मेजर, माइनर और एडिशनल सभी विषयों में 75% उपस्थिति जरूरी, जेपीयू ने जारी की गाइडलाइन
Published by : YUVRAJ RATAN Updated At : 03 Jun 2026 3:00 PM
जेपीयू का प्रशासनिक भवन
Saran News : कम उपस्थिति पर परीक्षा फॉर्म भरने से वंचित हो सकते हैं छात्र, संकल्प पत्र पर विचार
Saran News (प्रभात किरण हिमांशु) : जयप्रकाश विश्वविद्यालय ने स्नातक के नये सत्र 2026-30 के अंतर्गत छात्रों की उपस्थिति को लेकर एक महत्वपूर्ण गाइडलाइन जारी किया है. गाइडलाइन के अनुसार स्नातक में नामांकन के बाद यदि किसी छात्र की उपस्थिति किसी एक विषय या पेपर में 75 प्रतिशत से कम होगी, तो उसे कोर्स या पेपर को अगले सेमेस्टर की आने वाली परीक्षा में दोबारा दोहराना होगा और विश्वविद्यालय के अनुसार अनुपातिक फीस भी देनी होगी. पहले परीक्षा फॉर्म भरने के लिए ओवरऑल 75 फीसदी की उपस्थिति अनिवार्य की थी. हालांकि छात्र-छात्राएं कॉलेजों में कोई ना कोई जुगाड़ लगाकर फॉर्म भर लेते थे. लेकिन इस बार गाइडलाइन में स्पष्ट कर दिया गया है कि अलग-अलग विषय के अनुसार कक्षाओं में उपस्थित की मॉनिटरिंग की जायेगी. मेजर कोर्स, माइनर कोर्स व एडिशनल विषय की पढ़ाई के दौरान यदि छात्र-छात्रा उस पेपर की कक्षाओं में 75 प्रतिशत से कम उपस्थित होंगे, तो उस सेमेस्टर के अंतर्गत दूसरे विषयों की परीक्षा दे सकेंगे. लेकिन जिस विषय में उपस्थिति कम है, उसका पेपर अगले सेमेस्टर की परीक्षा में देना होगा. साथ ही उस पेपर के लिए विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित किये गये अनुपातिक शुल्क को भी जमा करना होगा.
नई गाइडलाइन, फर्जीवाड़ा करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
विश्वविद्यालय ने गाइडलाइन में स्पष्ट कर दिया गया है कि नामांकन के लिए अप्लाइ करते समय यदि छात्र-छात्रा द्वारा किसी प्रकार का फर्जी प्रमाण पत्र अपलोड किया गया और बाद में जांच में पकड़े गये तो तुरंत नामांकन रद्द कर दिया जायेगा. ऐसी स्थिति में छात्र द्वारा जमा किये गये फीस को भी जब्त कर लिया जायेगा और उचित कार्रवाई भी शुरू की जायेगी इसके साथ ही गाइडलाइन में यह भी जानकारी दी गयी है कि कोई भी छात्र विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान इस सेशन में किसी अन्य डिग्री कार्यक्रम में रजिस्ट्रेशन नहीं कर सकते हैं. चाहे वह इसी विश्वविद्यालय में हो या किसी अन्य विश्वविद्यालय में, एक सेशन के अंतर्गत एक ही डिग्री कोर्स में दाखिला होगा. यदि छात्र किसी दूसरे विश्वविद्यालय में जानकारी छुपा कर रजिस्ट्रेशन कर लेते हैं तो स्वतः ही रजिस्ट्रेशन व नामांकन रद्द हो जायेगा. साथ ही दूसरे विश्वविद्यालय में कराये गये नामांकन को भी रद्द समझा जायेगा.
नामांकन से परीक्षा तक अटेंडेंस पर नजर, जेपीयू ने तय की सख्त व्यवस्था
इस समय स्नातक के नये सत्र में नामांकन के लिए ऑनलाइन अप्लाइ लिया जा रहा है. 10 जून तक आवेदन करने की तिथि निर्धारित है. जिसके बाद 22 जून को मेधा सूची जारी की जायेगी और 23 जून से कॉलेजों में निर्धारित प्रक्रिया के तहत नामांकन शुरू हो जायेगा. इस बार नामांकन के समय विश्वविद्यालय छात्रों से शपथ पत्र लिए जाने पर भी विचार कर रहा है. छात्रों को 75% उपस्थिति से संबंधित एक संकल्प पत्र लिया जा सकता है. यदि परीक्षा फॉर्म भरने के समय छात्र की उपस्थिति कम हुई तो उस संकल्प पत्र के आधार पर ही छात्रों को संबंधित विषय में परीक्षा फॉर्म भरने से वंचित किया जा सकता है.
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