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Bitcoin Scam CBI Raid: बिटकॉइन घोटाले पर सीबीआई की बड़ी कार्रवाई! देशभर में 60 जगहों पर छापेमारी

Updated at : 25 Feb 2025 9:22 PM (IST)
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Bitcoin Scam CBI Raid: सीबीआई ने 6,600 करोड़ रुपये के गैनबिटकॉइन बिटकॉइन घोटाले की जांच में देशभर में 60 जगहों पर छापेमारी की. इस क्रिप्टो पोंजी स्कीम के मास्टरमाइंड अमित और अजय भारद्वाज थे.

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Bitcoin Scam CBI Raid: सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) ने 6,600 करोड़ रुपये के गेनबिटकॉइन (GainBitcoin) क्रिप्टो घोटाले की जांच के तहत मंगलवार 25 फरवरी 2025 को देशभर में 60 जगहों पर छापेमारी की. यह कार्रवाई दिल्ली-एनसीआर, पुणे, चंडीगढ़, नांदेड़, कोल्हापुर और बेंगलुरु सहित कई शहरों में की गई. इस दौरान प्रमुख आरोपियों से जुड़े परिसरों की तलाशी ली गई.

6,600 करोड़ का गैनबिटकॉइन घोटाला

गेनबिटकॉइन कथित पोंजी स्कीम (Ponzi Scheme) का मास्टरमाइंड अमित भारद्वाज (अब दिवंगत) और उनके भाई अजय भारद्वाज को बताया जा रहा है. साल 2015 में शुरू हुई यह स्कीम वैरिएबलटेक प्राइवेट लिमिटेड के नाम से चलाई गई थी.

ऐसे हुआ घोटाला

  • निवेशकों को बिटकॉइन पर 18 महीने में हर महीने 10% रिटर्न देने का वादा किया गया.
  • उन्हें बाहरी एक्सचेंजों से बिटकॉइन खरीदने और “क्लाउड माइनिंग” अनुबंधों के जरिए गेनबिटकॉइन (GainBitcoin) में जमा करने के लिए प्रेरित किया गया.
  • यह मल्टी-लेवल मार्केटिंग (MLM) आधारित पोंजी स्कीम थी, जहां पुराने निवेशकों को नए निवेशकों के पैसे से भुगतान किया जाता था.

ऐसे खुली पोल

शुरुआती दिनों में निवेशकों को बिटकॉइन में भुगतान मिलता था, जिससे लोगों को यह एक लाभदायक योजना लगने लगी. लेकिन, 2017 के बाद जब नए निवेशक कम होने लगे, तो घोटाले का पर्दाफाश होने लगा. नुकसान को छुपाने के लिए कंपनी ने एकतरफा निवेशकों के बिटकॉइन को अपने खुद के एमकैप टोकन में बदल दिया, जिसकी कीमत बिटकॉइन की तुलना में बेहद कम थी. इससे निवेशकों को भारी नुकसान हुआ और देशभर में कई एफआईआर दर्ज की गईं.

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सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को सौंपी थी जांच की जिम्मेदारी

सुप्रीम कोर्ट ने घोटाले की विशालता और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव को देखते हुए इस मामले की जांच CBI को सौंप दी. सीबीआई ने अपनी जांच में अब तक क्रिप्टो वॉलेट, डिजिटल डिवाइस और आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए. सीबीआई ने ईमेल और क्लाउड डेटा से डिजिटल सबूत इकट्ठा किए. केंद्रीय जांच एजेंसी ने वैश्विक लेनदेन का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच शुरू की.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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