ePaper

Success Story: ‘तू नौकरी कर, खेती तेरे बस की नहीं’ लेकिन सोनिया ने बना दिया लाखों का मशरूम फार्म

Updated at : 11 Apr 2025 12:53 PM (IST)
विज्ञापन
Success Story

Success Story

Success Story: हरियाणा के सोनीपत की असिस्टेंट प्रोफेसर सोनिया दहिया ने कोरोना काल में नौकरी के साथ-साथ मशरूम की खेती शुरू की. साल 2020 में उन्होंने 'डॉक्टर दहिया मशरूम फार्म' की शुरुआत की, जिसमें उन्होंने 40 लाख रुपये का निवेश किया.

विज्ञापन

Success Story: कोई सोच भी नहीं सकता था कि कॉलेज में पढ़ाने वाली एक असिस्टेंट प्रोफेसर, खेत में भी कमाल कर सकती है. लेकिन हरियाणा की सोनिया दहिया ने ये कर दिखाया है. वो भी बिना नौकरी छोड़े. बायोटेक्नोलॉजी में गहरी पकड़ रखने वाली सोनिया, सोनीपत की रहने वाली हैं और एक सरकारी कॉलेज में पढ़ाती हैं. मगर कोरोना काल यानी साल 2020 में उन्होंने कुछ अलग करने की ठानी और शुरू की मशरूम की खेती.

‘डॉक्टर दहिया मशरूम फार्म’ की शुरुआत

कोरोना के वक्त जब सब कुछ ठप था, तभी सोनिया के दिमाग में एक नया आइडिया आया. उन्होंने इंटरनेट से मशरूम की खेती के बारे में पढ़ना शुरू किया. धीरे-धीरे रिसर्च करते हुए उन्होंने “डॉक्टर दहिया मशरूम फार्म” की नींव रखी. शुरुआती दिनों में लोगों ने शक जताया — “नौकरी और खेती एक साथ कैसे?” लेकिन सोनिया ने साबित कर दिया कि जब इरादे पक्के हों, तो दो नाव पर भी सवारी मुमकिन है.

40 लाख का इन्वेस्ट और टेक्नोलॉजी से खेती का मेल

सोनिया ने बिना किसी बड़े किसान बैकग्राउंड के सीधे 40 लाख रुपये का इन्वेस्टमेंट कर दिया. किसी के लिए भी ये बड़ा रिस्क होता, लेकिन बायोटेक्नोलॉजी की नॉलेज ने उनका रास्ता आसान कर दिया. आज उनका फार्म एकदम हाईटेक और कंट्रोल्ड एनवायरमेंट में चलता है, जहां खासतौर पर बटन मशरूम उगाए जाते हैं — वो भी बिना मौसम के झंझट के.

सोनिया दहिया

हर महीने 10 टन मशरूम और लाखों की कमाई

सोनिया का फार्म अब सिर्फ उनका नहीं रहा — वो अब गांव की महिलाओं को रोजगार भी देता है. हर महीने यहां से 10 टन तक मशरूम निकलते हैं, जिससे लाखों रुपये की आमदनी होती है. इस काम ने न सिर्फ सोनिया की आर्थिक स्थिति मजबूत की, बल्कि गांव की महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बना दिया. जहां लोग सरकारी नौकरी को ही मंज़िल मान लेते हैं, वहीं सोनिया ने दिखाया कि नौकरी के साथ खेती भी की जा सकती है. वो अपनी टीचिंग जॉब और फार्म के बीच टाइम मैनेजमेंट ऐसे करती हैं जैसे कोई प्रोफेशनल CEO.

Also Read: TV वाला CID तो देखा, अब जानो असली CID ऑफिसर की सैलरी कितनी होती है

Also Read: सऊदी में 10 हजार की कमाई मतलब इंडिया में कितने? हिसाब जानकर होश उड़ जाएंगे

विज्ञापन
Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola