ePaper

2024-25 में 7.2% रहेगी भारत की आर्थिक वृद्धि दर, आरबीआई ने बढ़ाया अनुमान

Updated at : 05 Sep 2024 12:20 PM (IST)
विज्ञापन
2024-25 में 7.2% रहेगी भारत की आर्थिक वृद्धि दर, आरबीआई ने बढ़ाया अनुमान

आरबीआई ने बढ़ाया आर्थिक वृद्धि दर अनुमान

GDP Growth: गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि अब समय आ गया है कि कॉर्पोरेट क्षेत्र निवेश बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर सामने आए. निजी निवेश के स्पष्ट संकेत दिख रहे हैं. उन्होंने कहा कि जीएसटी और आईबीसी जैसे सुधारों से दीर्घकालिक सकारात्मक परिणाम मिले हैं. भूमि, श्रम तथा कृषि बाजार में सुधार की जरूरत है.

विज्ञापन

GDP Growth: विश्व बैंक के बाद भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने भी भारत की आर्थिक वृद्धि दर अनुमान में बढ़ोतरी कर दी है. मुंबई में इंडियन बैंक एसोसिएशन (आईबीए) के सालाना बैंकिंग सम्मेलन एफआईबीएसी-2024 में आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि केंद्रीय बैंक ने चालू वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान देश की आर्थिक विकास दर अनुमान को बढ़ाकर 7.2% कर दिया है. उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) ने भी भारत की विकास दर 7% रहने का अनुमान लगाया है. इससे पहले विश्व बैंक ने भी अपने अनुमान में वृद्धि दर को 7% पर कायम रखा है. उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास दर के मामले में वैश्विक एजेंसियों के अनुमान के साथ आरबीआई की धारणाएं और अनुमान भी एक-दूसरे से मेल खाते दिखाई दे रहे हैं.

आम चुनाव में सरकारी खर्च घटने से वृद्धि प्रभावित

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि आंकड़ों से पता चलता है कि वृद्धि चालकों के मूल तत्व गति पकड़ रहे हैं और भारत की वृद्धि गाथा बरकरार है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि देश में आम चुनावों के कारण केंद्र और राज्य सरकारों के खर्च में कमी आई, जिसका असर आर्थिक विकास पर पड़ा है. उन्होंने कहा कि अब आम चुनाव के बाद केंद्र और राज्य सरकारों के खर्च में संबंधित बजट अनुमानों के अनुरूप तेजी आने की संभावना है.

आरबीआई का जीडीपी वृद्धि अनुमान असंगत नहीं

गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 के लिए आरबीआई का 7.2% जीडीपी वृद्धि अनुमान असंगत नहीं लगता, क्योंकि व्यापक आर्थिक परिणाम में संरचनात्मक कारक बड़ी भूमिका निभा रहे हैं. अब समय आ गया है कि कॉर्पोरेट क्षेत्र निवेश बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर सामने आए. निजी निवेश के स्पष्ट संकेत दिख रहे हैं. उन्होंने कहा कि जीएसटी और आईबीसी जैसे सुधारों से दीर्घकालिक सकारात्मक परिणाम मिले हैं. भूमि, श्रम तथा कृषि बाजार में सुधार की जरूरत है.

इसे भी पढ़ें: ‘आर्बीट्रेज फंड’ को नहीं जानते भारत के लोग, जान जाएंगे तो बन जाएंगे करोड़पति

भारत ने गरीबी मिटाने में उल्लेखनीय प्रगति की

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि भारत ने गरीबी मिटाने में उल्लेखनीय प्रगति की है. उन्होंने कहा कि कई एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम इकाई) आकार में छोटे रह जाते हैं और विभिन्न कारणों से उनका विस्तार नहीं हो पाता. बैंकों को एमएसएमई के लिए अनुरूप उत्पाद विकसित करने चाहिए. उन्होंने कहा कि विवेकपूर्ण ऋण सुनिश्चित करने के लिए केवल विनियमित संस्थाओं को यूएलआई मंच पर अनुमति दी जाएगी. यूएलआई कुछ चुनिंदा कंपनियों का ‘क्लब’ नहीं होगा. जोखिम निर्धारण मानकों को कमजोर किए बिना महिलाओं के नेतृत्व वाले व्यवसायों को समर्थन देने के लिए विशेष उत्पाद विकसित करें.

इसे भी पढ़ें: दिल्ली-एनसीआर में यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे 450% महंगी हो गई जमीन, फ्लैट बजट से बाहर

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola