आधा भारत नहीं जानता शुभांशु शुक्ला को कितना लगा अंतरिक्ष में जाने का किराया, जान जाएगा तो करने लगेगा- हम भी... हम भी

अंतरिक्ष से वापस लौटने के बाद धरती पर पहला कदम रखते भारत के शुभांशु शुक्ला.
Shubhanshu Shukla Space Travel: भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की स्पेस यात्रा पर इसरो ने करीब 548 करोड़ रुपये खर्च किए, लेकिन आधा भारत अब भी इससे अनजान है. वे एक्सिओम-4 मिशन के तहत 18 दिनों तक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर रहे. उनकी टीम में अमेरिका, पोलैंड और हंगरी के अंतरिक्ष यात्री भी शामिल थे. इस मिशन की कुल अनुमानित लागत 1840 से 2340 करोड़ रुपये बताई जा रही है, जो सहभागी देशों के बीच साझा की गई.
Shubhanshu Shukla Space Travel: भारत के अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला 18 दिनों के प्रवास के बाद मंगलवार को धरती पर वापस लौट आए हैं. वे स्पेस एक्स के अंतरिक्ष मिशन एक्सिओम-4 के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) की यात्रा पर निकले थे. इस यात्रा में भारत के शुभांशु शुक्ला को मिशन पायलट के तौर पर अंतरिक्ष में भेजा गया है. उनकी टीम में अमेरिका की कमांड पैगी व्हिटसन, मिशन विशेषज्ञ के तौर पर पोलैंड के स्लावोज उज्नान्स्की-विस्नीवस्की और हंगरी के टिबोर कापू भी शामिल थे. इन चारों अंतरिक्ष यात्रियों ने 25 जून को अंतरिक्ष यात्रा की शुरुआत की थी. शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा की सीट बुक कराने के लिए इसरो ने नासा और स्पेस एक्स को करीब 65 मिलियन डॉलर यानी 548 करोड़ रुपये का भुगतान किया है, तो बाकी के अन्य तीन अंतरिक्ष यात्रियों की सीट के लिए कितनी रकम खर्च की गई होगी? आइए, इसके बारे में जानते हैं.
चार अंतरिक्ष यात्रियों का कितना लगा किराया
सीबीएस न्यूज डॉट कॉम की एक रिपोर्ट के अनुसार, मिशन एक्सिओम-4 के लिए एक्सिओम स्पेस और नासा ने कुल लागत का खुलासा नहीं किया है. हालांकि, निजी अंतरिक्ष मिशनों की लागत प्रति सीट लगभग 55-70 मिलियन डॉलर (करीब 460-585 करोड़ रुपये) होती है, जिसमें प्रशिक्षण, लॉन्च और मिशन का ऑपरेशन शामिल हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि एक्सिओम-4 मिशन में चार अंतरिक्ष यात्रियों (पैगी व्हिटसन, शुभांशु शुक्ला, स्लावोस उज़्नांस्की-विस्निव्स्की, और टिबोर कपु) ने हिस्सा लिया. इसके आधार पर अनुमानित कुल लागत 220-280 मिलियन डॉलर (करीब 1840 करोड़ रुपये से लेकर 2340 करोड़ रुपये) हो सकती है. यह लागत एक्सिओम स्पेस, नासा और सहभागी देशों (भारत, पोलैंड, हंगरी) के बीच बांटी गई थी.
शुभांशु शुक्ला पर इसरो ने कितना किया खर्च
इसरो ने शुभांशु शुक्ला की एक्सिओम-4 मिशन में भागीदारी के लिए उनकी सीट और प्रशिक्षण की लागत को उठाया. द हिंदू की एक रिपोर्ट के अनुसार, इसरो ने एक्सिओम-4 में शुभांशु शुक्ला की सीट, प्रशिक्षण और लॉन्च के लिए करीब 548 करोड़ रुपये (लगभग 65 मिलियन) खर्च किए. इसमें नासा के मानकों के अनुसार प्रशिक्षण शामिल था, जो एक्सिओम स्पेय द्वारा आयोजित किया गया. इस प्रशिक्षण में शारीरिक और मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन, मिशन सिमुलेशन और आईएसएस पर प्रयोगों की तैयारी शामिल थी. इसरो ने सात माइक्रोग्रैविटी प्रयोगों को डिजाइन किया, जिनमें माइक्रोएल्गी, टार्डिग्रेड्स और फसल बीजों पर अनुसंधान शामिल थे. इन प्रयोगों की लागत भी 548 करोड़ रुपयों में शामिल थी.
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अंतरिक्ष यात्रा में शामिल थीं अमेरिका की पैगी व्हिटसन
एक्सिओम स्पेस और नासा के मिशन एक्सिओम-4 में एक अमेरिकी महिला यात्री पैगी व्हिटसन भी शामिल थीं. पैगी व्हिटसन संयुक्त राज्य अमेरिका की हैं. उनका जन्म 9 फरवरी, 1960 को माउंट आयर, आयोवा में हुआ और वह बीकन्सफील्ड आयोवा में पली-बढ़ीं. वह एक अमेरिकी बायोकेमिस्ट और अंतरिक्ष यात्री हैं, जो नासा और एक्सिओम स्पेस के लिए काम कर चुकी हैं.
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लेखक के बारे में
By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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