ePaper

ATM, हालात सामान्‍य होने में दो सप्ताह का समय लगेगा : अरुण जेटली

Updated at : 12 Nov 2016 3:42 PM (IST)
विज्ञापन
ATM, हालात सामान्‍य होने में दो सप्ताह का समय लगेगा : अरुण जेटली

नयी दिल्ली : नोटबंदी व नोटबदली मामले पर देश भर में जारी अफरा-तफरी के बीच वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज बैंक प्रमुखों के साथ बैठक के बाद प्रेस कान्फ्रेंस की. जेटली ने स्वीकार किया कि नये नोटों को नयी साइज व डिजाइन के कारणएटीएम मशीनको पहचान करने में दिक्कत हो रही है. उन्होंने कहा […]

विज्ञापन

नयी दिल्ली : नोटबंदी व नोटबदली मामले पर देश भर में जारी अफरा-तफरी के बीच वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आज बैंक प्रमुखों के साथ बैठक के बाद प्रेस कान्फ्रेंस की. जेटली ने स्वीकार किया कि नये नोटों को नयी साइज व डिजाइन के कारणएटीएम मशीनको पहचान करने में दिक्कत हो रही है. उन्होंने कहा कि इसके लिए एटीएम मशीनों का रि-केलिब्रेशन पुनर्व्यवस्थित करना होगा, जिसमें दो सप्ताह का समय लगेगा.वित्तमंत्रीकेइसबयानसे साफ है कि नये बड़े नोटों का मशीनों सेसुचारुप्रवाहकमसे कम दो सप्ताह बाद ही हो सकेगा. उन्होंने कहा कि इस पूरी कवायदकीगोपनीयता बनाये रखनी थी, इसलिए हम यह काम बड़ी संख्या में पहले नहीं करवा सकते थे.जेटलीने यह भी कहा कि सोमवार को जिन राज्यों मेंगुरुपर्व की छुट्टी नहींहै,वहां बैंकखुले रहेंगे. उन्होंने इस सवाल पर कि कोई आदमी चार हजार रुपये कितनी बार बदल सकता है, कहा कि इस बारे में सरकार की कोई गाइडलाइन नहीं है.

देश भर में आम लोगों को हो रही परेशानी को लेकर जेटली ने बताया कि आज नोट बदली का तीसरा दिन है. बैंकों में जो भीड़ है वो सामान्य बिजनेस से सौ गुना ज्यादा है, लेकिन लोगों का आभार जताऊंगा कि वो पूर्ण रूप से सहयोग कर रहे हैं. बैंक के अधिकारी भी सुबह से लेकर देर रात तक बहुत काम कर रहे हैं. सरकार ने जब यह निर्णय लिया था कि 500 व 1000 का नोट वैध नहीं रहेगा तो यह स्वभाविक था कि 86 प्रतिशत कुल करेंसी को बदलवाने के लिए भीड़ होगी. अभी यह ऑपरेशन शुरू हुआ है कितना बड़ा होगा, इसकी कल्पना नहीं की जा सकती है.

पिछले दो दिन से बैंकों में जमा हुई राशि के बारे में बताते हुए जेटली ने कहा कि हमलोग बैंक के अधिकारी से डेटा मंगवाते हैं, लेकिन अभी उनकी व्यस्तता के चलते बारबार आंकड़ा नहीं मंगवा रहे हैं. हालांकि उन्होंने आज सवा बारह बजे तक के उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर कई अहम बातें कहीं. उन्होंने कहा कि देश के 25 प्रतिशत बैंकों का कारोबार स्टेट बैंकसे होता है. स्टेट बैंक ने अभी तक 2 करोड़ 28 लाख ट्रांजेक्शन किया है. बहुत कम लोग होंगे दो बार आये होंगे. इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कुल मिलाकर कितनी मात्रा में लोगों को बैंक सर्विसदेरहे हैं. स्टेट बैंक का मॉनिटरी ट्रांजेक्शन 54 हजार 370 करोड़ हुआ है. डिपॉजिट कैश 47 हजार करोड़ रुपये है.

