गुजरात में सेमीकंडक्टर परियोजना शुरू करेगी अनिल अग्रवाल की वेदांता, फॉक्सकॉन के साथ किया समझौता

Published by :KumarVishwat Sen
Published at :13 Sep 2022 4:32 PM (IST)
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गुजरात में सेमीकंडक्टर परियोजना शुरू करेगी अनिल अग्रवाल की वेदांता, फॉक्सकॉन के साथ किया समझौता

गुजरात में सेमीकंडक्टर परियोजना की शुरुआत के लिए वेदांता और फॉक्सकॉन के बीच हुए समझौते के बाद वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने ट्वीट किया, 'इतिहास बनता है.' उन्होंने यह भी कहा कि इससे भारत में आत्मनिर्भर सिलिकॉन वैली बनाने में मदद मिलेगी.

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नई दिल्ली : भारत के दिग्गज उद्योगपति अनिल अग्रवाल की वेदांता लिमिटेड अब गुजरात में सेमीकंडक्टर के निर्माण के लिए एक परियोजना की शुरुआत करेगी. इसके लिए उसने मंगलवार को इलेक्ट्रॉनिक समान का निर्माण करने वाली दिग्गज कंपनी फॉक्सकॉन के साथ समझौता किया है. गांधीनगर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौररान केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की उपस्थिति में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए. दोनों कंपनियों के बीच हुए सौदे के अनुसार, गुजरात में सेमीकंडक्टर परियोजना स्थापित करने के लिए वेदांता लिमिटेड और फॉक्सकॉन करीब 1.54 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगी.

परियोजना में 1.54 लाख करोड़ रुपये का निवेश

गुजरात में सेमीकंडक्टर परियोजना की शुरुआत के लिए वेदांता और फॉक्सकॉन के बीच हुए समझौते के बाद वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने ट्वीट किया, ‘इतिहास बनता है.’ उन्होंने यह भी कहा कि इससे भारत में आत्मनिर्भर सिलिकॉन वैली बनाने में मदद मिलेगी. इतिहास बन जाता . यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि गुजरात में नया वेदांत-फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित किया जाएगा. वेदांता का 1.54 लाख करोड़ रुपये का ऐतिहासिक निवेश भारत की आत्मनिर्भर सिलिकॉन वैली बनाने में मदद करेगा.

इलेक्ट्रॉनिक्स आयात होगा कम, बढ़ेगा रोजगार

वहीं, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि इस सुविधा से एक लाख रोजगार के अवसर पैदा होंगे. एक के बाद एक ट्वीट्स में वेदांत के अध्यक्ष ने बताया कि कैसे भारत की अपनी सिलिकॉन वैली अब एक कदम और करीब है. उन्होंने कहा कि यह परियोजना भारत में एक मजबूत विनिर्माण आधार बनाने के माननीय पीएम मोदी जी के दृष्टिकोण को पूरा करने में मदद करेगी. यह हमारे इलेक्ट्रॉनिक्स आयात को कम करेगा और हमारे लोगों को एक लाख प्रत्यक्ष कुशल रोजगार प्रदान करेगा.

अब चिप अब चिप मेकर बनेगा भारत

अनिल अग्रवाल ने गुजरात सरकार और केंद्रीय आईटी मंत्री का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने वेदांता को इतनी जल्दी चीजों को जोड़ने में मदद की है. अग्रवाल ने अपने ट्वीट में कहा कि भारत का तकनीक पारिस्थितिकी तंत्र फलेगा-फूलेगा, जिससे हर राज्य नए इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्रों से लाभान्वित होगा. उन्होंने कहा कि भारत की अपनी सिलिकॉन वैली अब एक कदम और करीब है. भारत न केवल अपने लोगों की, बल्कि समुद्र के पार के लोगों की भी डिजिटल जरूरतों को पूरा करेगा.चिप टेकर से चिप मेकर बनने का सफर आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है…जय हिंद.

अर्थव्यवस्था और नौकरियों को मिलेगा बढ़ावा : पीएम मोदी

वहीं, इस समझौते के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ट्वीट में कहा कि यह समझौता ज्ञापन भारत की सेमीकंडक्टर निर्माण महत्वाकांक्षाओं को तेज करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है. 1.54 लाख करोड़ रुपये का निवेश अर्थव्यवस्था और नौकरियों को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रभाव पैदा करेगा. यह सहायक उद्योगों के लिए एक विशाल पारिस्थितिकी तंत्र भी बनाएगा और हमारे एमएसएमई को मदद करेगा.

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सिलिकॉन वैली बनाने में मिलेगी मदद

बता दें कि पिछले पांच सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद वेदांता लिमिटेड के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने कई ट्वीट्स में भारत में एक और सिलिकॉन वैली बनाने की संभावना के बारे में बात की. फॉक्सकॉन तकनीकी भागीदार के रूप में काम कर रही है, जबकि तेल से धातु समूह वेदांता परियोजना का वित्तपोषण कर रहा है, क्योंकि यह चिप निर्माण में विविधता लाने की कोशिश कर रहा है. फॉक्सकॉन ने एक बयान में कहा कि राज्य के बुनियादी ढांचे और सरकार के सक्रिय समर्थन से सेमीकंडक्टर फैक्ट्री स्थापित करने में विश्वास बढ़ता है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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