिपॉजिट पर छूट मिलती है. इसे बढ़ाकर एक लाख रुपये करना चाहिए. साथ ही कोविड के बाद लोगाें के स्वास्थ्य पर असर पड़ा है. 80डी की सीमा बढ़ायी जानी चाहिए.

-सीए हरेंद्र भारती, कोषाध्यक्ष, रांची शाखा

80सी की लिमिट बढ़े़ जीएसटी रिटर्न फाइलिंग के दौरान पहले टैक्स पेयर से कई गलतियां हुई हैं. न अधिकारी और न एसेसी को पता है. इसके लिए जीएसटी एमनेस्टी स्कीम लानी चाहिए.

-सीए अरविंद मोदी

आइटीआर यू में टैक्स रिफंड का प्रावधान करना चाहिए. यही नहीं एनआरआइ अगर किसी संपत्ति की बिक्री करता है, तो उसका 30 प्रतिशत टैक्स लग जाता है. इस पर सरकार को ध्यान देना चाहिए.

-सीए कुणाल घेलानी

टीडीएस और टीसीएस के प्रावधान से व्यापारी प्रताड़ित हो रहे हैं. टीडीएस का फ्लैट रेट होना चाहिए. टैक्स की दर में एकरूपता लानी चाहिए.

-सीए आदित्य शाह

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