IPO बाजार में भारत ने मारी बाजी, चीन के बाद दूसरा नंबर किया हासिल

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IPO बाजार में भारत नंबर 2 पर (Photo: AI)

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भारत IPO बाजार में चीन के बाद दूसरे नंबर पर रहा है. जानें कंपनियों ने कितनी रकम जुटाई और IPO में निवेशकों को कितना मुनाफा मिला.

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भारत दुनिया के सबसे सक्रिय IPO बाजारों में अपनी जगह बनाए हुए है. वित्त वर्ष 2025-26 में घरेलू कंपनियों ने 360 से ज्यादा IPO के जरिए करीब 1.9 लाख करोड़ रुपये जुटाए. ग्रांट थॉर्नटन भारत की रिपोर्ट के मुताबिक, मई 2026 में दुनिया भर में हुए कुल IPO में भारत की हिस्सेदारी 14 फीसदी रही. इस मामले में भारत चीन के बाद दूसरे स्थान पर रहा.

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हालांकि, IPO बाजार में तेजी के साथ निवेशकों के लिए एक अहम बात भी सामने आई है. कंपनियों के IPO को पहले जैसी जोरदार प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है और लिस्टिंग के दिन मिलने वाला औसत मुनाफा भी घटा है.

भारत के IPO बाजार की तस्वीर कैसी रही?

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत में 360 से ज्यादा IPO आए. इन कंपनियों ने मिलकर करीब 1.9 लाख करोड़ रुपये जुटाए. इससे भारत दुनिया के प्रमुख IPO बाजारों में शामिल रहा. मई 2026 में दुनिया में हुए कुल IPO में भारत की हिस्सेदारी 14 फीसदी रही. यानी इस अवधि में दुनिया के IPO बाजार में भारत की मौजूदगी काफी मजबूत रही और चीन के बाद दूसरे नंबर पर रहा.

निवेशकों ने IPO को कितना सब्सक्राइब किया?

IPO में निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है, लेकिन सब्सक्रिप्शन का औसत पिछले साल के मुकाबले कम हुआ है.

  • वित्त वर्ष 2025-26 में औसत सब्सक्रिप्शन 39 गुना रहा.
  • एक साल पहले यह आंकड़ा 71 गुना था.
  • यानी कंपनियों के IPO को मिलने वाली औसत बोली में कमी आई है.

इससे साफ है कि निवेशक अब IPO में आवेदन करने से पहले कंपनी को लेकर ज्यादा सोच-विचार कर रहे हैं.

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लिस्टिंग के दिन कितना मुनाफा मिला?

IPO में पैसा लगाने वालों के लिए सिर्फ शेयर मिल जाना ही कमाई की गारंटी नहीं है. रिपोर्ट के मुताबिक, IPO की लिस्टिंग के पहले दिन मिलने वाला औसत लाभ 29 फीसदी से घटकर 7 फीसदी रह गया. वहीं, लिस्टेड IPO कंपनियों का औसत प्रदर्शन 17 फीसदी नकारात्मक रहा. इसका मतलब है कि IPO में आवेदन करने से लिस्टिंग के दिन मुनाफा होना तय नहीं है. ऐसे में निवेशकों का फोकस सिर्फ IPO के चर्चे या सब्सक्रिप्शन आंकड़े पर नहीं, बल्कि कंपनी के कारोबार और उसकी आगे की संभावनाओं पर भी है.

चीन के मुकाबले भारत कहां खड़ा है?

भारत IPO बाजार में चीन के बाद दूसरे स्थान पर रहा. रिपोर्ट के मुताबिक, प्रमुख शेयर बाजारों में भारत में 109 IPO आए, जिनसे करीब 1.77 लाख करोड़ रुपये जुटाए गए. इसके पिछले वित्त वर्ष में 80 IPO के जरिए करीब 1.63 लाख करोड़ रुपये जुटाए गए थे. यानी IPO की संख्या के साथ जुटाई गई रकम में भी बढ़ोतरी हुई. रिपोर्ट के अनुसार, निवेशक अब IPO में आवेदन करने से पहले कंपनी के कारोबार, मैनेजमेंट, कमाई की संभावना और वैल्यूएशन जैसे पहलुओं को ज्यादा ध्यान से देख रहे हैं. इसलिए किसी IPO का ज्यादा चर्चा में होना या ज्यादा सब्सक्राइब होना अपने आप में लिस्टिंग पर मुनाफे की गारंटी नहीं है.

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