जेटली ने कहा कि योजना का मुख्य उद्देश्य था कि कैश बैंकों से जुड़े. अभी तक स्टेट बैंक से 58 लाख लोगों ने एक्सचेंज किया. 33 लाख लोगों ने पैसा निकाला है. करोड़ों की संख्या में पिछले दो दिनों में लोग पैसा डिपोजिट कर रहे हैं, निकाल भी रहे हैं. इतना बड़ा करेंसी रिप्लेसमेंट रातों-रात नहीं होता है. उन्होंने कहा कि इसमें चुनौतियां भी हैं. पहला चैलेंज है कि इतनी बड़ी संख्या में लोग आये है, कुछ और दिन तक लोगों इस तरह आयेंगे. मेरी इतनी अपील है कि अभी 30 दिसंबर तक नोट रिप्लेसमेंट किया जा सकता है, इसलिए सबसे पहले आना कोई जरूरी नहीं है, थोड़े दिन बाद आयेंगे तो परेशानी कम होगी.

उन्होंने कहा कि एटीएम में नये नोट निकल नहीं पा रहे हैं. मशीन में बदलाव करने की जरूरत है. यह पहले किया नहीं जा सकता था क्योंकि इसकी गोपनीयता बनी रहनी चाहिए. तरह-तरहकी राजनीतिक प्रतिक्रिया आती हैं कुछ लोग गैरजिम्मेदराना बात करते हैं. इस तरह का सुझाव देना कि एक सप्ताह का समय देना चाहिए. खुली छूट एक सप्ताह तक नहीं दिया जा सकता है. उन्होंने कहा कि एक और गैरजिम्मेदाराना बयान दिया गया है कि बैंकों में डिपॉजिट बढ़ गयी इसलिए इस तरह का कदम उठाया गया. सिर्फ एक महीने सितंबर के लिए डिपॉजिट बढ़ गयी है क्योंकि पे कमीशन का एरियर आया था. उन्होंने केजरीवाल का नाम लिये बिना कहा कि 31 अगस्त से 15 सितंबर तक बैंक में बढ़े डिपॉजिट को आधार बना करमनगढंतबातें कही जा रही है. ध्यान रहे कि केजरीवालने आरोप लगाया था किपीएमनरेंद्र मोदी ने पहले ही अपने दोस्तों को इस बारे में आगाह कर दिया था, इसलिए पिछले क्वार्टर में बैंकडिपॉजिट बढ़ गया.

जेटलीनेविभिन्न वर्ग के लिए छूट मांगने के सवालपरकहा कि किसी वर्ग के लिए छूट मांगने का उद्देश्य कालाधन को खपानाहै.

वित्त मंत्री जेटली ने अपीलकी कि इस परिस्थिति का कुछ लोग नाजायज फायदा उठा रहे हैं. नमक की कीमत के बारे में अफवाह बढ़ गयी है. क्लीन मनी के लिए यह व्यवस्था लायी गयी है, इसलिए व्यवसाय करने के लिए लोगों को मानसिकता में बदलाव लाना होगा. सरकार यह कभी स्वीकार नहीं करेगीकि गैरकानूनी ढंग से ट्रांजेक्शन हो.जेटलीने कहा किमैं एक बार फिर से विश्वास दिलाना चाहूंगा कि रिजर्व बैंक के पास पर्याप्त करेंसी है. उन्होंने यह भी कहा कि मजदूर वर्ग के पेमेंट से संबंधित दिक्कतों पर सरकार की नजर है. जेटली ने कहा कि करोड़ों की संख्या में, बैकिंग सिस्टम, पोस्ट ऑफिस सिस्टम कस्टमर को इंटरटेन कर रहा है. बैंक में हर व्यक्ति का पैसा आता है और वह बिलकुल सुरक्षित है. इस नयी व्यवस्था के दौरान अब धीरे-धीरे अपना मन बनायें व नये माध्यमों का उपयोग करें, जीवन भी सरल रहेगा और नयी अर्थव्यवस्था में उसकी गुंजाइश भी ज्यादा है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola