Adani Share Updates : खुला शेयर बाजार, अदाणी के शेयरों पर सबकी नजर टिकी

Adani Share Updates : बैंक एवं बीमा कंपनियां खुद ही आगे आकर अदाणी समूह को लेकर अपनी स्थिति साफ कर रही हैं. इनका किसी भी एक कंपनी में अधिक पैसा नहीं लगा है. यह बात खुद वही सामने आकर कह रहे हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अदाणी समूह को लेकर कही ये बात
Adani Share Updates : आज सोमवार है और अदाणी समूह के शेयरों पर सबकी नजर बनी हुई है. सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 203.71 अंक टूटकर 60,638.17 अंक पर नजर आया. निफ्टी 64.05 अंक के नुकसान से 17,790 अंक पर है. इस बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अदाणी समूह के शेयरों में आयी भारी गिरावट को एक कंपनी तक केंद्रित मामला बताते हुए कहा है कि शेयर बाजार को स्थिर रखने के लिए सेबी और रिजर्व बैंक जैसे नियामकों को हमेशा चौकस रहना चाहिए. सीतारमण ने एक टीवी चैनल के साथ बातचीत में कहा है कि बैंक एवं बीमा कंपनियों ने किसी एक कंपनी में हद से अधिक निवेश नहीं किया है. इसके साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि भारतीय बाजारों का नियामक बहुत अच्छी तरह प्रबंधन करते हैं.
वित्त मंत्री ने कहा कि बैंक एवं बीमा कंपनियां खुद ही आगे आकर अदाणी समूह को लेकर अपनी स्थिति साफ कर रही हैं. उन्होंने कहा, इनका किसी भी एक कंपनी में अधिक पैसा नहीं लगा है. यह बात खुद वही सामने आकर कह रहे हैं. उन्होंने ‘टाइम्स नाऊ’ चैनल से कहा, हां, बाजार में कभी-कभार छोटे-मोटे झटके लगते रहे हैं. लेकिन ये नियामक इस तरह के मुद्दों का ध्यान रखते हैं. मेरी स्पष्ट राय है कि हमारे नियामक इस मसले में लगे हुए हैं.
अदाणी समूह की कंपनियों के शेयरों में बीते 10 दिन में भारी गिरावट आयी है. हिंडनबर्ग रिसर्च की एक रिपोर्ट में शेयरों के भाव बढ़ाने के लिए गलत तरीके अपनाने के आरोप लगने के बाद इस समूह का बाजार पूंजीकरण 100 अरब डॉलर से अधिक गिर चुका है. हालांकि, अदाणी समूह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उसकी कंपनियां सभी कानूनों एवं खुलासा प्रावधानों का पालन करती हैं.
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कोटक महिंद्रा बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी उदय कोटक ने अदाणी समूह के शेयरों में भारी गिरावट से फैली चिंता के बीच रविवार को कहा कि उन्हें वित्तीय व्यवस्था के लिए कोई प्रणालीगत जोखिम नहीं दिखता है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारतीय जोखिम आकलन और क्षमता निर्माण को मजबूत करने का समय अब आ गया है. उन्होंने कहा कि बड़े भारतीय कॉरपोरेट घराने ऋण और इक्विटी वित्त के लिए वैश्विक स्रोतों पर अधिक भरोसा करते हैं, जिससे उनके लिए चुनौतियां और कमजोरियां पैदा होती हैं.
भाषा इनपुट के साथ
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