Black Money: क्या आपकी जेब में भी है काला धन? जानिए कैसे बन जाता है सफेद पैसा काला

Updated at : 11 Apr 2025 4:09 PM (IST)
विज्ञापन
Black Money

Black Money

Black Money: ब्लैक मनी सिर्फ नेताओं या अमीरों की कहानी नहीं है, ये आपकी-हमारी जेब में भी पल सकता है. कैश में कमाई छुपाना, बिना बिल के लेन-देन करना—यही बनाता है सफेद पैसे को काला. टैक्स से बचने की चाल ही असली ब्लैक मनी है.

विज्ञापन

Black Money: अब जरा ईमानदारी से बताइए, जब टीवी पर ‘ब्लैक मनी’ की खबर आती है, तो आपको भी लगता है कि ये बड़े-बड़े नेताओं, अफसरों, बिजनेसमैन की बात है. लेकिन क्या आपको पता है कि ब्लैक मनी आपके-हमारे जैसे आम लोगों की जेब में भी पल-बढ़ सकता है? चलिए, बड़ी-बड़ी परिभाषाओं में नहीं पड़ते, सीधा मुद्दे पर आते हैं.

ब्लैक मनी मतलब?

जैसे कोई बच्चा जेब खर्च मांगे और फिर वो पैसे छुपा ले – वैसे ही जब कोई इंसान अपनी कमाई छुपा लेता है ताकि टैक्स न देना पड़े, तो वो बन जाता है ब्लैक मनी. सरकार कहती है – “कमाई करो, टैक्स दो.” लेकिन लोग कहते हैं – “कमाई करेंगे, लेकिन टैक्स नहीं देंगे.” बस यहीं से पैदा होता है ब्लैक मनी.

कैसे बनता है ब्लैक मनी?

  • मोहल्ले वाला डॉक्टर बोले – “कैश में दो, बिल की क्या ज़रूरत है?”
  • दुकान वाला बोले – “UPI करोगे तो GST लग जाएगा, कैश दो.”
  • किसी ने मकान बेचा, रजिस्ट्री में कम दाम दिखाया, बाकी कैश में ले लिया.
  • अफसर साहब बोले – “काम करवा दूंगा, लेकिन थोड़ा ‘खर्चा पानी’ लगेगा.”

भाई साहब, ये सब छोटे-छोटे तरीके हैं ब्लैक मनी को जन्म देने के.

आम लोग भी बनाते हैं क्या ब्लैक मनी?

बिलकुल! आपने घर ट्यूशन पढ़ाया, दस-पंद्रह हज़ार कैश मिला और उसे टैक्स में नहीं दिखाया – हो गया ब्लैक मनी. फ्रीलांसिंग से कमाई की, बैंक में आया पैसा, लेकिन ITR में गायब – ब्लैक मनी. मतलब ये खेल सिर्फ अमीरों का नहीं है, हम जैसे लोगों का भी है.

Also Read: लाड़ली बहनों की 1250 रुपये की किस्त में देरी, सरकार जल्द कर सकती है ट्रांसफर

सरकार कैसे पकड़ती है?

अब सरकार भी जागरूक है.
– पैन-आधार लिंक,
– बैंक ट्रांजैक्शन की निगरानी,
– इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की नजर,
– और हां, डिजिटल पेमेंट से बच नहीं सकते जनाब.

तो क्या करें?

  • कैश से दूर रहें जितना हो सके.
  • हर इनकम का हिसाब रखें.
  • साल भर में एक बार ITR भरना सीख लें.
  • “बिल दो भाई, सरकार को टैक्स चाहिए” वाली आदत डाल लें.

क्योंकि भाई, आज नहीं तो कल, सरकार आपकी जेब का एक्स-रे कर ही देगी.
और अगर उसमें निकला ‘काला धन’… तो फिर ‘रंगे हाथ’ पकड़े जाओगे

Also Read: लाड़ली बहनों की 1250 रुपये की किस्त में देरी, सरकार जल्द कर सकती है ट्रांसफर

Also Read: ‘तू नौकरी कर, खेती तेरे बस की नहीं’ लेकिन सोनिया ने बना दिया लाखों का मशरूम फार्म

विज्ञापन
Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola