CCPA Action: केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने अनिवार्य रूप से सर्विस चार्ज वसूलने वाले रेस्टोरेंट्स के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है. देश के अलग-अलग शहरों में स्थित 27 रेस्तरां पर कार्रवाई करते हुए सीसीपीए ने उन पर 50,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया है. साथ ही, सभी को निर्देश दिया गया है कि वे ग्राहकों से वसूली गई सर्विस चार्ज की राशि वापस करें और अपनी बिलिंग प्रणाली में जरूरी बदलाव करें. प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि अनिवार्य सर्विस चार्ज वसूलना एक अनुचित व्यापार प्रथा है.
उपभोक्ताओं की शिकायतों पर हुई कार्रवाई
सीसीपीए ने यह कदम सरकारी उपभोक्ता हेल्पलाइन पर मिली कई शिकायतों के आधार पर उठाया है. उपभोक्ताओं ने शिकायत की थी कि कई रेस्तरां उनकी अनुमति के बिना बिल में सीधे सर्विस चार्ज जोड़ रहे हैं और मना करने पर स्टाफ दबाव बनाता है. इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सीसीपीए ने स्वतः संज्ञान लिया और जांच शुरू की. जांच के बाद पाया गया कि बड़ी संख्या में रेस्टोरेंट्स लगातार नियमों का उल्लंघन कर रहे थे.
क्या कहता है कानून
आधिकारिक बयान के मुताबिक, यह मामला उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 2(47) के अंतर्गत अनुचित व्यापार प्रथा की श्रेणी में आता है. कानून के अनुसार, सर्विस चार्ज देना पूरी तरह उपभोक्ता की इच्छा पर निर्भर है. कोई भी होटल या रेस्तरां इसे बिल में अपने आप जोड़कर ग्राहक पर थोप नहीं सकता. ग्राहक चाहे तो सर्विस चार्ज देने से मना कर सकता है और रेस्तरां उसे हटाने के लिए बाध्य होंगे.
पटना से मुंबई तक रेस्टोरेंट्स पर गाज
जांच में सामने आया कि कई प्रतिष्ठान अपने बिल में स्वचालित रूप से 10% सर्विस चार्ज जोड़ रहे थे. इनमें कैफे ब्लू बॉटल, पटना और चाइना गेट रेस्टोरेंट प्राइवेट लिमिटेड (बोरा बोरा), मुंबई जैसे नाम भी शामिल हैं. सीसीपीए ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ऐसे सभी रेस्टोरेंट्स तत्काल यह प्रथा बंद करें, उपभोक्ताओं को रिफंड दें और भविष्य में केवल वैकल्पिक रूप से सर्विस चार्ज लेने की व्यवस्था करें.
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ग्राहकों के अधिकारों पर जोर
सीसीपीए ने दोहराया कि उपभोक्ताओं को बिल के हर हिस्से के बारे में स्पष्ट जानकारी और विकल्प मिलना चाहिए. यदि कोई रेस्टोरेंट जबरन सर्विस चार्ज वसूलता है, तो उपभोक्ता राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं. प्राधिकरण ने यह भी कहा कि आगे भी इस तरह की शिकायतों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा हो सके और पारदर्शी बिलिंग व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके.
भाषा इनपुट के साथ
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