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आधा भारत नहीं जानता इंडियन स्टूडेंट ट्रेवल इंश्योरेंस, जान जाएगा तो वीजा लेने के लिए लगा देगा लाइन

Updated at : 10 May 2025 5:28 PM (IST)
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Indian Student Travel Insurance: इंडियन स्टूडेंट ट्रैवल इंश्योरेंस विदेश में पढ़ रहे छात्रों को मेडिकल खर्चों के साथ-साथ सामान, पासपोर्ट, लैपटॉप की हानि, पढ़ाई में रुकावट जैसे जोखिमों से सुरक्षा देता है. यह कवरेज पूरे देश में मान्य होता है और किफायती दरों पर उपलब्ध होता है, जबकि विदेशी प्लान महंगे होते हैं और सीमित कवरेज प्रदान करते हैं, जैसे यूनिवर्सिटी परिसर तक ही सीमित सुविधा.

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Indian Student Travel Insurance: विदेश में पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए एक जरूरी खबर है. वह यह है कि अगर आपका बेटा, बेटी या कोई संगे-संबंधी का सदस्य विदेश में पढ़ाई कर रहा है, तो उसके लिए इंडियन स्टूडेंट ट्रैवल इंश्योरेंस प्लान काफी फायदेमंद होता है. खासकर, जब वह हवाई जहाज से विदेश जाता है, तब उसे इस योजना का फायदा मिलता है. आइए, इस इंश्योरेंस प्लान के बारे में जानते हैं.

क्या है इंडियन स्टूडेंट ट्रैवल इंश्योरेंस प्लान

विदेश में पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए इंडियन स्टूडेंट ट्रैवल इंश्योरेंस प्लान केवल मेडिकल खर्चों तक ही सीमित नहीं है. यह योजना सामान की हानि, पासपोर्ट के खोने, पढ़ाई में किसी भी तरह की रुकावट और लैपटॉप या टैबलेट जैसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की चोरी या नुकसान जैसे जोखिमों से भी सुरक्षा प्रदान करती है. जहां यूनिवर्सिटी-विशेष हेल्थ इंश्योरेंस केवल यूनिवर्सिटी के दायरे में चिकित्सा सेवाओं को कवर करता है, वहीं इंडियन स्टूडेंट ट्रैवल इंश्योरेंस आमतौर पर पूरे देश में कवरेज प्रदान करता है। यह छात्रों को व्यापक सुरक्षा सुनिश्चित करता है.

इंडियन स्टूडेंट ट्रैवल इंश्योरेंस को क्यों चुनें?

इंडियन ट्रैवल इंश्योरेंस योजनाएं न केवल किफायती हैं, बल्कि यह कई तरह की कवरेज भी प्रदान करती हैं. यदि छात्र का स्टडी पीरियड बढ़ जाता है, तो इंडियन पॉलिसी को आगे बढ़ाया जा सकता है, जो कई विदेशी इंश्योरेंस कंपनियां नहीं करतीं. डिजिट इंश्योरेंस के सीएमओ और डायरेक्ट सेल्स हेड विवेक चतुर्वेदी के अनुसार, भारतीय इंश्योरेंस कंपनियों द्वारा ली जाने वाली प्रीमियम राशि विदेशी स्टूडेंट पॉलिसी की तुलना में लगभग 1.5 गुना कम होती है.

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विदेशी हेल्थ इंश्योरेंस की सीमाएं क्या हैं?

विदेशी हेल्थ इंश्योरेंस की लागत 65,000 रुपये से 1.65 लाख रुपये तक हो सकती है, जो इसे भारतीय ट्रैवल इंश्योरेंस की तुलना में काफी महंगा बनाती है. इतना खर्च करने के बावजूद ये पॉलिसी अक्सर सामान, पासपोर्ट, लैपटॉप की हानि, पढ़ाई में व्यवधान या स्पॉन्सर प्रोटेक्शन जैसी सुविधाएं नहीं देतीं. साथ ही, ये योजनाएं पहले से मौजूद बीमारियों, डेंटल केयर या यूनिवर्सिटी क्षेत्र के बाहर उपचार को भी कवर नहीं करती हैं. यदि छात्र पर्सनल ट्रिप के लिए किसी अन्य देश की यात्रा करते हैं, तो ये पॉलिसी आमतौर पर कवरेज नहीं देती, क्योंकि इनका दायरा केवल यूनिवर्सिटी के देश तक ही सीमित रहता है.

रिपोर्ट: साक्षी सिन्हा

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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