Budget: अपने जीडीपी का 32.5% कमाकर 36.2% खर्च करता है अमेरिका, तो भारत कितना?
Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 29 Jan 2025 8:03 PM
अमेरिका और भारत के बजट में कितना अंतर है.
Budget: भारत का बजट विकसित देशों की तुलना में जीडीपी के अनुपात में कम है, लेकिन यह देश की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के अनुकूल है. जैसे-जैसे कर संग्रह में वृद्धि होगी और आर्थिक सुधार होंगे, भारत का बजट भी विस्तार लेगा. यह जरूरी है कि भारत अपनी राजस्व-से-जीडीपी अनुपात को बढ़ाए, ताकि अधिक व्यय किया जा सके.
Budget: भारत 1 फरवरी 2025 को अपना सालाना बजट पेश करेगा, जिसमें विभिन्न मदों से होने वाली कमाई और खर्च का लेखा-जोखा शामिल होगा. वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए भारत ने करीब 45 लाख करोड़ रुपये (45,00,000 करोड़ रुपये) का बजट पेश किया था. इसमें महत्वपूर्ण यह है कि दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका अपने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के अनुपात में 32.5% की राजस्व वसूली करके 36.2% खर्च करता है. कमाई और खर्च करने मामले में भारत अमेरिका के मुकाबले कहां खड़ा है? जब भारत के बजट की तुलना अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, रूस, चीन और जापान से की जाती है, तो महत्वपूर्ण अंतर दिखाई देते हैं. यह अंतर मुख्य रूप से जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) और सरकार की व्यय नीतियों पर निर्भर करता है. आइए इन देशों के बजट के बारे में जानते हैं.
भारत के बजट की खासियत
- बजट आकार: भारत का बजट दूसरे विकसित देशों की तुलना में छोटा है, लेकिन यह एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था के रूप में महत्वपूर्ण है.
- राजस्व और व्यय: भारत का राजस्व जीडीपी का 19.39% है, जो जर्मनी (46.9%) और अमेरिका (32.5%) से काफी कम है.
- बुनियादी ढांचा और रक्षा: भारत अपने बजट का बड़ा हिस्सा बुनियादी ढांचे और रक्षा क्षेत्र पर खर्च करता है.
- कल्याणकारी योजनाएं: मनरेगा, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना जैसी योजनाओं के तहत सरकारी सहायता बढ़ी है.
- कर प्रणाली: भारत की कर-से-जीडीपी अनुपात अन्य विकसित देशों की तुलना में कम है, जिससे राजस्व संग्रह में सीमाएं हैं.
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दूसरे देशों के बजट की विशेषताएं
- अमेरिका अपने बजट का बड़ा हिस्सा रक्षा, हेल्थकेयर और सामाजिक सुरक्षा पर खर्च करता है.
- चीन बुनियादी ढांचा और सैन्य विस्तार में भारी निवेश करता है.
- जर्मनी और फ्रांस सामाजिक कल्याण योजनाओं और पब्लिक हेल्थ सेक्टर में अधिक खर्च करते हैं.
- रूस सैन्य बजट और प्राकृतिक संसाधनों पर केंद्रित खर्च करता है.
- जापान सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और तकनीकी अनुसंधान में निवेश करता है.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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