पहली तिमाही में 5 सरकारी बैंकों को ढाई हजार करोड रुपये से अधिक का घाटा
Updated at : 13 Aug 2016 11:00 AM (IST)
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नयी दिल्ली: फंसे हुए कर्ज के बोझ से दबे सार्वजनिक क्षेत्र के पांच बैंकों को वर्तमान वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कुल मिलाकर ढाई हजार करोड रुपयेसे अधिक का घाटा हुआ है. इन पांच बैंकों में बैंक ऑफ इंडिया, देना बैंक और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शामिल हैं.इसी बीच देश के सबसे बडे भारतीय […]
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नयी दिल्ली: फंसे हुए कर्ज के बोझ से दबे सार्वजनिक क्षेत्र के पांच बैंकों को वर्तमान वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कुल मिलाकर ढाई हजार करोड रुपयेसे अधिक का घाटा हुआ है. इन पांच बैंकों में बैंक ऑफ इंडिया, देना बैंक और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शामिल हैं.इसी बीच देश के सबसे बडे भारतीय स्टेट बैंक के एकीकृत मुनाफे में इस अवधि में 78 प्रतिशत की गिरावट आई है और यह 1,046 करोड़ रुपये रहा जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 4,714 करोड रुपये था.
आलोच्य अवधि में ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के शुद्ध लाभ में 61 प्रतिशत का कमी आई और यह 100.69 करोड़ रुपये रहा जो पिछले वित्त वर्ष में इस दौरान 257.84 करोड़ रुपये था.इस अवधि में बैंक ऑफ इंडिया को 741.3 करोड रपये, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को 600 करोड रुपये और बैंक ऑफ महाराष्ट्र को 397.40 करोड रुपये का घाटा हुआ. इसके अलावा देना बैंक को 279.35 करोड रुपये और इलाहाबाद बैंक को 564.9 करोड रुपयेका घाटा हुआ.
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